News Darpan भारत का डिजिटल दर्पण
खोज
ताज़ा
हमीरपुर में स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण, देशभक्ति का जश्नहमीरपुर में 80वें स्वतंत्रता दिवस का जश्न धूमधाम से मनाया गयागुरावली में बंद आंगनवाड़ी केंद्र पर ग्रामीणों का हंगामाकर्नाटक मंत्री ने 15 अगस्त को झंडा फहराने से मांगी छूट, बीजेपी का हमलापिता ने 11 महीने की बेटी को यमुना में फेंका, पत्नी को भी मारने की कोशिशगाजियाबाद में पुलिस-आरोपियों के बीच मुठभेड़, दोनों घायलजर्मनी में हेलिकॉप्टर क्रैश, पायलट की मौतदिल्ली पुलिस ने नेपाल से जुड़े ₹109 करोड़ के चरस नेटवर्क का भंडाफोड़ किया
Crime General

मिज़ोरम में ड्रग्स का बढ़ता खतरा: म्यांमार से 3 साल में 4000

मिज़ोरम में म्यांमार से आने वाले सिंथेटिक ड्रग्स का संकट गहराता जा रहा है। पिछले 3 साल में लगभग 4000 किलो ड्रग्स जब्त किए गए हैं। स्थानीय संगठन YMA और 5 लाख स्वयंसेवक 'ऑपरेशन जेरीको' के तहत ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं।

News Darpan AI image

मिज़ोरम में म्यांमार से आने वाले सिंथेटिक ड्रग्स 'आइस' और 'कैंडी' ने राज्य के लिए गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है। म्यांमार की 500 किलोमीटर लंबी खुली सीमा से इन ड्रग्स को भारत में लाया जा रहा है। पिछले तीन सालों में मिज़ोरम में करीब 4000 किलो ड्रग्स जब्त किए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, चंफाई जिला ड्रग्स तस्करी का मुख्य कॉरिडोर बन गया है।

ड्रग्स का कारोबार अब डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर शिफ्ट हो गया है। वॉट्सऐप, टेलीग्राम और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सीक्रेट ग्रुप्स के जरिए ड्रग्स बेचे जा रहे हैं। मिज़ोरम एक्साइज़ एंड नार्कोटिक्स विभाग के संयुक्त कमिश्नर पीटर झोहमिंगथांगा ने बताया कि तस्कर 'आइस' और 'कैंडी' जैसे कोड वर्ड्स का इस्तेमाल कर रहे हैं, ताकि उनकी गतिविधियां पकड़ी न जा सकें।

ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई में स्थानीय संगठन भी सक्रिय हैं। यंग मिज़ो एसोसिएशन (YMA) और चर्च के नेतृत्व में 5 लाख स्वयंसेवक 'ऑपरेशन जेरीको' चला रहे हैं। यह अभियान सितंबर 2025 में शुरू हुआ था। स्वयंसेवक संवेदनशील इलाकों में तैनात हैं और पुलिस के साथ मिलकर ड्रग्स तस्करों पर कार्रवाई कर रहे हैं।

हालांकि, तस्करों ने अब मणिपुर के रास्ते ड्रग्स लाने का नया तरीका अपनाया है। पहले म्यांमार से मणिपुर में एंट्री होती है और फिर वहां से ड्रग्स मिज़ोरम और अन्य राज्यों तक पहुंचाए जा रहे हैं। इस नई रणनीति ने सुरक्षा एजेंसियों के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं।

ड्रग्स की बढ़ती तस्करी न सिर्फ मिज़ोरम बल्कि पूरे देश के लिए चिंता का विषय बनती जा रही है। स्थानीय प्रशासन और स्वयंसेवकों की कोशिशों के बावजूद, सीमावर्ती इलाकों में तस्करी रोकने के लिए और सख्त कदम उठाने की जरूरत है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मिज़ोरम में ड्रग्स का खतरा क्यों बढ़ रहा है?

मिज़ोरम में म्यांमार से आने वाले सिंथेटिक ड्रग्स 'आइस' और 'कैंडी' ने गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है।

पिछले तीन सालों में मिज़ोरम में कितने ड्रग्स जब्त किए गए हैं?

पिछले तीन सालों में मिज़ोरम में करीब 4000 किलो ड्रग्स जब्त किए गए हैं।

ड्रग्स की तस्करी के लिए तस्कर कौन से प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं?

तस्कर वॉट्सऐप, टेलीग्राम और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल कर रहे हैं।

ड्रग्स के खिलाफ कौन से संगठन सक्रिय हैं?

यंग मिज़ो एसोसिएशन (YMA) और चर्च के नेतृत्व में 5 लाख स्वयंसेवक 'ऑपरेशन जेरीको' चला रहे हैं।

तस्करों ने ड्रग्स लाने का नया तरीका क्या अपनाया है?

तस्करों ने अब मणिपुर के रास्ते ड्रग्स लाने का नया तरीका अपनाया है।

सबसे ज़्यादा पढ़ी गई

  1. 1

    श्रावस्ती में आधार कार्ड सेंटरों पर अवैध वसूली का मामला सामने आया

  2. 2

    गाजियाबाद में स्वतंत्रता दिवस पर भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन

  3. 3

    राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में नवाचार कार्यशाला का आयोजन

  4. 4

    राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में ‘फ्री थिंकर्स क्लब’ की शुरुआत

  5. 5

    शिक्षक पर शराब पीकर स्कूल आने का आरोप, ग्रामीणों का हंगामा

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली टिप्पणी करें।

टिप्पणियाँ समीक्षा के बाद प्रकाशित होती हैं।