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NEET पेपर लीक: नागपुर में छात्रा की आत्महत्या से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

NEET पेपर लीक के बाद नागपुर में एक छात्रा ने आत्महत्या कर ली। परिवार ने इसे सिस्टम की विफलता बताया और सरकार से सवाल किया कि क्या उनकी बेटी को वापस लाया जा सकता है।

NEET पेपर लीक: नागपुर में छात्रा की आत्महत्या से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
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NEET पेपर लीक मामले ने एक और परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। नागपुर में आकांक्षा चतुर्वेदी नाम की छात्रा ने आत्महत्या कर ली, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। आकांक्षा की मां नीलम चतुर्वेदी ने रोते हुए कहा, "पेपर तो फिर से करवा लेंगे, लेकिन क्या मेरी बेटी को वापस ला सकते हैं?" उन्होंने सिस्टम की विफलता पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी बेटी ने डॉक्टर बनने का सपना देखा था, लेकिन भ्रष्ट व्यवस्था ने उसकी जान ले ली।

परिवार के मुताबिक, आकांक्षा पढ़ाई में बेहद होनहार थी और NEET में 650 से ज्यादा अंक लाने की उम्मीद कर रही थी। लेकिन पेपर लीकी खबरों ने उसे मानसिक तनाव में डाल दिया। परीक्षा दोबारा होने की अटकलों के बीच वह पूरी तरह टूट गई।

आकांक्षा के पिता कृष्ण कुमार चतुर्वेदी ने बेटी की पढ़ाई के लिए 15-20 लाख रुपये का कर्ज लिया था। लेकिन बेटी की मौत की खबर सुनने के बाद उनकी तबीयत इतनी बिगड़ गई कि उन्हें नागपुर के अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। वह अपनी बेटी के अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हो सके। परिवार पर पहले से ही कर्ज का बोझ था, और अब अस्पताल के खर्चों ने उनकी आर्थिक स्थिति और खराब कर दी है।

परिवार के अन्य सदस्यों ने बताया कि आकांक्षा हमेशा डॉक्टर बनने की बात करती थी। लेकिन पेपर लीकी खबरों के बाद वह चुप रहने लगी और आत्महत्या से तीन दिन पहले उसने खाना-पीना भी छोड़ दिया था।

इस घटना के बाद गांव में भी गहरा असर पड़ा है। लोग अब अपनी बेटियों को बाहर पढ़ाई के लिए भेजने से डरने लगे हैं। विपक्षी दल के प्रतिनिधियों ने परिवार को ढाई लाख रुपये की आर्थिक मदद दी है, लेकिन सत्ताधारी दल की ओर से कोई सहायता नहीं मिली है।

आकांक्षा की मां ने कहा, "सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ता कि गरीब जिएं या मरें। अगर पेपर लीक न हुआ होता, तो आज मेरी बेटी जिंदा होती।"

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

NEET पेपर लीक से क्या हुआ है?

NEET पेपर लीक के कारण नागपुर की छात्रा आकांक्षा चतुर्वेदी ने आत्महत्या कर ली, जिससे उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

आकांक्षा चतुर्वेदी के परिवार की स्थिति क्या है?

आकांक्षा के परिवार पर पहले से ही कर्ज का बोझ था और अब उसकी मौत के बाद अस्पताल के खर्चों ने उनकी आर्थिक स्थिति और खराब कर दी है।

आकांक्षा ने डॉक्टर बनने का सपना देखा था, क्या हुआ?

आकांक्षा पढ़ाई में होनहार थी और NEET में 650 से ज्यादा अंक लाने की उम्मीद कर रही थी, लेकिन पेपर लीक की खबरों ने उसे मानसिक तनाव में डाल दिया।

इस घटना का गांव पर क्या असर पड़ा है?

इस घटना के बाद गांव के लोग अपनी बेटियों को बाहर पढ़ाई के लिए भेजने से डरने लगे हैं।

सरकार ने परिवार की मदद के लिए क्या किया?

विपक्षी दल के प्रतिनिधियों ने परिवार को ढाई लाख रुपये की आर्थिक मदद दी है, लेकिन सत्ताधारी दल की ओर से कोई सहायता नहीं मिली है।

#NEET पेपर लीक#corruption#nagpur#आकांक्षा चतुर्वेदी#छात्रा आत्महत्या#शिक्षा व्यवस्था

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