पंजीयन की वैधता खत्म होने के बाद अल्ट्रासोनोग्राफी, महू अस्पताल की मशीन सील
इंदौर, 29 अक्टूबर 2026। पंजीयन की वैधता अवधि समाप्त होने के बावजूद अल्ट्रासोनोग्राफी मशीन संचालित करने पर महू के एम.एन.एच. केयर अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
इंदौर, 29 अक्टूबर 2026। पंजीयन की वैधता अवधि समाप्त होने के बावजूद अल्ट्रासोनोग्राफी मशीन संचालित करने पर महू के एम.एन.एच. केयर अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की गई है। कलेक्टर श्री शिवम वर्मा के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई के तहत अस्पताल की अल्ट्रासोनोग्राफी मशीन को सील कर दिया गया है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हासानी ने बताया कि एमएनएच केयर अस्पताल महू, जिला इन्दौर का पीसीपीएनडीटी पंजीयन क्रमांक 759 है। इस पंजीयन की वैधता 20 अक्टूबर 2026 तक थी। वैधता अवधि खत्म होने के बाद भी अस्पताल में अल्ट्रासोनोग्राफी से जुड़े ईको सम्बन्धी काम किए जाने की जानकारी सामने आई।
कलेक्टर श्री शिवम वर्मा के निर्देशानुसार मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने एक टीम बनाकर एम.एन.एच. केयर अस्पताल महू का निरीक्षण कराया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि पंजीयन की वैधता समाप्त होने के बाद भी ईको सम्बन्धी कार्य किया जा रहा था। जांच में यह भी सामने आया कि अस्पताल में ईको रजिस्टर संधारित नहीं किया जा रहा था।
जांच के दौरान यह भी पाया गया कि अस्पताल में अपंजीकृत चिकित्सक डॉ. दीपेश कोठारी द्वारा ईको की जा रही थी। टीम ने इससे जुड़ी रिपोर्ट जब्त कर ली। पूरे प्रकरण की सूचना कलेक्टर श्री वर्मा को दी गई।
प्रकरण की जानकारी मिलने के बाद कलेक्टर श्री वर्मा ने अल्ट्रासोनोग्राफी मशीन सील करने के निर्देश दिए। इसके बाद आज डॉ. योगेश सिंगारे और डॉ. मधुकर शुक्ला द्वारा एमएनएच केयर अस्पताल महू की अल्ट्रासोनोग्राफी मशीन सील करने की कार्रवाई की गई।
कार्रवाई के दौरान पीसीपीएनडीटी प्रमाण पत्र के नवीनीकरण पर भी रोक लगाई गई। टीम ने पंचनामा बनाकर आगे की कार्रवाई पूरी की। कलेक्टर श्री वर्मा ने अपंजीकृत चिकित्सक डॉ. दीपेश कोठारी और केन्द्र के संचालक डॉ. प्रखर अग्रवाल को नोटिस जारी करने के लिए निर्देशित किया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
महू के एमएनएच केयर अस्पताल की अल्ट्रासोनोग्राफी मशीन क्यों सील की गई?
पंजीयन की वैधता 20 अक्टूबर 2026 को खत्म होने के बाद भी अस्पताल में अल्ट्रासोनोग्राफी से जुड़े ईको के काम किए जा रहे थे।
अस्पताल का पीसीपीएनडीटी पंजीयन कब तक वैध था?
एमएनएच केयर अस्पताल का पीसीपीएनडीटी पंजीयन क्रमांक 759 था और इसकी वैधता 20 अक्टूबर 2026 तक थी।
जांच के दौरान अस्पताल में कौन-कौन सी गड़बड़ियां मिलीं?
अस्पताल में पंजीयन की वैधता खत्म होने के बाद ईको का काम किया जा रहा था, ईको रजिस्टर नहीं रखा जा रहा था और अपंजीकृत चिकित्सक डॉ. दीपेश कोठारी ईको कर रहे थे।
अस्पताल के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई?
अल्ट्रासोनोग्राफी मशीन सील कर दी गई, पीसीपीएनडीटी प्रमाण पत्र के नवीनीकरण पर रोक लगाई गई और डॉ. दीपेश कोठारी व संचालक डॉ. प्रखर अग्रवाल को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
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