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3 करोड़ नए राशन कार्ड जारी करने का मौका, मंत्री जोशी का ऐलान

केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा कि करीब 3 करोड़ नए राशन कार्ड उन लोगों को दिए जा सकते हैं जो इसके हकदार हैं।

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केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा कि करीब 3 करोड़ नए राशन कार्ड उन लोगों को दिए जा सकते हैं जो इसके हकदार हैं। ये तब संभव हुआ जब राज्य सरकारों ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) की लिस्ट से 2.21 करोड़ अपात्र नाम हटा दिए। ये ऐलान उन्होंने गुरुवार को एक स्मार्ट वेयरहाउसिंग सिस्टम लॉन्च करते वक्त किया।

जोशी ने साफ किया कि ये नाम हटाने का काम राज्य सरकारों ने अपने मानकों के आधार पर किया है, केंद्र ने नहीं। खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने पहले 8.51 करोड़ अपात्र लाभार्थियों की पहचान की थी, जिनमें मृत लोग, इनकम टैक्स देने वाले और चार पहिया वाहन मालिक शामिल थे। ये डेटा राज्यों को कार्रवाई के लिए दिया गया था।

"8.51 करोड़ में से, राज्यों ने 2.21 करोड़ राशन कार्ड हटा दिए हैं। हमने कोई कार्ड नहीं हटाया," जोशी ने कहा। उन्होंने बताया कि ये प्रक्रिया पीडीएस के डिजिटलीकरण से संभव हो पाई। उन्होंने जोर दिया कि अब राज्यों के पास पात्र लोगों को जोड़ने और करीब 3 करोड़ नए राशन कार्ड जारी करने का मौका है।

मंत्री ने ये भी बताया कि अपात्र लाभार्थियों की पहचान और उन्हें हटाने का काम देशभर में एक जैसा नहीं हुआ है। कुछ राज्यों ने ये प्रक्रिया पूरी कर ली है, जबकि कुछ अभी भी इस पर काम कर रहे हैं। फिलहाल पीडीएस के तहत 79 करोड़ लाभार्थी हैं। केंद्र का फोकस जरूरतमंदों तक अनाज पहुंचाने पर है, न कि खर्च बचाने पर।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (पीएमजीकेवाई) के तहत मुफ्त अनाज वितरण का लक्ष्य 80 करोड़ लाभार्थियों का है। जोशी ने बताया कि पीडीएस के डिजिटलीकरण की वजह से पीएमजीकेवाई के तहत 98.5% अनाज वितरण आधार नंबर और ईपीओएस मशीनों के जरिए प्रमाणित हुआ है।

सरकार पीडीएस में नई तकनीकें भी शामिल कर रही है, जैसे स्मार्ट वेयरहाउस और डिपो, ताकि पूरी वितरण प्रणाली डिजिटल हो सके। जोशी ने ये भी दावा किया कि कोविड-19 महामारी के बाद से करीब 25 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर आए हैं। इसके लिए उन्होंने पीएमजीकेवाई जैसी योजनाओं और आईएमएफ व नीति आयोग जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों की मान्यता का हवाला दिया।

खाद्य सब्सिडी बिल में इस साल संभावित बढ़ोतरी पर मंत्री ने भरोसा जताया कि सरकार इसे तय बजट के भीतर संभाल लेगी।

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