अमरकंटक में नई गौशाला के लिए नर्मदे हर सेवा न्यास का भूमि पूजन
अमरकंटक। पवित्र नगरी अमरकंटक में समाजसेवा के अलग-अलग कामों में सक्रिय श्री नर्मदे हर सेवा न्यास ने गौसेवा के क्षेत्र में एक और पहल की है।
अमरकंटक। पवित्र नगरी अमरकंटक में समाजसेवा के अलग-अलग कामों में सक्रिय श्री नर्मदे हर सेवा न्यास ने गौसेवा के क्षेत्र में एक और पहल की है। न्यास परिसर में नवीन गौशाला के निर्माण के लिए भूमि पूजन कार्यक्रम संपन्न हुआ। यह कार्यक्रम न्यास के अध्यक्ष एवं मध्य प्रदेश राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री रामलाल रौतेल जी की उपस्थिति में हुआ।
भूमि पूजन के इस कार्यक्रम में श्री मिलिंद जी गुरुजी, मृत्युंजय आश्रम के श्री योगेश दुबे, पुजारी श्री वंदे महाराज और अमरकंटक नगर के कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। नवीन गौशाला का निर्माण न्यास की लगातार चल रही सेवा गतिविधियों को आगे बढ़ाने की दिशा में एक नया कदम बताया गया है।
न्यास से जुड़े सेवा कार्यों में गौसेवा को विशेष स्थान दिया गया है। भारतीय संस्कृति और परंपरा में गौसेवा को अहम माना जाता रहा है। ऐसे में नवीन गौशाला के निर्माण से गौसंरक्षण और गौसेवा के कामों को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने में मदद मिलने की बात कही गई है। भूमि पूजन के साथ इस नई गौशाला के निर्माण की दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ी है।
श्री नर्मदे हर सेवा न्यास पिछले 19 वर्षों से समाजसेवा के क्षेत्र में लगातार काम कर रहा है। न्यास की गतिविधियां सिर्फ एक क्षेत्र तक सीमित नहीं हैं। धार्मिक, सामाजिक, स्वास्थ्य और पर्यावरण से जुड़े अलग-अलग कामों के जरिए समाज के जरूरतमंद वर्गों तक सेवाएं पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
न्यास की प्रमुख सेवा गतिविधियों में नर्मदा परिक्रमा पर आने वाले श्रद्धालुओं और परिक्रमा वासियों को नियमित रूप से भोजन कराना भी शामिल है। नर्मदा परिक्रमा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए भोजन की व्यवस्था की जाती है। यह काम सेवा और आतिथ्य की उस परंपरा से जुड़ा है, जो अमरकंटक जैसे धार्मिक स्थल की पहचान का हिस्सा है।
अमरकंटक आने वाले परिक्रमा वासियों और श्रद्धालुओं के लिए भोजन उपलब्ध कराने का काम न्यास की नियमित सेवाओं में शामिल है। न्यास धार्मिक गतिविधियों के साथ सामाजिक जरूरतों से जुड़े कामों पर भी ध्यान दे रहा है। इसी क्रम में नई गौशाला का निर्माण सेवा कार्यों के विस्तार से जुड़ी पहल के रूप में सामने आया है।
श्री नर्मदे हर सेवा न्यास औषधीय पौधों के उत्पादन और वितरण के क्षेत्र में भी काम कर रहा है। औषधीय पौधों के संरक्षण, उनके इस्तेमाल के प्रति जागरूकता और उनके प्रसार से जुड़े प्रयास भी न्यास की गतिविधियों का हिस्सा हैं। इन कामों को पर्यावरण संरक्षण और पारंपरिक वनस्पति ज्ञान को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना गया है।
न्यास की ओर से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में समय-समय पर स्वास्थ्य शिविर भी लगाए जाते हैं। इन शिविरों के जरिए ग्रामीणों तक स्वास्थ्य से जुड़ी सेवाएं पहुंचाने का प्रयास किया जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने और लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने में ऐसे शिविर उपयोगी भूमिका निभाते हैं।
नवीन गौशाला के लिए हुआ भूमि पूजन न्यास की 19 वर्षों से जारी सेवा गतिविधियों की श्रृंखला का नया हिस्सा है। गौसेवा के साथ नर्मदा परिक्रमा वासियों के लिए भोजन की व्यवस्था, औषधीय पौधों का उत्पादन एवं वितरण और ग्रामीण स्वास्थ्य शिविरों के जरिए न्यास समाज के अलग-अलग वर्गों के लिए काम कर रहा है।
अमरकंटक की धार्मिक और प्राकृतिक महत्ता को देखते हुए यहां चल रही ऐसी सेवा गतिविधियां श्रद्धालुओं, स्थानीय ग्रामीणों और समाज के जरूरतमंद लोगों के लिए उपयोगी हैं। नवीन गौशाला का निर्माण इसी सेवा परंपरा को आगे बढ़ाने की दिशा में किया जा रहा है। भूमि पूजन कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने न्यास की सेवा गतिविधियों और गौसेवा से जुड़े इस नए काम को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
नई गौशाला के लिए भूमि पूजन कहां हुआ?
नई गौशाला के निर्माण के लिए अमरकंटक स्थित श्री नर्मदे हर सेवा न्यास परिसर में भूमि पूजन हुआ।
भूमि पूजन कार्यक्रम में कौन मौजूद रहे?
कार्यक्रम में न्यास के अध्यक्ष श्री रामलाल रौतेल, श्री मिलिंद जी गुरुजी, श्री योगेश दुबे, पुजारी श्री वंदे महाराज और अमरकंटक के कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
नई गौशाला बनाने का उद्देश्य क्या है?
नई गौशाला से गौसंरक्षण और गौसेवा के कामों को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
श्री नर्मदे हर सेवा न्यास कितने समय से समाजसेवा कर रहा है?
श्री नर्मदे हर सेवा न्यास पिछले 19 वर्षों से समाजसेवा के क्षेत्र में काम कर रहा है।
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