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उमर अब्दुल्ला का पाकिस्तान को दो टूक जवाब, सिंधु जल संधि पर बोले- अब इसे हमेशा के लिए खत्म कर देना चाहिए

भारत-पाकिस्तान के बीच सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) को लेकर तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है।

उमर अब्दुल्ला का पाकिस्तान को दो टूक जवाब, सिंधु जल संधि पर बोले- अब इसे हमेशा के लिए खत्म कर देना चाहिए
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भारत-पाकिस्तान के बीच सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) को लेकर तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत को चेतावनी देते हुए कहा है कि पाकिस्तान के पानी की एक-एक बूंद उसकी "रेड लाइन" है और अगर उसके जल स्रोतों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश हुई तो पाकिस्तान इसका सीधा जवाब देगा। उनके इस बयान के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पाकिस्तान को कड़ा जवाब दिया है।

उमर अब्दुल्ला ने सिंधु जल संधि पर क्या कहा?

उमर अब्दुल्ला ने साफ कहा कि सिंधु जल संधि को अब सिर्फ कुछ समय के लिए निलंबित रखने के बजाय इसे स्थायी रूप से खत्म करने पर विचार होना चाहिए।

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री का कहना है कि दशकों से इस समझौते के कारण जम्मू-कश्मीर अपने जल संसाधनों का पूरी तरह इस्तेमाल नहीं कर पाया। उनके मुताबिक, जिस पानी पर पाकिस्तान अपना अधिकार जताता है, वह जम्मू-कश्मीर की नदियों से होकर आता है और इस पूरे मामले में J&K के हितों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।

उन्होंने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए यह भी सवाल उठाया कि अगर पाकिस्तान खुद को कश्मीरियों का हितैषी बताता है, तो फिर जम्मू-कश्मीर की नदियों के पानी के इस्तेमाल पर आपत्ति क्यों करता है।

शहबाज शरीफ ने भारत को दी पानी पर चेतावनी

यह विवाद पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के भाषण के बाद और तेज हुआ।

इस्लामाबाद में आयोजित 'यादगार-ए-फतह' कार्यक्रम में शहबाज शरीफ ने सिंधु जल संधि को लेकर भारत पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के पानी की हर बूंद उसकी "रेड लाइन" है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर पाकिस्तान की जल आपूर्ति को खतरा पैदा किया गया तो उनका देश "सीधा जवाब" देगा।

शहबाज शरीफ ने अपने बयान में भारत-पाकिस्तान के बीच 2025 में हुए सैन्य टकराव का भी जिक्र किया और भविष्य में किसी चुनौती का सामना होने पर जवाब देने की बात कही।

सिंधु जल संधि को लेकर क्यों बढ़ रहा है विवाद?

सिंधु जल संधि साल 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुई थी। विश्व बैंक की मध्यस्थता में हुए इस समझौते के तहत सिंधु नदी प्रणाली की छह प्रमुख नदियों के पानी के इस्तेमाल को लेकर दोनों देशों के बीच व्यवस्था तय की गई थी।

भारत ने अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद इस संधि को निलंबित कर दिया था। इसके बाद से पाकिस्तान लगातार भारत से संधि बहाल करने की मांग करता रहा है।

अब पाकिस्तान की ओर से एक बार फिर पानी को लेकर कड़े बयान आने के बाद भारत में भी राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज हो गई है।

'हमारे खून का इस्तेमाल हुआ, पानी भी हमारा है', उमर अब्दुल्ला का हमला

उमर अब्दुल्ला ने पाकिस्तान की ओर से जम्मू-कश्मीर के पानी पर जताए जा रहे अधिकार को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान एक तरफ कश्मीरियों के प्रति हमदर्दी दिखाने की बात करता है, लेकिन दूसरी तरफ जम्मू-कश्मीर के प्राकृतिक संसाधनों पर भारत के इस्तेमाल का विरोध करता है।

उनका तर्क है कि जम्मू-कश्मीर को लंबे समय तक अपने ही जल संसाधनों के इस्तेमाल में कई सीमाओं का सामना करना पड़ा है। अब इस व्यवस्था पर दोबारा विचार करने का समय आ गया है।

क्या सिंधु जल संधि हमेशा के लिए खत्म होगी?

फिलहाल सिंधु जल संधि को लेकर भारत सरकार की ओर से इसे स्थायी रूप से खत्म करने की कोई नई औपचारिक घोषणा सामने नहीं आई है। इसलिए उमर अब्दुल्ला की मांग को फिलहाल एक राजनीतिक मांग के तौर पर देखा जाना चाहिए।

लेकिन जिस तरह पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की ओर से पानी को "रेड लाइन" बताया गया और उसके जवाब में उमर अब्दुल्ला ने संधि को जारी रखने के बजाय उसे खत्म करने की बात कही, उससे साफ है कि भारत-पाकिस्तान के बीच पानी का मुद्दा आने वाले समय में भी बेहद संवेदनशील रहने वाला है।

निष्कर्ष

एक तरफ पाकिस्तान सिंधु जल संधि को बहाल करने की मांग कर रहा है, वहीं उमर अब्दुल्ला का कहना है कि इस समझौते ने जम्मू-कश्मीर के हितों को नुकसान पहुंचाया है और इसे अब हमेशा के लिए खत्म करने पर विचार होना चाहिए।

शहबाज शरीफ की "हर बूंद रेड लाइन" वाली चेतावनी और उमर अब्दुल्ला के जवाब ने भारत-पाकिस्तान के बीच पानी के विवाद को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उमर अब्दुल्ला ने सिंधु जल संधि के बारे में क्या कहा?

उमर अब्दुल्ला ने कहा कि सिंधु जल संधि को अब स्थायी रूप से खत्म करने पर विचार होना चाहिए।

शहबाज शरीफ ने भारत को पानी के बारे में क्या चेतावनी दी?

शहबाज शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान के पानी की हर बूंद उसकी 'रेड लाइन' है और अगर जल आपूर्ति को खतरा हुआ, तो पाकिस्तान सीधा जवाब देगा।

सिंधु जल संधि कब हुई थी?

सिंधु जल संधि 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुई थी।

उमर अब्दुल्ला ने पाकिस्तान के दावे पर क्या सवाल उठाया?

उमर अब्दुल्ला ने पूछा कि अगर पाकिस्तान खुद को कश्मीरियों का हितैषी बताता है, तो जम्मू-कश्मीर की नदियों के पानी के इस्तेमाल पर आपत्ति क्यों करता है?

भारत ने सिंधु जल संधि को कब निलंबित किया था?

भारत ने अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद इस संधि को निलंबित किया था.

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