नौ दशहरा हाथियों का दल मैसूरु के लिए रवाना, अभिमन्यु को भावुक विदाई
मैसूरु दशहरा 2026 की तैयारियां शुरू: नौ हाथियों का दल रवाना, अभिमन्यु को भावुक विदाई दी गई।
गजपयान ने दशहरा हाथियों की यात्रा को हरी झंडी दिखाई; अभिमन्यु को औपचारिक विदाई दी गई
बुधवार को नौ दशहरा हाथियों के पहले दल ने मैसूरु के लिए अपनी यात्रा शुरू की, जिसे नागरहोल टाइगर रिजर्व के बाहरी इलाके में वीरनाहोसहल्ली में औपचारिक झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इससे 2026 के मैसूरु दशहरा की तैयारियां शुरू हो गईं।
मैसूरु जिले के प्रभारी मंत्री यतींद्र सिद्दारमैया ने गजपयान को हरी झंडी दिखाई। इस मौके पर सैकड़ों स्थानीय लोग और पड़ोसी बस्तियों के आदिवासी इकट्ठा हुए। रवाना होने वाले दल में महेंद्र, श्रीकांत, लक्ष्मी, एकलव्य, धनंजय, गोपी, कावेरी, प्रशांत और श्रीराम शामिल हैं। सभी हाथियों को इस मौके के लिए खास तौर पर सजाया गया था।
छह साल के राज के बाद अभिमन्यु ने ली विदाई
60 साल के हाथी अभिमन्यु ने लगातार छह साल तक जंबू सवारी में सोने का अंबारी उठाया था। अब उन्हें दशहरा की ड्यूटी से रिटायर होने पर औपचारिक विदाई दी गई। अधिकारियों ने इस दिग्गज हाथी का रेड कार्पेट पर स्वागत किया और उन पर फूल बरसाए। ये सम्मान उनकी दस साल की सेवा के लिए दिया गया, जब वो दशहरा हाथियों के दल के प्रमुख सदस्यों में से एक रहे।
इस समारोह में खासतौर पर अभिमन्यु के योगदान को याद किया गया। गजपयान के दौरान ये एक भावुक पल था।
महल तक का सफर
हाथियों को खास तौर पर तैयार किए गए ट्रकों में मैसूरु ले जाया जाएगा। उन्हें अरण्य भवन में रखा जाएगा। इसके बाद 28 अगस्त को मैसूरु पैलेस परिसर में उनका औपचारिक स्वागत होगा। गजपयान दुनियाभर में मशहूर दशहरा उत्सव की तैयारियों की रवायती शुरुआत है।
स्रोत: The Hindu
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
नौ दशहरा हाथियों का दल कहां के लिए रवाना हुआ?
नौ दशहरा हाथियों का दल मैसूरु के लिए रवाना हुआ। इन्हें नागरहोल टाइगर रिजर्व के बाहरी इलाके में वीरनाहोसहल्ली से औपचारिक झंडी दिखाकर भेजा गया।
यह गजपयान किस साल के दशहरे की तैयारी की शुरुआत करता है?
यह गजपयान 2026 के मैसूरु दशहरा की तैयारियों की रवायती शुरुआत है।
अभिमन्यु को विदाई क्यों दी गई?
60 साल के हाथी अभिमन्यु ने छह साल तक लगातार जंबू सवारी में सोने का अंबारी उठाया था। अब उन्हें दशहरा की ड्यूटी से रिटायर होने पर औपचारिक विदाई दी गई।
हाथियों को मैसूरु पहुंचने के बाद कहां रखा जाएगा?
हाथियों को खास ट्रकों में मैसूरु ले जाया जाएगा और उन्हें अरण्य भवन में रखा जाएगा। इसके बाद 28 अगस्त को मैसूरु पैलेस परिसर में उनका औपचारिक स्वागत होगा।
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