टोल प्लाजा के आसपास के लोगों के लिए डिजिटल पास सिस्टम शुरू
टोल प्लाजा जाने की झंझट खत्म, आसपास के लोगों के लिए प्रक्रिया हुई डिजिटल नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने एक बड़ा कदम उठाते हुए टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वालों के लिए पूरी
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने एक बड़ा कदम उठाते हुए टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वालों के लिए पूरी तरह डिजिटल लोकल टोल पास सिस्टम शुरू किया है। अब लोग 'राजमार्ग यात्रा' ऐप के जरिए घर बैठे ही मासिक लोकल पास ले सकते हैं। इसके लिए टोल प्लाजा जाने या मैन्युअल डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की जरूरत नहीं है। यह सुविधा शुरू हो चुकी है और लोगों के लिए काफी सहूलियत लेकर आई है।
नॉन-कमर्शियल गाड़ियों के लिए तेज और आसान सिस्टम
इस नए सिस्टम में टोल पास के लिए अप्लाई करने और पास मिलने की पूरी प्रक्रिया कुछ ही मिनटों में पूरी हो जाती है। यह सुविधा सिर्फ प्राइवेट, नॉन-कमर्शियल गाड़ियों के मालिकों के लिए है। इस पास से एक महीने तक अनलिमिटेड ट्रिप की जा सकती है। पास का पेमेंट भी ऑनलाइन किया जाता है, जिससे प्रक्रिया और भी आसान हो जाती है। इस सुविधा की शुरुआत दिल्ली के मुंडका-बक्करवाला टोल प्लाजा (UER-II) से हुई है और इसे आने वाले महीनों में देश के अन्य टोल प्लाजा पर भी लागू किया जाएगा।
एडवांस टेक्नोलॉजी से पारदर्शिता बढ़ी
राजमार्ग यात्रा ऐप में एडवांस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है, जिसमें डिजिलॉकर, वाहन और GIS-बेस्ड वेरिफिकेशन शामिल है। यह सिस्टम ऑटोमैटिकली यूजर का पता, गाड़ी का नंबर और FASTag की जानकारी ले लेता है। इससे मैन्युअल डॉक्यूमेंट सबमिशन की जरूरत खत्म हो जाती है, पारदर्शिता बढ़ती है और फर्जी दावों पर रोक लगती है। लोकल निवासियों के लिए यह डिजिटल टोल पास समय और पैसे दोनों बचाएगा, क्योंकि अब उन्हें रोजाना ऑफिस, स्कूल या अन्य जगहों पर जाने के लिए टोल फीस नहीं देनी पड़ेगी।
डिजिटल पेमेंट में नया बदलाव
इससे जुड़े एक और कदम में नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) जल्द ही 'यूपीआई टैप एंड पे' फीचर लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है। UPI Lite X और NFC टेक्नोलॉजी पर आधारित यह सिस्टम बिना इंटरनेट के ₹2,000 तक के पेमेंट की सुविधा देगा। यूजर को सिर्फ अपने NFC-इनेबल्ड स्मार्टफोन को मर्चेंट के POS मशीन पर टैप करना होगा, जिससे QR कोड स्कैन करने या इंटरनेट की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह फीचर अभी टेस्टिंग फेज में है और कमजोर नेटवर्क वाले इलाकों जैसे रेलवे, मेट्रो और टनल्स में काफी मददगार साबित हो सकता है। NPCI ने अभी लॉन्च डेट की घोषणा नहीं की है, लेकिन टेस्टिंग के बाद इसे बैंकों और UPI ऐप्स के जरिए फेज वाइज लॉन्च किया जाएगा।
क्यों है यह अहम
टोल पास की डिजिटल प्रक्रिया से लोकल निवासियों के लिए यात्रा आसान और झंझट-मुक्त हो गई है। एडवांस टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से यह सिस्टम न सिर्फ समय बचाता है बल्कि पारदर्शिता और एफिशिएंसी भी बढ़ाता है। साथ ही, NPCI का ऑफलाइन पेमेंट फीचर कमजोर कनेक्टिविटी वाले इलाकों में डिजिटल लेन-देन को नई ऊंचाई पर ले जा सकता है। यह कदम भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है।
स्रोत: Patrika
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