कार्तिक पालीवाल बने All India Anti Corruption Parliament Committee के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
फिल्म निर्माता और कास्टिंग डायरेक्टर कार्तिक पालीवाल को ऑल इंडिया एंटी करप्शन पार्लियामेंट कमेटी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किए जाने की जानकारी साझा की गई है।
फिल्म निर्माता और कास्टिंग डायरेक्टर कार्तिक पालीवाल को ऑल इंडिया एंटी करप्शन पार्लियामेंट कमेटी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किए जाने की जानकारी NewsDarpan के साथ साझा की गई है। इस नियुक्ति के साथ फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े पालीवाल को भ्रष्टाचार के खिलाफ जागरूकता और नागरिक सहायता से जुड़े राष्ट्रीय स्तर के काम की जिम्मेदारी मिलने की बात कही गई है।
घोषणा में क्या कहा गया है
साझा की गई जानकारी के मुताबिक पालीवाल प्रशासन में पारदर्शिता, भ्रष्टाचार के खिलाफ जागरूकता और ऑनलाइन ठगी से परेशान लोगों की मदद पर काम करेंगे। उनकी प्राथमिकताओं में साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान, जरूरतमंद लोगों के लिए मदद केंद्र और साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया समझाने में सहायता शामिल बताई गई है।
इस जानकारी के साथ नियुक्ति की पुष्टि करने वाला कोई स्वतंत्र सरकारी आदेश, कमेटी का प्रस्ताव या सार्वजनिक रजिस्टर रिकॉर्ड साझा नहीं किया गया है। इसलिए NewsDarpan ने नियुक्ति और प्रोफाइल में किए गए पेशेवर दावों को घोषणा से जुड़ी जानकारी के तौर पर रखा है, स्वतंत्र रूप से पुष्ट आधिकारिक तथ्य के तौर पर नहीं।
मनोरंजन से जनसेवा तक
प्रोफाइल में पालीवाल को Paliwal Entertainment का संस्थापक और बॉलीवुड, टेलीविजन तथा अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स में काम करने वाला कास्टिंग डायरेक्टर बताया गया है। साझा सामग्री में Zee Music Company से जुड़े Kyun Ni Pata और Tera Koi Ni जैसे म्यूजिक वीडियो और Sanjay Mishra तथा Dharmendra जैसे कलाकारों से जुड़े फिल्म प्रोजेक्ट्स का भी उल्लेख है।
NewsDarpan को दी गई जानकारी में पालीवाल का जन्म 14 अप्रैल 1997 को नई दिल्ली में बताया गया है। प्रोफाइल में उन्हें भारत के सबसे कम उम्र के फिल्म निर्माताओं में शामिल बताया गया है। इन जीवनी और करियर से जुड़े दावों की न्यूज़रूम ने स्वतंत्र पुष्टि नहीं की है, इसलिए इन्हें केवल इस घोषणा के साथ दी गई पृष्ठभूमि की जानकारी के रूप में शामिल किया गया है।
साइबर सुरक्षा पर जोर
घोषणा के मुताबिक पालीवाल ने ऑनलाइन वित्तीय ठगी, पहचान की चोरी और दूसरे डिजिटल अपराधों से जूझ रहे लोगों को मार्गदर्शन दिया है। नई भूमिका के जरिए ऐसी मदद को जागरूकता कार्यक्रमों और सही जगह तक पहुंचाने वाली सहायता के माध्यम से ज्यादा लोगों तक ले जाने की बात कही गई है। पीड़ितों को आधिकारिक शिकायत और कानूनी प्रक्रिया के लिए संबंधित पुलिस और सरकारी चैनलों का इस्तेमाल करना होगा।
साइबर ठगी होने पर पीड़ितों को तुरंत आधिकारिक राष्ट्रीय साइबर अपराध शिकायत व्यवस्था या नजदीकी पुलिस से संपर्क करना चाहिए। कोई निजी व्यक्ति या कमेटी औपचारिक शिकायत, जांच या अदालत की प्रक्रिया की जगह नहीं ले सकती।
आगे की योजना
साझा जानकारी के अनुसार कमेटी युवाओं के बीच डिजिटल सुरक्षा का संदेश पहुंचाने के लिए पालीवाल के मनोरंजन क्षेत्र के नेटवर्क का इस्तेमाल करना चाहती है। कमेटी का काम, पदाधिकारियों की सूची और सार्वजनिक कार्यक्रम औपचारिक नोटिस, कार्यक्रमों या सत्यापित रिकॉर्ड के सामने आने के बाद ज्यादा साफ होंगे।
स्रोत नोट: यह रिपोर्ट NewsDarpan को दी गई जानकारी पर आधारित है। साथ लगा पोर्ट्रेट एक प्रोफाइल फोटो है; यह नियुक्ति समारोह या कमेटी की गतिविधि की तस्वीर नहीं है।
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