कर्नाटक हाईकोर्ट ने प्रीमियम FAR स्कीम को दी मंजूरी
कर्नाटक हाईकोर्ट ने प्रीमियम FAR स्कीम को दी मंजूरी, कहा - संपत्ति के अधिकार का उल्लंघन नहीं कर्नाटक हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की प्रीमियम फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) स्कीम को संवैधानिक करार दिया है।
कर्नाटक हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की प्रीमियम फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) स्कीम को संवैधानिक करार दिया है। कोर्ट ने उन याचिकाओं को खारिज कर दिया, जिनमें दावा किया गया था कि यह स्कीम संपत्ति के अधिकार का उल्लंघन करती है और ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट्स (TDR) की वैल्यू कम करती है। चीफ जस्टिस विभु बाखरू और जस्टिस सी.एम. पूनाचा की बेंच ने फैसला सुनाया कि यह स्कीम भारतीय संविधान के आर्टिकल 14, 21 और 300A का उल्लंघन नहीं करती।
प्रीमियम FAR स्कीम को कर्नाटक टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (KTCP) एक्ट, 1961 के सेक्शन 18-B के तहत लागू किया गया था। यह स्कीम प्रॉपर्टी मालिकों को अतिरिक्त निर्माण अधिकार खरीदने की अनुमति देती है, जो सामान्य FAR से ज्यादा होता है। इसके लिए उन्हें तय प्रीमियम चार्ज देना होता है। इस नीति का मकसद वर्टिकल डेवलपमेंट को बढ़ावा देना और शहरी स्थानीय निकायों के लिए राजस्व जुटाना है।
याचिकाकर्ताओं, जिनमें सिटिज़न्स एक्शन फोरम, विजय मेनन और जमीन मालिक कृष्णमूर्ति एन.ए. शामिल थे, ने तर्क दिया कि यह स्कीम TDR की वैल्यू को नुकसान पहुंचाती है। उनका कहना था कि डेवलपर्स प्रीमियम FAR के तहत कम कीमत पर अतिरिक्त निर्माण अधिकार खरीद सकते हैं, जो TDR की बाजार कीमत से काफी कम है। इससे TDR "बेनतीजा" हो जाते हैं। उन्होंने प्रीमियम चार्ज को लेकर भी सवाल उठाए, जो कि जमीन की अनुमानित कीमत के 28% से 50% तक हैं। साथ ही, TDR ट्रांसफर पर स्टांप ड्यूटी जैसे अतिरिक्त खर्चों का भी जिक्र किया।
हालांकि, बेंच ने इन दलीलों को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि नीतिगत फैसलों से संपत्ति की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव को असंवैधानिक नहीं माना जा सकता। आर्टिकल 300A के तहत यह स्कीम वैध है। कोर्ट ने यह भी कहा कि जमीन मालिकों को TDR को मुआवजे के रूप में स्वीकार करने के लिए मजबूर नहीं किया गया है। उनके पास मौद्रिक मुआवजा चुनने का विकल्प मौजूद है।
बेंगलुरु में अतिरिक्त FAR के लिए जोनल फ्रेमवर्क का विश्लेषण करते हुए बेंच ने स्पष्ट किया कि प्रीमियम FAR सभी प्रॉपर्टीज पर लागू नहीं है। कोर्ट ने बताया कि 9 से 12 मीटर चौड़ी सड़कों से सटे प्लॉट्स पर TDR धारकों के लिए एक संरक्षित जोन है। इन क्षेत्रों में डेवलपर्स को प्रीमियम FAR का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं है और उन्हें अतिरिक्त FAR के लिए TDR खरीदना होगा। सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, लगभग 1,08,240 सड़कों में से 85,000 सड़कें इस श्रेणी में आती हैं, जिससे इन क्षेत्रों में TDR की मांग बनी रहेगी।
12 मीटर से चौड़ी सड़कों से सटे प्लॉट्स के लिए भी प्रीमियम FAR के इस्तेमाल पर सीमाएं हैं। डेवलपर्स केवल बेस FAR का 0.4 गुना तक प्रीमियम FAR का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा 0.2 गुना अतिरिक्त FAR सिर्फ TDR के जरिए ही लिया जा सकता है। डेवलपर्स को अतिरिक्त FAR का अधिकतम उपयोग करने के लिए कम से कम 0.2 गुना बेस FAR के लिए TDR खरीदना होगा।
बेंच ने बेंगलुरु के FAR पर भी टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि यह कई वैश्विक शहरों की तुलना में सबसे कम है। राज्य सरकार ने संकेत दिया है कि FAR बढ़ाने की पर्याप्त गुंजाइश है, जिससे शहर के जीवन की गुणवत्ता पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा। याचिकाकर्ता इस दावे को गलत साबित नहीं कर सके।
इस फैसले ने प्रीमियम FAR स्कीम की वैधता को दोबारा मजबूत किया है। यह शहरी विकास की जरूरतों और TDR धारकों के हितों के बीच संतुलन बनाए रखने की कोशिश है।
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