फिरोजाबाद के कॉलेज में 1.32 करोड़ रुपये का घोटाला सामने आया
फिरोजाबाद के शिकोहाबाद में नारायण डिग्री कॉलेज में 1.32 करोड़ रुपये का बड़ा घोटाला सामने आया है।
फिरोजाबाद के शिकोहाबाद में नारायण डिग्री कॉलेज में 1.32 करोड़ रुपये का बड़ा घोटाला सामने आया है। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. विजय कुमार ने न्यायालय के आदेश पर प्रबंध समिति के अध्यक्ष सुरेश टंडन, प्रबंधक एलसी मेहरा, सचिव विनोद चतुर्वेदी और स्टेट मैनेजर निर्दोष प्रताप सिंह समेत अन्य के खिलाफ शिकोहाबाद थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। डीएम फिरोजाबाद की जांच में इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।
जानकारी के मुताबिक, नारायण कॉलेज की प्रबंध समिति का कार्यकाल 2 सितंबर 2024 को खत्म हो चुका है। समिति के खाते में जमा 1.32 करोड़ रुपये की राशि को फर्जी दस्तावेजों के जरिए खर्च दिखाया गया। आरोप है कि प्रबंधक और सचिव ने 2023 में करीब 90 लाख रुपये की रकम निकाल ली। जब प्राचार्य ने खर्च का विवरण मांगा, तो मामला उजागर हो गया।
यह राशि कॉलेज को सात साल पहले सुभाष तिराहे के पास बने ओवरब्रिज निर्माण के लिए अधिग्रहीत जमीन के मुआवजे के रूप में मिली थी। उस समय इसे एफडीआर के रूप में इंडियन बैंक में जमा किया गया था। जांच में यह भी पता चला कि एफडीआर के भुगतान में बैंक अधिकारियों की लापरवाही भी सामने आई है।
प्राचार्य डॉ. विजय कुमार ने डीएम को लिखित शिकायत दी थी, जिसके बाद डीएम ने जांच कमेटी बनाई। जांच में डीआईओएस भी शामिल थे। रिपोर्ट में घोटाले की पुष्टि हुई, जिसके बाद प्राचार्य ने कोर्ट में याचिका दायर की। कोर्ट के निर्देश पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
इस घोटाले ने जिले में हड़कंप मचा दिया है। पुलिस अब मामले की गहराई से जांच कर रही है। प्राचार्य ने उम्मीद जताई है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
फिरोजाबाद के कॉलेज में कितना घोटाला हुआ है?
फिरोजाबाद के नारायण डिग्री कॉलेज में 1.32 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है।
इस घोटाले की जांच कौन कर रहा है?
इस घोटाले की जांच डीएम फिरोजाबाद ने की है और पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है।
घोटाले का खुलासा कैसे हुआ?
घोटाले का खुलासा तब हुआ जब प्राचार्य डॉ. विजय कुमार ने खर्च का विवरण मांगा।
इस घोटाले में कौन-कौन शामिल हैं?
इस घोटाले में प्रबंध समिति के अध्यक्ष सुरेश टंडन, प्रबंधक एलसी मेहरा, सचिव विनोद चतुर्वेदी और स्टेट मैनेजर निर्दोष प्रताप सिंह शामिल हैं।
कॉलेज को यह राशि किस लिए मिली थी?
यह राशि कॉलेज को ओवरब्रिज निर्माण के लिए अधिग्रहीत जमीन के मुआवजे के रूप में मिली थी।
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