शाहपुरा तालाब की सीमा पर एनजीटी सख्त, 3 हफ्ते में रिपोर्ट तलब
भोपाल। राजधानी भोपाल के शाहपुरा तालाब के संरक्षण और उसकी वास्तविक सीमा को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने सख्त रुख अपनाया है। एनजीटी ने राज्य शासन से तालाब के सीमांकन की रिपोर्ट तलब की है।
भोपाल। राजधानी भोपाल के शाहपुरा तालाब के संरक्षण और उसकी वास्तविक सीमा को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने सख्त रुख अपनाया है। एनजीटी ने राज्य शासन से तालाब के सीमांकन की रिपोर्ट तलब की है। ट्रिब्यूनल ने सरकार को रिपोर्ट पेश करने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया है।
एनजीटी ने निर्देश दिए हैं कि शाहपुरा तालाब की वास्तविक सीमा तय की जाए और उसकी स्थिति से जुड़ी रिपोर्ट निर्धारित समय-सीमा के भीतर पेश की जाए। राज्य शासन को अब तीन सप्ताह में यह रिपोर्ट नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के सामने प्रस्तुत करनी होगी।
शाहपुरा तालाब के संरक्षण और उससे जुड़े अलग-अलग मुद्दों को लेकर दायर दो अलग-अलग प्रकरणों की संयुक्त सुनवाई के दौरान ट्रिब्यूनल ने यह निर्देश जारी किए। सुनवाई में राज्य शासन से तालाब का सीमांकन करने और उसकी स्थिति से संबंधित पूरी रिपोर्ट पेश करने को कहा गया है।
शाहपुरा तालाब भोपाल के प्रमुख जलस्रोतों में शामिल है। तालाब के संरक्षण और उसकी सीमाओं को लेकर सवाल लंबे समय से चर्चा में हैं। ऐसे में एनजीटी के निर्देश के बाद सीमांकन की रिपोर्ट का इंतजार है।
रिपोर्ट सामने आने के बाद शाहपुरा तालाब की वास्तविक सीमा और उसके संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। रिपोर्ट में तालाब के सीमांकन और उसकी मौजूदा स्थिति से जुड़ी जानकारी राज्य शासन को एनजीटी के सामने रखनी होगी।
तीन सप्ताह की समय-सीमा तय होने के बाद अब राज्य शासन की रिपोर्ट पर निगाहें टिकी हैं। आगे की सुनवाई में इसी रिपोर्ट के आधार पर मामले में अगली कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
एनजीटी ने शाहपुरा तालाब को लेकर क्या निर्देश दिए हैं?
एनजीटी ने राज्य शासन से शाहपुरा तालाब की वास्तविक सीमा तय करने और उसकी स्थिति की रिपोर्ट पेश करने को कहा है।
राज्य शासन को रिपोर्ट कब तक पेश करनी है?
राज्य शासन को तीन सप्ताह के भीतर यह रिपोर्ट एनजीटी के सामने पेश करनी है।
यह निर्देश किस मामले की सुनवाई के दौरान दिए गए?
शाहपुरा तालाब के संरक्षण और उससे जुड़े मुद्दों पर दायर दो मामलों की संयुक्त सुनवाई के दौरान ये निर्देश दिए गए।
रिपोर्ट आने के बाद क्या स्पष्ट होने की उम्मीद है?
रिपोर्ट आने के बाद तालाब की वास्तविक सीमा और उसके संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
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