केरल सरकार ने जमीन सुधारों के लिए बनाई 5 सदस्यों की कमेटी
केरल सरकार ने जमीन कानूनों की समीक्षा के लिए ए.टी. जेम्स की अगुवाई में कमेटी बनाई है, जो किसानों के हक और टाइटल डीड मुद्दों को देखेगी।
पूर्व लैंड रेवेन्यू कमिश्नर ए.टी. जेम्स की अगुवाई वाली एक एक्सपर्ट कमेटी अब केरलम के जमीन से जुड़े कानूनों की समीक्षा करेगी। सरकार ने व्यापक सुधारों के लिए पांच सदस्यों वाली कमेटी नियुक्त करने का आदेश जारी किया है।
यह आदेश किसानों की लंबे समय से चली आ रही मांग और स्टेट बजट में की गई घोषणा के बाद आया है।
पुराने जमीन कानूनों की समीक्षा करेगी कमेटी
कमेटी को ऐसे कानूनों में सुधार का काम दिया गया है, जिनके बारे में कहा गया है कि वे कई तरह की अड़चनों से भरे हुए हैं।
यह कमेटी जमीन से जुड़े कानूनों को विस्तार से फिर से देखेगी, ताकि पुराने और पेचीदा प्रावधानों को समय के हिसाब से बदला जा सके।
सरकार का बताया गया फोकस जमीन सुधारों में व्यापक बदलावों पर है। कमेटी की स्टडी ही इन संशोधनों का आधार बनेगी।
कमेटी के सामने मुख्य मुद्दे
यह पैनल किसानों को खेती की जमीन से तकनीकी और कमजोर कारणों का हवाला देकर बेदखल किए जाने को रोकने के लिए काम करेगा।
यह इस बात को भी देखेगा कि किसानों को उन जमीनों का पूरा और बिना शर्त मालिकाना हक मिले, जिन पर वे कई सालों से खेती कर रहे हैं।
इसके काम का एक और हिस्सा किसानों को फसलों में विविधता लाने की अनुमति देना है, साथ ही यह सुनिश्चित करना है कि प्लांटेशन का प्राकृतिक माहौल बना रहे।
कमेटी से यह भी कहा गया है कि वह उन किसानों के टाइटल डीड से जुड़ी समस्याओं का स्थायी हल निकाले, जिनके पास दशकों से जमीन के टुकड़ों का कब्जा है।
सुधार क्यों अहम हैं
एक बयान में कहा गया कि इन सुधारों से किसान समुदाय को सुरक्षा मिलने और सेक्टर में नई जान आने की उम्मीद है।
बयान में कहा गया कि संशोधन कमेटी की ओर से सौंपी गई स्टडी रिपोर्ट के आधार पर लागू किए जाएंगे।
यह घोषणा 25 सितंबर, 2026 को 08:30 पीएम आईएसटी पर प्रकाशित की गई थी।
स्रोत: The Hindu
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
केरल सरकार ने जमीन सुधारों के लिए क्या फैसला किया है?
केरल सरकार ने जमीन से जुड़े कानूनों की समीक्षा और सुधारों के लिए पांच सदस्यों वाली एक्सपर्ट कमेटी बनाई है।
इस कमेटी की अगुवाई कौन करेगा?
इस कमेटी की अगुवाई पूर्व लैंड रेवेन्यू कमिश्नर ए.टी. जेम्स करेंगे।
कमेटी किन मुद्दों को देखेगी?
कमेटी पुराने और पेचीदा जमीन कानूनों की समीक्षा करेगी, किसानों को तकनीकी वजहों से बेदखल होने से बचाने, मालिकाना हक, फसलों में विविधता और टाइटल डीड की समस्याओं जैसे मुद्दों को देखेगी।
यह कमेटी क्यों बनाई गई है?
यह फैसला किसानों की लंबे समय से चली आ रही मांग और स्टेट बजट में की गई घोषणा के बाद लिया गया है।
जमीन सुधार कब लागू होंगे?
सरकार के मुताबिक सुधार कमेटी की स्टडी रिपोर्ट के आधार पर लागू किए जाएंगे।
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