कोडुंगल्लूर-अंगमाली एनएच 544 बाइपास का अलाइनमेंट दो हफ्ते में होगा फाइनल
कोडुंगल्लूर-अंगमाली एनएच 544 बाइपास का अलाइनमेंट दो हफ्ते में तैयार होने की उम्मीद कोडुंगल्लूर-अंगमाली नेशनल हाईवे (एनएच) 544 बाइपास का अलाइनमेंट अगले पंद्रह दिनों में फाइनल होने की संभावना है।
कोडुंगल्लूर-अंगमाली नेशनल हाईवे (एनएच) 544 बाइपास का अलाइनमेंट अगले पंद्रह दिनों में फाइनल होने की संभावना है। इस प्रोजेक्ट की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार होने के आखिरी चरण में है। 18 किलोमीटर लंबे इस बाइपास की लागत करीब ₹360 करोड़ आंकी गई है। इसका मकसद अंगमाली और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक जाम की समस्या को कम करना है, जहां अक्सर गाड़ियों को लंबा इंतजार करना पड़ता है।
योजना और जमीन अधिग्रहण के आखिरी चरण
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने फाइनल इनसेप्शन रिपोर्ट जमा कर दी है और फिलहाल अलाइनमेंट ऑप्शन स्टडी की समीक्षा कर रही है। प्रोजेक्ट की चौड़ाई और अन्य तकनीकी पहलुओं को भी जल्द फाइनल किया जाएगा। यह बाइपास 50 किलोमीटर लंबे अरोर-अंगमाली एनएच 544 बाइपास (कोच्चि बाइपास) का विस्तार होगा, जो अंगमाली के उत्तर में करायमपरंबु पर एनएच 544 से जुड़ेगा।
8 लेन चौड़े कोच्चि बाइपास के निर्माण के लिए जल्द ही जमीन अधिग्रहण के लिए नई 3ए अधिसूचना जारी होने की उम्मीद है, क्योंकि पिछली अधिसूचना 2024 में समाप्त हो चुकी है। एनएचएआई प्रस्तावित 45 मीटर चौड़े कॉरिडोर के दोनों ओर 12.5 मीटर अतिरिक्त जमीन अधिग्रहित करने की योजना बना रही है, ताकि भविष्य में इसे 10 लेन हाईवे में बदला जा सके।
बेहतर ट्रैफिक मैनेजमेंट की मांग
स्थानीय यात्रियों ने एडापल्ली से करायमपरंबु के बीच मौजूदा एनएच 544 के हिस्से को लेकर चिंता जताई है, जो एक टोल कॉरिडोर है। उन्होंने एनएचएआई से मौजूदा सड़क की चौड़ाई बेहतर करने और ट्रैफिक फ्लो को सुचारू बनाने की मांग की है, ताकि बार-बार होने वाले जाम से राहत मिल सके। कोच्चि फर्स्ट सोशल मीडिया ग्रुप के एडमिन और आईटी प्रोफेशनल अर्जुन प्रकाश ने सड़क की बेहतर देखभाल, चौड़ी टार की गई सड़कें और साफ-सुथरे कंधों की जरूरत पर जोर दिया।
क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और विकास को बढ़ावा
कोडुंगल्लूर-अंगमाली बाइपास, अरोर और कोडुंगल्लूर को जोड़ने वाले ग्रीनफील्ड एनएच बाइपास प्रोजेक्ट का हिस्सा है। ये प्रोजेक्ट कोच्चि के चारों ओर एक अर्धवृत्ताकार हाईवे नेटवर्क तैयार करेंगे, जिससे त्रिशूर और अन्य उत्तरी जिलों से कोचीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों का समय बचेगा।
प्रकाश ने नए बाइपास से एयरपोर्ट और आसपास के इलाकों तक पहुंचने के लिए स्पर रोड बनाने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन हाईवे और लिंक रोड्स से कोच्चि का शहरी विस्तार तेज होगा, बशर्ते सरकार रेजिडेंशियल और कमर्शियल इलाकों के लिए सही तरीके से लैंड जोनिंग लागू करे। इसके अलावा, ये बाइपास अलुवा और पेरुम्बवूर को जोड़ने वाली मौजूदा सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव भी कम करेंगे।
इस प्रोजेक्ट के पूरा होने पर न सिर्फ ट्रैफिक की समस्या सुलझेगी, बल्कि यह क्षेत्र के आर्थिक विकास और शहरीकरण में भी योगदान देगा।
स्रोत: The Hindu
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