100 करोड़ के बीमा घोटाले की जांच पर आईपीएस अनुकृति शर्मा को पदक
100 करोड़ रुपये के फर्जी बीमा घोटाले का पर्दाफाश करने वाली 2020 बैच की आईपीएस अधिकारी अनुकृति शर्मा को सम्मानित किया जाएगा।
100 करोड़ रुपये के फर्जी बीमा घोटाले का पर्दाफाश करने वाली 2020 बैच की आईपीएस अधिकारी अनुकृति शर्मा को सम्मानित किया जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने उन्हें प्रतिष्ठित "केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक" (Union Home Minister's Medal for Excellence in Investigation) देने की घोषणा की है। यह सम्मान संभल में सामने आए 12 राज्यों में फैले बड़े बीमा घोटाले की वैज्ञानिक विवेचना के लिए दिया जाएगा।
अनुकृति शर्मा ने उत्तर प्रदेश कैडर में पुलिस सेवा की शुरुआत के बाद अपनी अलग पहचान बनाई। उन्हें एक संजीदा, वैज्ञानिक सोच रखने वाली और सख्त अफसर के तौर पर जाना गया। फील्ड पोस्टिंग के दौरान उन्होंने कई मामलों को सुलझाया। हालांकि, उनके करियर का सबसे बड़ा और चर्चित मामला उत्तर प्रदेश के जनपद संभल में सामने आया।
संभल में अनुकृति शर्मा की तैनाती अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) के पद पर हुई थी। इसी दौरान एक संदिग्ध सड़क दुर्घटना और उससे जुड़ी बीमा क्लेम की फाइल की जांच उनके सामने आई। फाइल की पड़ताल के दौरान उन्हें कई ऐसी विसंगतियां दिखीं, जिनसे एक बड़े षड्यंत्र का सुराग मिला।
इसके बाद उन्होंने मामले की कड़ियों को जोड़ना शुरू किया। जांच आगे बढ़ी तो एक संगठित सिंडिकेट का पता चला। पुलिस जांच के मुताबिक, यह गिरोह जिंदा लोगों के फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाता था। इसके बाद इन लोगों को कागजों पर मृत दिखाकर बीमा की भारी रकम हड़प ली जाती थी।
जांच में इस नेटवर्क का एक और गंभीर पहलू सामने आया। सिंडिकेट गंभीर रूप से बीमार या लाचार लोगों के नाम पर पहले लाखों-करोड़ों रुपये की बीमा पॉलिसी लेता था। इसके बाद बीमा क्लेम हासिल करने के लिए उनकी हत्या कर दी जाती थी। इस हत्या को सामान्य सड़क हादसे का रूप देने की कोशिश की जाती थी।
आईपीएस अनुकृति शर्मा के नेतृत्व में शुरू हुई जांच का दायरा आगे बढ़ता गया। शुरुआती तौर पर मामला संभल से जुड़ा दिखाई दे रहा था, लेकिन जांच में इसके तार उत्तर प्रदेश से बाहर भी मिले। धीरे-धीरे यह नेटवर्क देश के 12 राज्यों तक फैला हुआ सामने आया।
पुलिस जांच में पूरा घोटाला 100 करोड़ रुपये से भी अधिक का निकला। यह मामला सिर्फ फर्जी दस्तावेजों तक सीमित नहीं था। इस अंतर्राज्यीय नेटवर्क में फर्जी कागजात तैयार करने वाले शातिर लोगों के साथ बीमा एजेंट, कुछ भ्रष्ट डॉक्टर और ग्राम प्रधान भी शामिल थे।
महीनों तक गोपनीय और लगातार विवेचना चलती रही। जांच टीम ने नेटवर्क में शामिल लोगों की भूमिका और उसके फैलाव की पड़ताल की। इसके बाद अनुकृति शर्मा की टीम ने कई जगहों पर ताबड़तोड़ दबिश दी।
इन कार्रवाई के बाद गिरोह की कमर तोड़ दी गई। पुलिस टीम ने इस मामले के सरगनाओं समेत 50 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों को जेल भेज दिया गया।
इस मामले की जटिलता और इसके कई राज्यों तक फैले होने के कारण इसकी विवेचना को अहम माना गया। 12 राज्यों में फैले 100 करोड़ रुपये के इस घोटाले की वैज्ञानिक जांच के लिए ही केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अनुकृति शर्मा के नाम की घोषणा की है।
उन्हें दिया जाने वाला "केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक" (Union Home Minister's Medal for Excellence in Investigation) जांच के क्षेत्र का प्रतिष्ठित सम्मान है। यह घोषणा संभल में सामने आए उस नेटवर्क की जांच के लिए की गई, जिसमें फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र, बीमा पॉलिसी, बीमा क्लेम और सड़क हादसे का रूप देने जैसी कड़ियां जुड़ी थीं।
संभल में इस बड़े नेक्सस को ध्वस्त करने के बाद 2020 बैच की आईपीएस अधिकारी अनुकृति शर्मा फिलहाल गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) कमिश्नरेट में अपर पुलिस उपायुक्त (ADCP) के पद पर सेवाएं दे रही हैं। 100 करोड़ रुपये से अधिक के इस घोटाले का खुलासा उनके पुलिस करियर का सबसे चर्चित पड़ाव माना गया है। उनका यह खुलासा देश के पुलिस अनुसंधान इतिहास में एक मिसाल बन चुका है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
आईपीएस अनुकृति शर्मा को कौन सा सम्मान दिया जाएगा?
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उन्हें केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक देने की घोषणा की है।
अनुकृति शर्मा को यह पदक क्यों दिया जाएगा?
उन्हें संभल से जुड़े 12 राज्यों में फैले 100 करोड़ रुपये से ज्यादा के बीमा घोटाले की वैज्ञानिक जांच के लिए यह पदक दिया जाएगा।
बीमा घोटाले में गिरोह किस तरह धोखाधड़ी करता था?
गिरोह जिंदा लोगों के फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाकर उन्हें कागजों पर मृत दिखाता था और बीमा की रकम हड़पता था। गंभीर रूप से बीमार लोगों की हत्या कर उसे सड़क हादसा दिखाने की भी कोशिश की जाती थी।
इस मामले में कितने आरोपियों को गिरफ्तार किया गया?
पुलिस टीम ने गिरोह के सरगनाओं समेत 50 से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार किया और उन्हें जेल भेज दिया।
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