मेरठ में पांच नामी ब्रांड्स की कथित नकली वायर पैकिंग बरामद
मेरठ में नामी इलेक्ट्रिकल कंपनियों के नाम पर कथित रूप से नकली बिजली के तारों की पैकिंग तैयार करने का मामला सामने आया है।
मेरठ में नामी इलेक्ट्रिकल कंपनियों के नाम पर कथित रूप से नकली बिजली के तारों की पैकिंग तैयार करने का मामला सामने आया है। पुलिस की कार्रवाई में V-GUARD, HAVELLS, POLYCAB, ANCHOR और RR KABEL के नाम से पैक किए गए हजारों वायर पैकिंग बॉक्स बरामद किए गए हैं। बरामद माल की अनुमानित कीमत करीब 9 लाख रुपये बताई गई है।
यह मामला मेरठ के सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, हाशिमपुरा इलाके में चल रही एक प्रिंटिंग एवं पैकेजिंग फैक्ट्री से अलग-अलग प्रतिष्ठित कंपनियों के नाम और लोगो वाले वायर पैकिंग बॉक्स मिले। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इन ब्रांडों के नाम और ट्रेडमार्क का इस्तेमाल बिना अनुमति किया जा रहा था।
मामले में कॉपीराइट एक्ट की धारा 63 और 65 तथा भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की धारा 318(4) के तहत कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने आई है। शिकायत कंपनियों की ओर से अधिकृत प्रतिनिधि रविंद्र सिंह ने थाना सिविल लाइन पुलिस को दी है।
शिकायत के मुताबिक, V-GUARD INDUSTRIES LTD., HAVELLS INDIA LTD., POLYCAB INDIA LTD., PANASONIC LIFE SOLUTIONS INDIA PVT. LTD. (ANCHOR) और RR KABEL PVT. LTD. के नाम पर नकली वायर पैकिंग बॉक्स तैयार किए जाने की सूचना मिली थी। आरोप है कि कुछ लोग इन प्रतिष्ठित ब्रांडों के नाम और ट्रेडमार्क का इस्तेमाल कर पैकिंग सामग्री बना रहे थे।
शिकायत में दर्ज जानकारी के अनुसार, 2 नवंबर 2026 को इस बारे में सूचना मिली। इसके बाद पुलिस को मामले से अवगत कराया गया और हाशिमपुरा स्थित एक प्रिंटिंग फैक्ट्री की जांच की गई। एफआईआर में फैक्ट्री का पता मकान संख्या 569/8, सुभाष नगर, गली नंबर-8, हाशिमपुरा, थाना सिविल लाइन, मेरठ दर्ज है।
जांच के दौरान फैक्ट्री में अलग-अलग कंपनियों के नाम और लोगो वाले पैकिंग बॉक्स मिलने का उल्लेख किया गया है। शिकायत में बरामद बॉक्सों की संख्या भी दर्ज की गई है। इनमें V-GUARD के 3,501 बॉक्स, HAVELLS के 3,001 बॉक्स, POLYCAB के 3,001 बॉक्स, ANCHOR के 3,001 बॉक्स और RR KABEL के 2,501 बॉक्स शामिल हैं।
इस तरह कुल 15,005 पैकिंग बॉक्स मिलने की बात कही गई है। मौके से सामने आई तस्वीरों में POLYCAB, ANCHOR और V-GUARD जैसे ब्रांडों के नाम वाली वायर पैकिंग सामग्री दिखाई दे रही है। पुलिस कार्रवाई के बाद बरामद सामग्री को मामले की जांच से जोड़कर देखा जा रहा है।
पुलिस को दी गई शिकायत में यह आरोप पैकिंग सामग्री तैयार करने से जुड़ा है।
मामले में लगाई गई धाराओं में कॉपीराइट एक्ट की धारा 63 और 65 शामिल हैं। कॉपीराइट एक्ट की धारा 63 कॉपीराइट उल्लंघन से जुड़े अपराधों के लिए दंड का प्रावधान करती है। वहीं, धारा 65 उल्लंघनकारी प्रतियां बनाने के उद्देश्य से प्लेट आदि रखने से संबंधित है।
इसके अलावा भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) भी लगाई गई है। यह धारा धोखाधड़ी करके संपत्ति या मूल्यवान प्रतिभूति दिलवाने से संबंधित है। हालांकि, इन धाराओं के तहत लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होगी।
नामी कंपनियों के नाम पर नकली पैकिंग सामग्री तैयार किए जाने से उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी और संबंधित कंपनियों की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है। ऐसी पैकिंग में अगर घटिया गुणवत्ता वाले बिजली के तार बेचे जाते हैं, तो शॉर्ट सर्किट, आग लगने और अन्य विद्युत दुर्घटनाओं का खतरा पैदा हो सकता है।
हालांकि, उपलब्ध एफआईआर के अंश और तस्वीरों से केवल पैकिंग बॉक्स बरामद होने की जानकारी सामने आती है। इस वजह से मामले में पैकिंग सामग्री और उसके इस्तेमाल की जांच अहम मानी जा रही है।
जांच में यह भी सामने आना बाकी है कि पैकिंग सामग्री किन लोगों के लिए तैयार की जा रही थी और इसका इस्तेमाल कहां किया जाना था। इसके साथ ही, सामग्री के निर्माण, आपूर्ति और संभावित बिक्री नेटवर्क से जुड़े तथ्यों की भी जांच की जाएगी।
फिलहाल पुलिस के सामने हाशिमपुरा स्थित फैक्ट्री से मिले 15,005 वायर पैकिंग बॉक्स और उनसे जुड़े आरोप हैं। मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस की विस्तृत जांच और आगे की न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही साफ हो सकेगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मेरठ में पुलिस ने क्या बरामद किया?
पुलिस ने V-GUARD, HAVELLS, POLYCAB, ANCHOR और RR KABEL के नाम और लोगो वाले 15,005 कथित नकली वायर पैकिंग बॉक्स बरामद किए।
यह मामला मेरठ के किस इलाके का है?
यह मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र के हाशिमपुरा इलाके की एक प्रिंटिंग और पैकेजिंग फैक्ट्री का है।
बरामद पैकिंग बॉक्सों की अनुमानित कीमत कितनी है?
बरामद सामान की अनुमानित कीमत करीब 9 लाख रुपये बताई गई है।
मामले में किन धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है?
मामले में कॉपीराइट एक्ट की धारा 63 और 65 और भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की धारा 318(4) के तहत कार्रवाई की जानकारी सामने आई है।
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