कर्नाटक सरकार 1,000 सरकारी स्कूलों को केपीएस में बदलेगी
सरकार 1,000 स्कूलों को सीसीएसआर फंड से कर्नाटक पब्लिक स्कूल में बदलेगी कर्नाटक सरकार ने अगले दो सालों में 1,000 सरकारी स्कूलों को कर्नाटक पब्लिक स्कूल (केपीएस) में अपग्रेड करने का ऐलान किया है।
कर्नाटक सरकार ने अगले दो सालों में 1,000 सरकारी स्कूलों को कर्नाटक पब्लिक स्कूल (केपीएस) में अपग्रेड करने का ऐलान किया है। इसके लिए कम्युनिटी और कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीसीएसआर) फंड का इस्तेमाल होगा। ये स्कूल उन इलाकों में बनाए जाएंगे जो ग्राम पंचायत, शहरी निकाय और ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (जीबीए) के तहत आते हैं और जहां फिलहाल केपीएस स्कूल नहीं हैं।
डोनर्स को को-ब्रांडिंग का मौका
सरकार ने ज्यादा योगदान आकर्षित करने के लिए डोनर ऑर्गनाइजेशन्स को स्कूलों के साथ अपना नाम जोड़ने की इजाजत दी है। इस प्रोजेक्ट की निगरानी के लिए कर्नाटक स्टेट सीसीएसआर मॉनिटरिंग कमेटी बनाई गई है, जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री करेंगे, और उपमुख्यमंत्री उपाध्यक्ष होंगे। कमेटी में मंत्री और सीनियर अधिकारी भी शामिल हैं। इसे सपोर्ट करने के लिए स्कूल एजुकेशन सीसीएसआर सेल बनाई गई है, जिसकी जिम्मेदारी डिपार्टमेंटल कमिश्नर के पास होगी। जिला और जीबीए स्तर पर सीसीएसआर सेल्स लोकल अथॉरिटीज के नेतृत्व में काम करेंगी।
शिक्षा का विस्तार और आधुनिकीकरण
फिलहाल कर्नाटक में 325 केपीएस स्कूल चल रहे हैं, जो 8 से 15 गांवों के करीब 1,200 छात्रों को शिक्षा दे रहे हैं। ये स्कूल प्रीस्कूल से लेकर 12वीं तक कन्नड़ और अंग्रेजी में बाइलिंगुअल पढ़ाई कराते हैं। यहां कंप्यूटर लिटरेसी, स्किल-बेस्ड इंडस्ट्री ओरिएंटेड कोर्स और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर फोकस किया जाता है। सरकार का लक्ष्य हर ग्राम पंचायत में कम से कम एक केपीएस खोलने का है और छात्रों को इन स्कूलों तक पहुंचाने के लिए फ्री ट्रांसपोर्ट की सुविधा देने की योजना है।
फंडिंग और भविष्य के लक्ष्य
ये प्रोजेक्ट कर्नाटक के सरकारी स्कूलों और प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेजों में पढ़ने वाले 40 लाख छात्रों को बेहतर शिक्षा देने के बड़े प्रयास का हिस्सा है। इस शैक्षणिक साल में सरकार ने एशियन डेवलपमेंट बैंक से ₹2,000 करोड़ का फंड लेकर 500 केपीएस क्लस्टर्स को डेवलप करने का काम शुरू किया है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए सीसीएसआर फंड से ₹352 करोड़ से ज्यादा का बजट इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड, टीचर ट्रेनिंग और डिजिटल एजुकेशन रिसोर्सेज के लिए तय किया गया है।
ये महत्वाकांक्षी योजना गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने और सीसीएसआर पार्टनरशिप के जरिए पब्लिक-प्राइवेट सहयोग को बढ़ावा देने की कर्नाटक सरकार की प्रतिबद्धता को दिखाती है।
स्रोत: The Hindu
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