वर्कआउट के बाद कार्ब्स छोड़ना मसल रिकवरी के लिए नुकसानदायक
वर्कआउट के बाद कार्ब्स छोड़ना क्यों नुकसानदायक हो सकता है? इंटेंस वर्कआउट के बाद ज्यादातर लोग मसल रिकवरी के लिए प्रोटीन पर ज्यादा ध्यान देते हैं।
इंटेंस वर्कआउट के बाद ज्यादातर लोग मसल रिकवरी के लिए प्रोटीन पर ज्यादा ध्यान देते हैं। लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर आप वर्कआउट के बाद के खाने में कार्ब्स को नजरअंदाज करते हैं, तो ये आपकी फिटनेस गोल्स को नुकसान पहुंचा सकता है, भले ही आपका प्रोटीन इनटेक सही हो। 2021 में नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में पब्लिश हुई एक स्टडी बताती है कि वर्कआउट के बाद कार्ब्स खाने से मसल रिकवरी और ग्रोथ बेहतर होती है। स्टडी के मुताबिक, वर्कआउट के बाद 4-6 घंटे तक हर घंटे 1.2 ग्राम कार्ब्स प्रति किलो बॉडी वेट लेना चाहिए।
रिकवरी के लिए कार्ब्स क्यों जरूरी हैं?
पुणे के रूबी हॉल क्लिनिक के कंसल्टेंट फिजिशियन डॉ. सम्राट शाह बताते हैं कि वर्कआउट के बाद कार्ब्स क्यों जरूरी हैं। अगर आप कार्ब्स नहीं खाते, तो शरीर को ग्लूकोज नहीं मिलता, जो इसका मुख्य फ्यूल सोर्स है। इससे फैट बर्निंग प्रोसेस रुक सकती है और थकान, सिरदर्द और ब्रेन फॉग जैसे लक्षण हो सकते हैं, जिसे "लो-कार्ब फ्लू" कहा जाता है।
जो लोग हाई-प्रोटीन डाइट पर हैं, उनके लिए ये और भी जरूरी हो जाता है। प्रोटीन काफी सैटिएटिंग होता है और इसे पचाने में शरीर ज्यादा कैलोरी बर्न करता है। हालांकि, ये वेट लॉस में मदद करता है, लेकिन इसे कार्ब्स और हेल्दी फैट्स के साथ खाने से ब्लड शुगर लेवल स्थिर रहता है।
स्मार्ट कार्ब्स चुनें
डॉ. शाह अल्ट्रा-प्रोसेस्ड कार्ब्स पर निर्भर रहने से बचने की सलाह देते हैं। वो कहते हैं कि ओट्स, चावल, आलू, फल या होल-ग्रेन ब्रेड जैसे न्यूट्रिएंट-डेंस और मिनिमली प्रोसेस्ड ऑप्शन्स का इस्तेमाल करें। ये "स्मार्ट कार्ब्स" न सिर्फ ग्लाइकोजन स्टोर्स को रीप्लेनिश करते हैं बल्कि रिकवरी में भी मदद करते हैं, खासकर उन लोगों के लिए जो इंटेंस ट्रेनिंग या वेटलिफ्टिंग करते हैं।
मकसद कार्ब्स को खत्म करना नहीं है, बल्कि बैलेंस्ड डाइट बनाए रखना है जिसमें कॉम्प्लेक्स कार्ब्स, पर्याप्त प्रोटीन, हेल्दी फैट्स और ढेर सारे फल और सब्जियां शामिल हों।
टाइमिंग का ध्यान रखें
जो लोग फास्टेड स्टेट में वर्कआउट करते हैं, जैसे सुबह खाली पेट एक्सरसाइज, उनके लिए कार्ब्स और प्रोटीन इनटेक की टाइमिंग ज्यादा मायने रखती है। चेन्नई के श्री बालाजी मेडिकल सेंटर की रजिस्टर्ड डाइटिशियन दीपलक्ष्मी सलाह देती हैं कि ऐसे वर्कआउट के बाद 1-2 घंटे के अंदर 20-30 ग्राम प्रोटीन के साथ कार्ब्स और हेल्दी फैट्स लें। ये मसल रिकवरी में मदद करता है और आपकी प्रोग्रेस को नुकसान पहुंचने से बचाता है।
वो न्यूट्रिएंट-डेंस स्नैक्स जैसे फल और प्रोटीन-रिच फूड्स को साथ खाने की सलाह देती हैं। साथ ही, मॉडरेशन और अपने शरीर की जरूरतों को समझने पर जोर देती हैं।
नतीजा
वर्कआउट के बाद प्रोटीन जरूरी है, लेकिन रिकवरी और मसल बिल्डिंग के लिए कार्ब्स भी उतने ही अहम हैं। सही तरह के कार्ब्स को प्रोटीन और फैट्स के साथ बैलेंस करके खाने से आप अपनी फिटनेस रिजल्ट्स को बेहतर बना सकते हैं और थकान या किसी भी तरह के नुकसान से बच सकते हैं। अपनी जरूरतों के मुताबिक न्यूट्रिशन प्लान बनाने के लिए हमेशा हेल्थकेयर प्रोफेशनल से सलाह लें।
स्रोत: Indian Express
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
वर्कआउट के बाद कार्ब्स क्यों खाने चाहिए?
वर्कआउट के बाद कार्ब्स खाना जरूरी है क्योंकि ये शरीर को ग्लूकोज देते हैं, जो मुख्य फ्यूल सोर्स है।
क्या कार्ब्स छोड़ने से कोई नुकसान हो सकता है?
हाँ, कार्ब्स छोड़ने से थकान, सिरदर्द और 'लो-कार्ब फ्लू' जैसे लक्षण हो सकते हैं।
वर्कआउट के बाद कितनी मात्रा में कार्ब्स लेना चाहिए?
वर्कआउट के बाद हर घंटे 1.2 ग्राम कार्ब्स प्रति किलो बॉडी वेट लेना चाहिए।
स्मार्ट कार्ब्स क्या होते हैं?
स्मार्ट कार्ब्स जैसे ओट्स, चावल, आलू और फल होते हैं, जो न्यूट्रिएंट-डेंस होते हैं और रिकवरी में मदद करते हैं।
वर्कआउट के बाद खाने का सही टाइम क्या है?
वर्कआउट के बाद 1-2 घंटे के अंदर 20-30 ग्राम प्रोटीन के साथ कार्ब्स और हेल्दी फैट्स लेना चाहिए।
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