ईशान किशन की टेस्ट टीम में जगह नहीं, श्रीकांत का बयान
'अफसोस, कोई स्लॉट नहीं': ईशान किशन पर पूर्व भारतीय कप्तान की बेबाक राय पूर्व भारतीय कप्तान और चीफ सिलेक्टर रहे कृष्णमाचारी श्रीकांत ने ईशान किशन की तारीफ करते हुए उन्हें एक ऑल-फॉर्मेट खिलाड़ी बताया
'अफसोस, कोई स्लॉट नहीं': ईशान किशन पर पूर्व भारतीय कप्तान की बेबाक राय
पूर्व भारतीय कप्तान और चीफ सिलेक्टर रहे कृष्णमाचारी श्रीकांत ने ईशान किशन की तारीफ करते हुए उन्हें एक ऑल-फॉर्मेट खिलाड़ी बताया है, जो टेस्ट क्रिकेट में भी शानदार प्रदर्शन कर सकते हैं। लेकिन श्रीकांत का मानना है कि फिलहाल भारत की रेड-बॉल टीम में जगह की कमी के चलते किशन टेस्ट क्रिकेट से बाहर हैं।
ईशान किशन की भारतीय क्रिकेट में वापसी काफी शानदार रही है। लगभग दो साल तक टीम से बाहर रहने के बाद उन्होंने वर्ल्ड कप से पहले टी20 टीम में वापसी की और फिर अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे में शतक लगाकर अपनी जगह पक्की की। हालांकि, सफेद गेंद क्रिकेट में उनकी हालिया सफलता के बावजूद श्रीकांत को लगता है कि किशन टेस्ट क्रिकेट में भी कमाल कर सकते हैं। उन्होंने कहा, "मैं ईशान किशन का बड़ा फैन हूं। उन्होंने कहीं से वापसी की है और शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। मुझे उनका खेल पसंद है।" श्रीकांत ने किशन की स्ट्रोक प्ले, टाइमिंग, पावर और वर्सेटिलिटी की तारीफ की।
किशन की टीम में वापसी आसान नहीं थी। 2024 में घरेलू क्रिकेट में कम भागीदारी के चलते उनका सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट खत्म हो गया था। इसके बाद उन्होंने मेहनत की, घरेलू टूर्नामेंट्स जैसे बुच्ची बाबू ट्रॉफी में खेला और अपनी फॉर्म वापस पाई। श्रीकांत ने बीसीसीआई के फैसले की तारीफ की, जिसमें किशन को घरेलू क्रिकेट खेलने के लिए कहा गया। उन्होंने कहा, "बीसीसीआई ने सही किया कि उन्हें घरेलू क्रिकेट खेलने भेजा, इससे उन्हें काफी मदद मिली।" इस दौरान किशन ने झारखंड को सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी जिताने में भी कप्तानी की।
श्रीकांत ने टीम इंडिया की सिलेक्शन पॉलिसी पर बात करते हुए यशस्वी जायसवाल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जायसवाल ने इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसे बड़े टेस्ट खेलने वाले देशों में शतक लगाए हैं, लेकिन उन्हें सफेद गेंद क्रिकेट में लगातार मौके नहीं मिल रहे। श्रीकांत ने जायसवाल को एक शानदार ऑल-फॉर्मेट खिलाड़ी बताया, जो टॉप ऑर्डर में कड़ी प्रतिस्पर्धा के चलते मौके गंवा रहे हैं। उन्होंने कहा, "खासकर ओपनिंग स्लॉट में यही समस्या है। यह एक तरह से म्यूजिकल चेयर जैसा हो गया है।"
पूर्व सिलेक्टर ने टीम सिलेक्शन में निरंतरता की कमी पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कई बार खिलाड़ियों को मौका मिलता है, लेकिन फिर उन्हें भुला दिया जाता है, जो नहीं होना चाहिए। "निरंतरता होनी चाहिए," उन्होंने कहा।
श्रीकांत ने मौजूदा सिलेक्शन पैनल, जिसकी अगुवाई अजीत अगरकर कर रहे हैं, की तारीफ की लेकिन घरेलू क्रिकेट के टैलेंट को ज्यादा मौके देने की बात कही। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट को सबसे अहम फॉर्मेट बताया और कहा कि रेड-बॉल टीम में टैलेंट को जगह देने के लिए कुछ बदलाव करने की जरूरत है। उन्होंने कहा, "टेस्ट क्रिकेट किसी भी क्रिकेटर के लिए सबसे बड़ा फॉर्मेट है। टेस्ट क्रिकेट में हमें शायद कुछ एडजस्टमेंट करने होंगे।"
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