अगस्त में प्याज के दाम 11 फीसदी बढ़े, खाने की चीजों में सबसे ज्यादा महंगाई
अगस्त में प्याज के दाम सबसे ज्यादा 11 फीसदी बढ़े। चावल, चीनी, दाल और तेल भी महंगे हुए। मौसम और पश्चिम एशिया संघर्ष जिम्मेदार।
अगस्त में प्याज के दाम 11 फीसदी बढ़े, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की निगरानी में आने वाली सभी खाने की चीजों में यह सबसे ज्यादा बढ़ोतरी रही। रक्षाबंधन के त्योहार से पहले चीनी की बढ़ती कीमतों की वजह से लोगों पर पहले से ही महंगाई का बोझ था, अब इसमें और इजाफा हो गया है।
सेंट्रल बैंक की अगस्त की मंथली रिपोर्ट में 1-21 अगस्त के बीच औसत कीमतों की तुलना जुलाई की उसी अवधि से की गई, जिससे पता चला कि रोजमर्रा की जरूरत की चीजों में व्यापक तौर पर कीमतों का दबाव बना हुआ है। चावल 2.1 फीसदी महंगा हो गया, जबकि गेहूं के दाम 0.6 फीसदी बढ़े। दालों में चना दाल 1 फीसदी, अरहर दाल 0.5 फीसदी और मूंग दाल 0.4 फीसदी महंगी हुई।
खाना बनाने के तेल में भी उछाल
खाने के तेलों में भी खासी बढ़ोतरी दर्ज की गई: सरसों का तेल 1.6 फीसदी, मूंगफली का तेल 1 फीसदी और सूरजमुखी और पाम ऑयल दोनों 0.9 फीसदी बढ़े। चीनी के दाम रोजाना बदल रहे हैं और देश के कई हिस्सों में 70 रुपये प्रति किलो से ऊपर पहुंच गए हैं। आलू ही एकमात्र चीज रही जिसमें मामूली गिरावट देखी गई।
मौसम और पश्चिम एशिया संघर्ष को ठहराया जिम्मेदार
RBI ने कीमतों में उछाल की वजह मौसम के असर और पश्चिम एशिया संघर्ष से सप्लाई चेन में आई दिक्कतों को बताया। बैंक ने कहा कि इस इलाके में तनाव ने एनर्जी की कीमतों और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क पर दबाव बनाया है। बढ़ती फ्यूल और कच्चे माल की कीमतों ने ट्रांसपोर्ट और प्रोडक्शन का खर्च बढ़ा दिया है, जो अब फाइनल प्रोडक्ट की कीमतों में दिख रहा है।
अंतरराष्ट्रीय क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतें घरेलू इकोनॉमी में फैल गई हैं, जिससे महंगाई का दबाव और बढ़ गया है।
UN ने जताई ग्लोबल फूड सिक्योरिटी की चिंता
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने सिक्योरिटी काउंसिल की 'फूड अंडर फायर' चर्चा में चेतावनी दी कि युद्ध और संघर्ष अब सिर्फ प्रभावित देशों तक सीमित नहीं रह गए हैं बल्कि ग्लोबल फूड सप्लाई को बाधित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सशस्त्र संघर्ष, प्रतिबंध और अहम समुद्री रास्तों में रुकावटें कीमतें बढ़ा रही हैं और खाने, फ्यूल और फर्टिलाइजर की उपलब्धता कम कर रही हैं।
स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज का उदाहरण देते हुए गुटेरेस ने बताया कि दुनिया की तेल सप्लाई का करीब पांचवां हिस्सा और ग्लोबल फर्टिलाइजर ट्रेड का करीब एक तिहाई हिस्सा इस जलमार्ग से गुजरता है। UN ने दुनियाभर में बढ़ते सशस्त्र संघर्षों के बीच ग्लोबल फूड सिक्योरिटी को लेकर गंभीर चिंता जताई है।
स्रोत: Live Hindustan
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अगस्त में कौन सी चीज सबसे महंगी हुई?
अगस्त में प्याज के दाम 11 फीसदी बढ़े, जो RBI की निगरानी में आने वाली सभी खाने की चीजों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी रही।
और कौन कौन सी चीजों के दाम बढ़े?
चावल 2.1 फीसदी, गेहूं 0.6 फीसदी, चना दाल 1 फीसदी, सरसों का तेल 1.6 फीसदी, मूंगफली का तेल 1 फीसदी महंगे हुए। सिर्फ आलू में मामूली गिरावट देखी गई।
कीमतें क्यों बढ़ रही हैं?
RBI के अनुसार, मौसम के असर और पश्चिम एशिया के संघर्ष से सप्लाई चेन में दिक्कत आ रही है। इससे एनर्जी और कच्चे माल की कीमतें बढ़ी हैं, जिससे ट्रांसपोर्ट और प्रोडक्शन का खर्च बढ़ गया है।
यह समस्या सिर्फ भारत में है क्या?
नहीं, संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि युद्ध और संघर्ष ग्लोबल फूड सप्लाई को बाधित कर रहे हैं। Strait of Hormuz जलमार्ग से दुनिया की तेल सप्लाई का पांचवां हिस्सा और ग्लोबल फर्टिलाइजर ट्रेड का एक तिहाई हिस्सा गुजरता है।
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