पीएम मोदी ने पेरिस में टेक्नोलॉजी की समावेशिता पर जोर दिया
टेक्नोलॉजी तभी तरक्की लाती है जब सबके लिए हो: पीएम मोदी ने पेरिस में VivaTech में कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को पेरिस में फ्रांस के सबसे बड़े स्टार्टअप इवेंट VivaTech के 10वें संस्करण
टेक्नोलॉजी तभी तरक्की लाती है जब सबके लिए हो: पीएम मोदी ने पेरिस में VivaTech में कहा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को पेरिस में फ्रांस के सबसे बड़े स्टार्टअप इवेंट VivaTech के 10वें संस्करण में हिस्सा लिया। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ मंच साझा करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि टेक्नोलॉजी तभी तरक्की ला सकती है जब इसे सबके लिए सुलभ बनाया जाए। उन्होंने यूरोपीय बिज़नेस कंपनियों से भारत की बड़ी टैलेंट पूल, खास इंसेंटिव और स्केल का फायदा उठाकर नई टेक्नोलॉजी विकसित करने की अपील की।
मोदी ने मानव-केंद्रित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और अत्याधुनिक इनोवेशन पर भारत की सोच को सामने रखा। टेक्नोलॉजी एंटरप्रेन्योर्स, इन्वेस्टर्स और बिज़नेस लीडर्स को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "टेक्नोलॉजी तभी प्रगति ला सकती है जब यह सबके लिए उपलब्ध हो। भारत मानता है कि इस डिसरप्शन के दौर में टेक्नोलॉजी का फायदा हर किसी तक पहुंचना चाहिए।"
प्रधानमंत्री ने AI की जबरदस्त क्षमता को रेखांकित करते हुए कहा कि इसका मकसद लोगों की जिंदगी बेहतर बनाना, एक्सेस बढ़ाना, आर्थिक विकास को बढ़ावा देना और एक स्थायी ग्रह में योगदान देना होना चाहिए। उन्होंने कहा, "VivaTech 2026 में AI कंट्री पार्टनर के तौर पर हमारी भागीदारी इसी सोच को दर्शाती है। भारत के लिए AI का मतलब है ‘ऑल इनक्लूसिव’।”
मोदी ने भारत को दुनिया की सबसे बड़ी टैलेंट पूल और एक ओपन सोसाइटी के रूप में पेश किया। उन्होंने बताया कि भारत नियमों को आसान बना रहा है और बिज़नेस करने की सहूलियत बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत प्राइवेट एंटरप्राइजेज को 50 बिलियन डॉलर से ज्यादा के खास इंसेंटिव दे रहा है और दुनिया का सबसे सस्ता डेटा और कम लागत वाली ग्रीन एनर्जी उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने कहा, "हमारा दृष्टिकोण साफ है। सरकार सुविधा देगी, इंडस्ट्री इनोवेट करेगी। स्टार्टअप्स बदलाव लाएंगे और ग्लोबल पार्टनर्स हमारे साथ स्केल करेंगे।"
प्रधानमंत्री ने भारत में टेक्नोलॉजी से हो रहे बदलावों के उदाहरण भी दिए। उन्होंने बताया कि भारत में सबसे ज्यादा डिजिटल पेमेंट्स हो रहे हैं, सबसे बड़ा डिजिटल पहचान प्रणाली है, एग्रीकल्चर में AI का इस्तेमाल हो रहा है और स्पेस एप्लिकेशन में भी हम आगे हैं। उन्होंने बताया कि भारतीय महिलाओं को खेती के लिए ड्रोन पायलट के रूप में ट्रेनिंग दी जा रही है। सैटेलाइट डेटा से मछुआरों को मछली पकड़ने के लिए बेहतर जोन की जानकारी दी जा रही है, जिससे उनका समय और ईंधन बच रहा है और मछली का कैच बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, "हमारी टेक्नोलॉजी ग्राउंड लेवल पर समृद्धि ला रही है।"
अपने संबोधन के बाद मोदी और मैक्रों ने भारतीय स्टार्टअप्स और इनोवेटर्स से बातचीत की। इन स्टार्टअप्स ने हेल्थकेयर, सस्टेनेबिलिटी और मोबिलिटी जैसे सेक्टर्स के लिए अपनी टेक्नोलॉजी और सॉल्यूशंस पेश किए।
VivaTech 2026 में भारत की अब तक की सबसे बड़ी भागीदारी है। 80 से ज्यादा भारतीय टेक कंपनियां और स्टार्टअप्स इसमें हिस्सा ले रहे हैं। भारत के पवेलियन में AI, डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर, हेल्थ-टेक, क्लीन टेक्नोलॉजी, मोबिलिटी और एडवांस्ड कंप्यूटिंग में इनोवेशन को दिखाया जा रहा है। VivaTech में भारत की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। 2022 में भारत को VivaTech में "कंट्री ऑफ द ईयर" का खिताब मिला था और बेंगलुरु टेक समिट के साथ सहयोग को औपचारिक रूप दिया गया था।
सबसे ज़्यादा पढ़ी गई
- 1
श्रावस्ती में आधार कार्ड सेंटरों पर अवैध वसूली का मामला सामने आया
- 2
गाजियाबाद में स्वतंत्रता दिवस पर भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन
- 3
राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में नवाचार कार्यशाला का आयोजन
- 4
राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में ‘फ्री थिंकर्स क्लब’ की शुरुआत
- 5
शिक्षक पर शराब पीकर स्कूल आने का आरोप, ग्रामीणों का हंगामा
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली टिप्पणी करें।