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क्या पुर्तगाल को रोनाल्डो को टीम से बाहर करना चाहिए?

वर्ल्ड कप 2026: क्या पुर्तगाल को 'GOAT' रोनाल्डो को अब टीम से बाहर करना चाहिए? क्रिस्टियानो रोनाल्डो का शानदार करियर करीब दो दशकों से फुटबॉल फैंस के लिए एक बड़ा आकर्षण रहा है।

OFFSIDE | WORLD CUP 2026:  Portugal need to put 'GOAT' Ronaldo out to pasture

वर्ल्ड कप 2026: क्या पुर्तगाल को 'GOAT' रोनाल्डो को अब टीम से बाहर करना चाहिए?

क्रिस्टियानो रोनाल्डो का शानदार करियर करीब दो दशकों से फुटबॉल फैंस के लिए एक बड़ा आकर्षण रहा है। मैनचेस्टर यूनाइटेड, रियल मैड्रिड और जुवेंटस जैसे बड़े क्लब्स में खेलते हुए उन्होंने दुनिया भर में अपनी पहचान बनाई। 2021 में मैनचेस्टर यूनाइटेड में उनकी वापसी ने फैंस को बेहद उत्साहित कर दिया था। मशहूर कमेंटेटर पीटर ड्रुरी ने उन्हें "चलता-फिरता कला का नमूना" कहा था और उनके मेडिरा, मैनचेस्टर, मैड्रिड और ट्यूरिन के सफर की तारीफ की थी।

लेकिन मैनचेस्टर यूनाइटेड में ये वापसी ज्यादा समय तक अच्छी नहीं रही। शुरुआत में उनका प्रदर्शन तो ठीक था, लेकिन उनकी मौजूदगी से टीम में असंतुलन की खबरें आईं, जो मैनेजर ओले गुनर सोलशायर की बर्खास्तगी की वजह बनीं। इसके बाद पियर्स मॉर्गन को दिए एक विवादास्पद इंटरव्यू के चलते रोनाल्डो का कॉन्ट्रैक्ट खत्म कर दिया गया। आलोचकों का कहना है कि रोनाल्डो का मैदान पर योगदान अब पहले जैसा नहीं रहा। पेनल्टी बॉक्स में उनकी मूवमेंट को "भेड़" जैसा बताया गया, जबकि उनके फैंस उन्हें "GOAT" (ग्रेटेस्ट ऑफ ऑल टाइम) मानते हैं।

हाल के मैचों में रोनाल्डो के प्रदर्शन पर और सवाल उठे हैं। एक मौके पर उनके फैसले की वजह से ब्रूनो फर्नांडिस एक आसान गोल करने से चूक गए। थियरी हेनरी ने कहा कि अगर रोनाल्डो ने बॉल को जाने दिया होता, तो फर्नांडिस के लिए ये एक साधारण टैप-इन होता। इसके बजाय, रोनाल्डो अक्सर ऑफसाइड पोजीशन में पाए जाते हैं और टीम के खेल में ज्यादा योगदान नहीं दे पा रहे। वहीं, वेन रूनी का कहना है कि रोनाल्डो की पोजीशनिंग से कम से कम बाकी खिलाड़ियों के लिए जगह बनती है, लेकिन कई लोगों का मानना है कि पुर्तगाल को अब अपने इस दिग्गज खिलाड़ी को बेंच पर बैठाने का मुश्किल फैसला लेना चाहिए।

रोनाल्डो को एक अलग भूमिका में डालने का सुझाव भी दिया जा रहा है। भारतीय राजनीति में एक "मार्गदर्शक मंडल" का कॉन्सेप्ट है, जिसमें सीनियर नेता सक्रिय भूमिका से हटकर पार्टी को गाइड करते हैं। पुर्तगाल भी इससे प्रेरणा ले सकता है। याद दिला दें कि 2016 के यूरो कप में पुर्तगाल ने जब जीत दर्ज की थी, तब रोनाल्डो मैदान पर नहीं थे। उनकी लीडरशिप और अनुभव को मैदान के बाहर इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे युवा खिलाड़ियों को मौका मिल सके।

2026 वर्ल्ड कप की तैयारी के बीच पुर्तगाल एक अहम मोड़ पर खड़ा है। अगर वे रोनाल्डो पर ज्यादा निर्भर रहे, तो वे फुटबॉल का सबसे बड़ा खिताब जीतने का मौका गंवा सकते हैं। अपने आइकॉनिक स्टार को पीछे छोड़ने का फैसला मुश्किल जरूर होगा, लेकिन टीम के भविष्य की सफलता के लिए ये जरूरी हो सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या रोनाल्डो का प्रदर्शन अब पहले जैसा नहीं रहा?

हाँ, आलोचकों का कहना है कि रोनाल्डो का मैदान पर योगदान अब पहले जैसा नहीं रहा है।

रोनाल्डो को टीम से बाहर करने का सुझाव क्यों दिया जा रहा है?

क्योंकि उनकी पोजीशनिंग से टीम के खेल में योगदान कम हो रहा है और युवा खिलाड़ियों को मौका मिल सकता है।

क्या पुर्तगाल को रोनाल्डो को बेंच पर बैठाने का फैसला लेना चाहिए?

यह एक मुश्किल फैसला हो सकता है, लेकिन टीम के भविष्य की सफलता के लिए जरूरी हो सकता है।

रोनाल्डो को किस प्रकार की नई भूमिका में डालने का सुझाव दिया जा रहा है?

उन्हें एक मार्गदर्शक की भूमिका में डालने का सुझाव दिया जा रहा है, जैसे सीनियर नेता पार्टी को गाइड करते हैं।

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