श्रावस्ती में हॉट कुक्ड फूड योजना में भ्रष्टाचार की जांच रिपोर्ट लीक
श्रावस्ती में बच्चों के लिए चलाई जा रही हॉट कुक्ड फूड योजना में कथित भ्रष्टाचार की जांच रिपोर्ट मीडिया में लीक हो गई है।
श्रावस्ती में बच्चों के लिए चलाई जा रही हॉट कुक्ड फूड योजना में कथित भ्रष्टाचार की जांच रिपोर्ट मीडिया में लीक हो गई है। लोजपा (रामविलास) के प्रदेश उपाध्यक्ष मनोज पाठक ने इस योजना में बड़े घोटाले के आरोप लगाए थे, जो अब जांच रिपोर्ट में सही साबित होते दिख रहे हैं।
पिछले महीनों पाठक ने शिकायत दर्ज कर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन प्रशासन ने तब तक कोई कदम नहीं उठाया जब तक मामला मीडिया में नहीं आया। इसके बाद तत्कालीन प्रभारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने डीएम अश्वनी पांडेय को जांच टीम गठित करने और रिपोर्ट जल्द सौंपने का निर्देश दिया। दो महीने की जांच के बाद रिपोर्ट सीडीओ को सौंपी गई, लेकिन शिकायतकर्ता को इससे दूर रखा गया। अब यह रिपोर्ट मीडिया में सामने आने के बाद बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं।
जांच में योजना के संचालन में कई गंभीर अनियमितताएं पाई गई हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 87 लाख 66 हजार रुपये के बजट में से केवल 35 लाख 63 हजार रुपये खर्च किए गए, लेकिन खर्च और अवशेष का पूरा विवरण जांच टीम को नहीं मिला। रसोइयों को 15 मई 2026 तक पारिश्रमिक का भुगतान नहीं किया गया, जिससे उनकी स्थिति और खराब हो गई।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि बच्चों के भोजन के लिए आए हजारों टन राशन आखिर गया कहां? खाद्यान्न की प्राप्ति, वितरण और बचत का रिकॉर्ड गायब है। अगर पैसा खर्च हुआ तो उसका हिसाब क्यों नहीं है? और अगर जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही साबित हो रही है, तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
इस रिपोर्ट ने सिस्टम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि क्या यह जांच सिर्फ कागजों तक सीमित रहेगी या हॉट कुक्ड फूड योजना में हुए कथित खेल की गहराई से जांच कर असली दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
श्रावस्ती में हॉट कुक्ड फूड योजना में क्या हुआ है?
श्रावस्ती में बच्चों के लिए चल रही हॉट कुक्ड फूड योजना में भ्रष्टाचार की जांच रिपोर्ट लीक हुई है।
मनोज पाठक ने इस मामले में क्या आरोप लगाए थे?
मनोज पाठक ने इस योजना में बड़े घोटाले के आरोप लगाए थे, जो अब जांच रिपोर्ट में सही साबित होते दिख रहे हैं।
जांच रिपोर्ट में क्या अनियमितताएं पाई गई हैं?
जांच में कई गंभीर अनियमितताएं पाई गई हैं, जैसे कि बजट का सही से खर्च न होना और रसोइयों को पारिश्रमिक का भुगतान न होना।
बच्चों के भोजन के लिए राशन का क्या हुआ?
रिपोर्ट में सवाल उठाया गया है कि बच्चों के भोजन के लिए आए हजारों टन राशन आखिर गया कहां? रिकॉर्ड गायब है।
इस मामले में आगे क्या होगा?
अब देखना यह होगा कि क्या यह जांच सिर्फ कागजों तक सीमित रहेगी या असली दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
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