यूजीसी-नेट के 84 विषयों के नतीजे आए, 4,000 से ज्यादा जेआरएफ के लिए क्वालीफाई
यूजीसी-नेट के नतीजे घोषित। 97,000+ पीएचडी के लिए, 4,000+ जूनियर रिसर्च फेलोशिप के लिए क्वालीफाई। 3 विषयों के एग्जाम सितंबर में दोबारा होंगे।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने 84 सब्जेक्ट्स के लिए यूजीसी-नेट के नतीजे घोषित कर दिए हैं। 97,000 से ज्यादा कैंडिडेट्स पीएचडी एडमिशन के लिए क्वालीफाई हुए हैं और 4,000 से ज्यादा को जूनियर रिसर्च फेलोशिप की योग्यता मिली है।
एनटीए के एक सीनियर अधिकारी ने शुक्रवार देर शाम इन आंकड़ों की पुष्टि करते हुए कहा कि 84 सब्जेक्ट्स में कुल 6.07 लाख कैंडिडेट्स एग्जाम में शामिल हुए थे।
नतीजों के लिए दो महीने का इंतज़ार
ये एग्जाम जून में हुए थे, लेकिन आंसर की 16 अगस्त को जारी हुई, कैंडिडेट्स के एग्जाम देने के करीब दो महीने बाद। जिस दिन आंसर की जारी हुई, उसी दिन एनटीए ने एक स्पेशल नोटिस निकालकर तीन सब्जेक्ट पेपर्स में खामियां बताईं।
एक एक्सपर्ट कमेटी ने सोशियोलॉजी, कॉमर्स और इंग्लिश के क्वेश्चन पेपर्स में फैक्चुअल, टाइपोग्राफिकल, ट्रांसलेशन और लैंग्वेज से जुड़ी गलतियां पाईं। कुछ घंटे बाद ही एजेंसी ने ऐलान किया कि इन खामियों की वजह से तीनों एग्जाम सितंबर में दोबारा लिए जाएंगे।
सितंबर में दोबारा होंगे एग्जाम
दोबारा होने वाले एग्जाम 9 और 10 सितंबर को होंगे। जिन कैंडिडेट्स के एग्जाम कैंसल हुए हैं, उनसे दोबारा एग्जाम देने के लिए कोई अतिरिक्त फीस नहीं ली जाएगी।
यूजीसी-नेट एनटीए की तरफ से कराया जाता है। इससे भारतीय नागरिकों की असिस्टेंट प्रोफेसर की पोस्ट और देशभर की यूनिवर्सिटीज और कॉलेजों में जूनियर रिसर्च फेलोशिप के लिए योग्यता तय होती है।
स्रोत: The Hindu
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
यूजीसी-नेट के 84 विषयों के नतीजे कब आए और कितने स्टूडेंट्स क्वालीफाई हुए?
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने 84 विषयों के लिए यूजीसी-नेट के नतीजे घोषित कर दिए। इसमें 97,000 से ज्यादा कैंडिडेट्स पीएचडी एडमिशन के लिए क्वालीफाई हुए हैं और 4,000 से ज्यादा को जूनियर रिसर्च फेलोशिप की योग्यता मिली है।
नतीजे आने में इतना समय क्यों लगा?
एग्जाम जून में हुए थे, लेकिन आंसर की 16 अगस्त को जारी हुई। इसका मतलब है कि कैंडिडेट्स के एग्जाम देने के करीब दो महीने बाद नतीजे आए।
सोशियोलॉजी, कॉमर्स और इंग्लिश के एग्जाम्स में क्या समस्या थी?
एक्सपर्ट कमेटी ने इन तीनों विषयों के क्वेश्चन पेपर्स में फैक्चुअल, टाइपोग्राफिकल, ट्रांसलेशन और लैंग्वेज से जुड़ी गलतियां पाईं। इसी वजह से इन तीनों एग्जाम्स को सितंबर में दोबारा लिया जाएगा।
कैंसल हुए एग्जाम्स को दोबारा कब लिया जाएगा?
सोशियोलॉजी, कॉमर्स और इंग्लिश के एग्जाम्स को 9 और 10 सितंबर को दोबारा लिया जाएगा। कैंडिडेट्स से कोई अतिरिक्त फीस नहीं ली जाएगी।
यूजीसी-नेट का मतलब क्या है और इसके लिए कुल कितने कैंडिडेट्स शामिल हुए?
यूजीसी-नेट एनटीए की तरफ से कराया जाता है जिससे असिस्टेंट प्रोफेसर की पोस्ट और जूनियर रिसर्च फेलोशिप के लिए योग्यता तय होती है। इस बार 84 विषयों में कुल 6.07 लाख कैंडिडेट्स एग्जाम में शामिल हुए थे।
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