मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने कहा कि असम के यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) बिल के प्रभावों को लेकर सरकार गहराई से समीक्षा कर रही है।
यह समीक्षा राज्य की विविध जनजातीय समुदायों और कानूनी ढांचे पर संभावित असर को ध्यान में रखते हुए की जा रही है।
मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने कहा कि असम के यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) बिल के प्रभावों को लेकर सरकार गहराई से समीक्षा कर रही है।
यह समीक्षा राज्य की विविध जनजातीय समुदायों और कानूनी ढांचे पर संभावित असर को ध्यान में रखते हुए की जा रही है।

Image Credit: Google Images
मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने घोषणा की है कि असम में हाल ही में पास हुए यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) बिल के प्रभावों को लेकर उनकी सरकार गंभीरता से समीक्षा कर रही है। संगमा ने कहा कि सरकार इस बिल के कानूनी ढांचे और मेघालय की अनूठी सामाजिक, सांस्कृतिक और कानूनी व्यवस्था पर इसके संभावित असर का मूल्यांकन कर रही है।
असम द्वारा UCC बिल पास करने के बाद पूरे नॉर्थ-ईस्ट में इस पर चर्चा तेज हो गई है। मेघालय, जो अपनी विविध जनजातीय समुदायों और पारंपरिक कानूनों के लिए जाना जाता है, इस तरह के कानून के प्रभाव को लेकर सतर्क है। संगमा ने भरोसा दिलाया कि समीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह से विस्तृत होगी और इसमें राज्य के संवैधानिक अधिकारों और जनता की भावनाओं को ध्यान में रखा जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि असम में UCC लागू होने से अन्य राज्यों, खासकर मेघालय के लिए एक मिसाल कायम हो सकती है। हालांकि, संगमा ने स्पष्ट किया कि कोई भी फैसला राज्य की विशिष्ट पहचान और कानूनी स्वायत्तता को ध्यान में रखते हुए ही लिया जाएगा। फिलहाल, सरकार ने समीक्षा प्रक्रिया के लिए कोई समयसीमा या आगे की योजना का खुलासा नहीं किया है।
यह घटनाक्रम भारत में यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर बढ़ती बहस को दर्शाता है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां जनजातीय आबादी और पारंपरिक कानूनों का खासा महत्व है। मेघालय का रुख देशभर के नीति निर्माताओं और हितधारकों द्वारा करीब से देखा जाएगा।