कानपुर देहात में बारिश में कच्चा मकान ढहा, मां और बेटा मलबे में दबे
कानपुर देहात के राजपुर विकासखंड के बैना गांव में बारिश के दौरान एक कच्चा मकान ढह गया जिसमें एक मां और उसका बेटा मलबे में दब गए। दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए और इलाके में हड़कंप मच गया।
कानपुर देहात के राजपुर विकासखंड के बैना गांव में बारिश के दौरान एक कच्चा मकान ढह गया जिसमें एक मां और उसका बेटा मलबे में दब गए। दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए और इलाके में हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों और पड़ोसियों ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और दोनों को मलबे से बाहर निकाला।
घायलों को फौरन पीएचसी राजपुर में भर्ती कराया गया जहां उनका इलाज चल रहा है। प्रियंका नाम की महिला की हालत काफी गंभीर बताई जा रही है और उनका उपचार जारी है। वहीं उनके बेटे को प्राथमिक इलाज के बाद घर भेज दिया गया है। डॉक्टरों का कहना है कि समय पर रेस्क्यू हो जाने से बड़ा हादसा टल गया वरना स्थिति और भी भयावह हो सकती थी।
घटना की सूचना स्थानीय लेखपाल ने तहसील प्रशासन को दे दी है। अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं और आगे की कार्रवाई तय की जा रही है। बारिश के मौसम में कच्चे मकानों के ढहने की घटनाएं आम हो गई हैं जिससे ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को लगातार खतरा बना रहता है।
यह घटना एक बार फिर कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों की असुरक्षा को उजागर करती है। बारिश के दौरान ऐसे घरों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है और प्रशासन को ऐसे परिवारों के लिए पक्के मकान या वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने की जरूरत है ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कानपुर देहात में क्या हादसा हुआ?
कानपुर देहात के राजपुर विकासखंड के बैना गांव में बारिश के दौरान एक कच्चा मकान ढह गया। इस घटना में एक मां और उसका बेटा मलबे में दब गए और गंभीर रूप से घायल हो गए।
घायलों को कहां भर्ती कराया गया?
दोनों घायलों को तुरंत पीएचसी राजपुर में भर्ती कराया गया जहां उनका इलाज जारी है। महिला की हालत गंभीर बताई जा रही है जबकि उनके बेटे को प्राथमिक इलाज के बाद घर भेज दिया गया है।
डॉक्टरों का क्या कहना है?
डॉक्टरों के अनुसार समय पर रेस्क्यू हो जाने से बड़ा हादसा टल गया। अगर समय पर मदद न मिलती तो स्थिति और भी भयावह हो सकती थी।
बारिश के मौसम में ऐसी घटनाओं का क्या कारण है?
बारिश के मौसम में कच्चे मकानों के ढहने की घटनाएं आम हो गई हैं क्योंकि कच्चे घरों में बारिश का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को लगातार इस तरह का खतरा बना रहता है।
सबसे ज़्यादा पढ़ी गई
- 1
बहराइच के स्कूल में पेड़ काटने की तैयारी, पर्यावरण नीति पर सवाल
- 2
आयुष्मान कार्ड में गलतियां सुधारना हुआ आसान, नया पोर्टल शुरू
- 3
बहराइच में एसपी ने जनता दर्शन के दौरान सुनीं सभी शिकायतें
- 4
बहराइच में 90 हजार क्विंटल चीनी के स्टॉक की जांच, कालाबाजारी पर सरकार सख्त
- 5
बहराइच की बाढ़ से प्रभावित इलाकों का जायजा लेने पहुंचे मंत्री दिनेश प्रताप सिंह
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली टिप्पणी करें।