KERC ने सोलर पावर टैरिफ घटाने का प्रस्ताव, 2026 से लागू होगा
KERC ने सब्सिडी लेने वालों के लिए सोलर पावर टैरिफ घटाने का प्रस्ताव दिया, जुलाई 2026 से लागू होगा कर्नाटक इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (KERC) ने एक ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया है, जिसमें जुलाई 1,
कर्नाटक इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (KERC) ने एक ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया है, जिसमें जुलाई 1, 2026 से जून 30, 2029 तक के तीन साल के लिए सोलर पावर टैरिफ को संशोधित करने का प्रस्ताव रखा गया है। ये टैरिफ पीएम सूर्य घर योजना और डिस्ट्रिब्यूटेड सोलर फोटोवोल्टिक (DSPV) सिस्टम समेत कई सोलर पावर प्रोजेक्ट्स पर लागू होंगे। टैरिफ बिजली उत्पादन की मात्रा और सरकारी सब्सिडी के इस्तेमाल पर निर्भर करेंगे।
ग्राहकों को इन प्रस्तावित टैरिफ पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए 30 जून, 2026 तक का समय दिया गया है। इसके बाद पब्लिक हियरिंग होगी, जिसमें दरों को फाइनल किया जाएगा।
ड्राफ्ट के मुताबिक, जो ग्राहक बिना सरकारी सब्सिडी के सोलर पावर जनरेट करेंगे, उन्हें ग्रिड को अतिरिक्त बिजली बेचने पर ज्यादा दरें मिलेंगी। उदाहरण के लिए, जो ग्राहक 10 किलोवाट तक बिजली बिना सब्सिडी के जनरेट करेंगे, उन्हें ₹3.03 प्रति यूनिट का भुगतान किया जाएगा।
लेकिन, जिन्होंने सरकारी सब्सिडी का फायदा उठाया है, उनके लिए टैरिफ घटा दिए गए हैं। पीएम सूर्य घर योजना के तहत दरें अब बिजली उत्पादन की मात्रा पर निर्भर होंगी। 1 से 2 किलोवाट के लिए ₹1.87 प्रति यूनिट, 2 से 3 किलोवाट के लिए ₹2.05 प्रति यूनिट और 3 किलोवाट से ज्यादा के लिए ₹2.49 प्रति यूनिट तय की गई है। ये दरें पहले के ₹2.30, ₹2.48 और ₹2.93 प्रति यूनिट से कम हैं।
पीएम सूर्य घर योजना का लक्ष्य कर्नाटक में 1.02 लाख घरों पर रूफटॉप सोलर पैनल लगाना है। अब तक 20,152 घरों पर इंस्टॉलेशन से 80.96 मेगावाट बिजली जनरेट हो रही है। कुल मिलाकर, राज्य में विभिन्न स्रोतों से 6,354.74 मेगावाट सोलर पावर जनरेट हो रही है। रूफटॉप के अलावा, अब आंगन, कार पार्किंग और दीवारों पर भी सोलर पैनल लगाकर बिजली बनाई जा सकती है।
सोलर पावर को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ₹30,000 से ₹78,000 तक की सब्सिडी दे रही है। कई ग्राहक इस मदद का फायदा उठाकर सोलर पैनल इंस्टॉल कर रहे हैं, अपनी जरूरत की बिजली का इस्तेमाल कर रहे हैं और अतिरिक्त बिजली पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों को बेच रहे हैं।
इस नोटिफिकेशन में सरकार की कोशिशों को दिखाया गया है कि कैसे रिन्यूएबल एनर्जी को बढ़ावा दिया जा रहा है, साथ ही सोलर को अपनाने के लिए प्रोत्साहन और पावर डिस्ट्रीब्यूशन के लिए लागत संतुलन बनाए रखने पर ध्यान दिया जा रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
KERC ने सोलर टैरिफ में क्या बदलाव किया है?
KERC ने जुलाई 2026 से जून 2029 तक के लिए सोलर पावर टैरिफ को संशोधित किया है। जिन लोगों ने PM सूर्य घर योजना से सब्सिडी ली है, उनके टैरिफ घटाए गए हैं - 1-2 किलोवाट के लिए ₹1.87, 2-3 किलोवाट के लिए ₹2.05 और 3 किलोवाट से ज्यादा के लिए ₹2.49 प्रति यूनिट तय किए गए हैं।
बिना सब्सिडी के सोलर पैनल लगाने वालों को क्या फायदा है?
जो ग्राहक अपने पैसों से सोलर पैनल लगाते हैं, उन्हें ग्रिड को अतिरिक्त बिजली बेचने पर ज्यादा दरें मिलती हैं। 10 किलोवाट तक के सिस्टम के लिए उन्हें ₹3.03 प्रति यूनिट दिया जाता है।
PM सूर्य घर योजना का क्या लक्ष्य है?
इस योजना का लक्ष्य कर्नाटक में 1.02 लाख घरों के छतों पर सोलर पैनल लगाना है। अब तक 20,152 घरों पर इंस्टॉलेशन हो चुका है और 80.96 मेगावाट बिजली बन रही है। केंद्र सरकार इसके लिए ₹30,000 से ₹78,000 तक की सब्सिडी दे रही है।
ग्राहकों को इन नए टैरिफ पर आपत्ति दर्ज करने का समय कितना है?
ग्राहकों को 30 जून 2026 तक आपत्ति दर्ज करने का समय दिया गया है। इसके बाद पब्लिक हियरिंग होगी, जिसमें दरों को फाइनल किया जाएगा।
सोलर पैनल सिर्फ छतों पर ही लगाए जा सकते हैं?
नहीं, अब सोलर पैनल छतों के अलावा आंगन, कार पार्किंग और दीवारों पर भी लगाकर बिजली बनाई जा सकती है। इससे सोलर पावर बढ़ाने के और भी विकल्प खुल गए हैं।
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