अनु कपूर ने शाहरुख खान के 'लास्ट सुपरस्टार' दावे पर उठाए सवाल
अनु कपूर ने शाहरुख खान के 'लास्ट सुपरस्टार' होने के दावे पर सवाल उठाया अनुभवी एक्टर अनु कपूर ने शाहरुख खान के उस बयान पर असहमति जताई है जिसमें उन्होंने खुद को "लास्ट ऑफ द स्टार्स" कहा था।
शाहरुख खान द्वारा खुद को "आखिरी सुपरस्टार" कहे जाने के बयान पर अभिनेता अनु कपूर ने हाल ही में असहमति जताई है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या शाहरुख 2045 तक उतने ही प्रासंगिक रहेंगे जितने वह आज हैं।
शाहरुख का दावा: "मैं आखिरी स्टार हूं"
शाहरुख खान ने 2014 में अनुपम खेर के टॉक शो कुछ भी हो सकता है में कहा था, "मैं विनम्र हूं, लेकिन ईमानदारी से कहूं तो मैं आखिरी स्टार हूं।" यह बयान वर्षों से चर्चा का विषय रहा है।
अनु कपूर का तर्क: लंबी पारी निभाना मुश्किल
अनु कपूर ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि मीडिया अक्सर किसी एक व्यक्ति को "आखिरी सुपरस्टार" बताने का नैरेटिव बनाता है। उन्होंने राजेश खन्ना के समय की भी इसी तरह की बातों का उदाहरण दिया।
अनु ने अमिताभ बच्चन, लता मंगेशकर और आशा भोसले जैसे कलाकारों का जिक्र करते हुए कहा कि उनके जैसा लंबा करियर निभाना किसी के लिए भी बेहद कठिन है। उन्होंने कहा, "जिस अभिनेता की आप बात कर रहे हैं, उसने 1992 में शुरुआत की थी। वह 34 साल का करियर है। अमिताभ बच्चन के 53 साल के करियर से तुलना करें तो अभी भी 19 साल बाकी हैं। क्या शाहरुख खान अगले 19 साल तक प्रासंगिक रह पाएंगे? मुझे ऐसा नहीं लगता।"
"सुपरस्टार्स आते-जाते हैं, लेकिन इंसानियत याद रहती है"
हालांकि, अनु कपूर ने शाहरुख की व्यक्तिगत खूबियों की तारीफ की। उन्होंने कहा, "मैंने सुना है कि वह बहुत अच्छे पिता, पति और भाई हैं। सुपरस्टार्स आते-जाते हैं, लेकिन जो व्यक्ति अपने परिवार की परवाह करता है, वही उसकी सबसे बड़ी उपलब्धि है।"
'डर' में साथ काम करने की यादें धुंधली
जब अनु कपूर से फिल्म डर में शाहरुख खान के साथ काम करने के अनुभव के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, "मुझे याद नहीं है। वह उस समय बिल्कुल नए थे। मैंने सिर्फ तीन दिन शूटिंग की थी और ज्यादा जुड़ाव नहीं था।" हालांकि, उन्होंने शाहरुख के लिए शुभकामनाएं दीं।
स्थायित्व पर अन्य कलाकारों की राय
अनु कपूर के अलावा, अभिनेता विवेक ओबेरॉय ने भी स्थायी स्टारडम पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा, "इतिहास के साथ सबसे बड़े सितारे भी जनता की यादों से मिट सकते हैं।" उन्होंने राज कपूर का उदाहरण देते हुए बताया कि आज की पीढ़ी के कई लोग उन्हें नहीं जानते।
क्यों मायने रखता है यह विवाद?
शाहरुख खान का "आखिरी सुपरस्टार" वाला दावा न केवल उनके करियर की स्थायित्व पर चर्चा को जन्म देता है, बल्कि यह सवाल भी उठाता है कि बदलते समय में स्टारडम की परिभाषा क्या है। अनु कपूर और विवेक ओबेरॉय जैसे कलाकारों की टिप्पणियां इस बहस को और गहराई देती हैं।
'लास्ट सुपरस्टार' वाली बहस क्यों अहम है
'लास्ट सुपरस्टार' कोई आधिकारिक फिल्मी खिताब नहीं, बल्कि राय का मामला है। यह बहस बताती है कि स्टारडम का तरीका बदल चुका है। अब सिनेमाघरों के साथ OTT, सोशल मीडिया, फ्रेंचाइजी फिल्मों और क्षेत्रीय सिनेमा से भी मुकाबला है। ओपनिंग वीकेंड की कमाई स्टार पावर का एक पैमाना हो सकती है, लेकिन लंबे समय तक टिकने के लिए अच्छी स्क्रिप्ट, दर्शकों का भरोसा और अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर जुड़ाव भी जरूरी है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अनु कपूर ने शाहरुख खान के 'आखिरी सुपरस्टार' दावे पर क्या सवाल उठाए?
अनु कपूर ने पूछा कि क्या शाहरुख 2045 तक उतने ही प्रासंगिक रहेंगे जितने आज हैं।
शाहरुख खान ने 'आखिरी सुपरस्टार' का दावा कब किया था?
शाहरुख खान ने यह दावा 2014 में अनुपम खेर के टॉक शो 'कुछ भी हो सकता है' में किया था।
अनु कपूर ने किस कलाकारों का उदाहरण देकर लंबी पारी निभाने की कठिनाई बताई?
अनु कपूर ने अमिताभ बच्चन, लता मंगेशकर और आशा भोसले का उदाहरण दिया।
अनु कपूर ने शाहरुख खान के बारे में क्या कहा?
अनु कपूर ने शाहरुख को एक अच्छे पिता, पति और भाई के रूप में सराहा।
'लास्ट सुपरस्टार' वाली बहस क्यों महत्वपूर्ण है?
यह बहस बताती है कि स्टारडम का तरीका बदल चुका है और अब कई नए प्लेटफॉर्म का मुकाबला है।
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