कर्नाटक में दिसंबर तक होंगे लोकल बॉडी चुनाव, सीएम का भरोसा
कर्नाटक में दिसंबर तक होंगे लोकल बॉडी चुनाव, सीएम शिवकुमार ने सुप्रीम कोर्ट की डेडलाइन के बाद दिया भरोसा कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने भरोसा दिलाया है कि राज्य में शहरी स्थानीय निकाय चुनाव
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने भरोसा दिलाया है कि राज्य में शहरी स्थानीय निकाय चुनाव 31 दिसंबर तक कराए जाएंगे। यह घोषणा सुप्रीम कोर्ट की ओर से दी गई नई डेडलाइन के बाद आई है। पहले ये चुनाव 31 अगस्त तक होने थे, लेकिन कोर्ट ने राज्य को अतिरिक्त समय दिया है।
चुनाव में देरी की वजह
चुनाव में देरी की वजह कर्नाटक में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को बताया गया है। शिवकुमार ने कहा कि इस प्रक्रिया के चलते लॉजिस्टिक दिक्कतें आईं। हजारों अधिकारी, जिनमें ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (GBA) और अन्य स्थानीय निकायों के कर्मचारी शामिल हैं, इस काम में लगे हुए थे। इसमें 8,872 बूथ लेवल अधिकारी, 938 सुपरवाइजर और कई अन्य स्टाफ शामिल थे। इसी वजह से चुनाव को पहले तय समय पर कराना मुश्किल हो गया।
सुप्रीम कोर्ट ने पहले 31 अगस्त तक चुनाव कराने का आदेश दिया था, लेकिन राज्य सरकार ने SIR प्रक्रिया का हवाला देते हुए समय मांगा। कोर्ट ने दिसंबर तक का समय दिया और कहा कि पांचों म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन के चुनाव इसी साल के अंत तक पूरे होने चाहिए।
चुनावों को लेकर बड़ा वादा
शिवकुमार ने सिर्फ ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी के चुनाव ही नहीं, बल्कि जिला पंचायत, तालुक पंचायत और नगर पालिका चुनाव भी नई डेडलाइन के अंदर पूरे कराने का वादा किया है। उन्होंने कहा, "मैं देखूंगा कि सभी चुनाव दिसंबर तक पूरे हो जाएं।" इससे साफ है कि सरकार कोर्ट के निर्देशों का पालन करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
कैबिनेट विस्तार पर चर्चा
दिल्ली दौरे के दौरान शिवकुमार ने कैबिनेट विस्तार पर भी बात की। उन्होंने बताया कि पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से चर्चा हुई है। पार्टी हाईकमान के सुझावों के आधार पर कैबिनेट का विस्तार किया जाएगा। उन्होंने कहा, "हम उनके निर्देशों के मुताबिक विस्तार करेंगे।" इसे राज्य में प्रशासनिक सुधारों का हिस्सा माना जा रहा है।
समय पर चुनाव और कैबिनेट विस्तार का वादा दिखाता है कि कर्नाटक सरकार प्रशासनिक प्राथमिकताओं और कोर्ट के आदेशों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है।
स्रोत: Indian Express
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कर्नाटक में लोकल बॉडी चुनाव कब तक होंगे?
कर्नाटक के CM डीके शिवकुमार ने भरोसा दिलाया है कि शहरी स्थानीय निकाय चुनाव 31 दिसंबर तक कराए जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य को यह नई डेडलाइन दी है।
चुनाव में देरी क्यों हुई?
कर्नाटक में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया की वजह से लॉजिस्टिक दिक्कतें आईं। इसमें हजारों अधिकारी लगे थे, जिससे चुनाव को समय पर कराना मुश्किल हो गया।
पहली डेडलाइन क्या थी?
सुप्रीम कोर्ट ने पहले 31 अगस्त तक चुनाव कराने का आदेश दिया था, लेकिन राज्य सरकार ने SIR प्रक्रिया का हवाला देते हुए अतिरिक्त समय मांगा।
क्या सिर्फ Greater Bengaluru Authority के चुनाव ही होंगे?
नहीं, CM शिवकुमार ने Greater Bengaluru Authority के चुनाव के साथ-साथ जिला पंचायत, तालुक पंचायत और नगर पालिका चुनाव भी दिसंबर तक पूरे कराने का वादा किया है।
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