बहराइच अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को दी उम्रकैद
बहराइच जिले की एक अदालत ने एक नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के दोषी एक व्यक्ति को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
बहराइच जिले की एक अदालत ने एक नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के दोषी एक व्यक्ति को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी कमल कुमार मिश्रा को आजीवन सश्रम कारावास के साथ-साथ 1 लाख 5 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह फैसला "ऑपरेशन कन्विक्शन" के तहत चलाए जा रहे खास अभियान का हिस्सा है, जिसमें गंभीर अपराधों में दोषी लोगों के खिलाफ तेज और सख्त कार्रवाई की जा रही है।
मामले की शुरुआत 25 सितंबर 2024 को तब हुई जब पीड़िता की मां ने थाना कोतवाली देहात में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि कमल कुमार मिश्रा ने नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ और दुष्कर्म की कोशिश की थी। जब पीड़िता की मां ने इसका विरोध किया तो आरोपी ने उसके साथ मारपीट भी की। पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर लिया और बीएनएस व पॉक्सो कानून के तहत केस चलाया।
जांच अधिकारी रवि कुमार यादव ने सबूत इकट्ठा किए, गवाहों के बयान दर्ज किए और 4 अक्टूबर 2024 को चार्जशीट अदालत में पेश की। 19 नवंबर को आरोप तय किए गए और अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार की अदालत में सुनवाई शुरू हुई। विशेष लोक अभियोजक सुरेंद्र कुमार मौर्या की मजबूत पैरवी के बाद 25 अगस्त 2026 को दोषी को सजा सुनाई गई।
आरोपी कमल कुमार मिश्रा, जो दूलम्हा गनियापुर इलाके का रहने वाला है, को पॉक्सो कानून की धारा 6 के तहत प्राकृतिक जीवन के अंत तक उम्रकैद और 1 लाख रुपये जुर्माना तथा बीएनएस की धारा 115(2) में 6 महीने की कैद और 5 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना न भरने पर अतिरिक्त कैद भी काटनी होगी। यह फैसला बहराइच पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव के निर्देशन में चल रहे अभियान की बड़ी सफलता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
बहराइच में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में क्या सजा दी गई?
बहराइच अदालत ने कमल कुमार मिश्रा को उम्रकैद (आजीवन कारावास) की सजा दी है। साथ ही उसे 1 लाख 5 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
यह मामला कब दर्ज हुआ और कहाँ?
यह मामला 25 सितंबर 2024 को थाना कोतवाली देहात में दर्ज हुआ था। पीड़िता की मां ने शिकायत दर्ज की थी।
इस मामले में कौन से कानून लागू किए गए?
इस मामले में पॉक्सो कानून की धारा 6 और बीएनएस की धारा 115(2) लागू की गई। आरोपी को दोनों धाराओं के तहत सजा दी गई है।
अदालत का फैसला कब आया?
अदालत का फैसला 25 अगस्त 2026 को सुनाया गया। इससे पहले 19 नवंबर को आरोप तय किए गए थे और सुनवाई शुरू हुई थी।
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