भारत-नेपाल सीमा पर जवानों का पर्यावरण और दोस्ती का संयुक्त अभियान
भारत-नेपाल सीमा पर जहां एक तरफ सुरक्षा बल सीमाओं की निगरानी करते हैं, वहीं अब दोनों देशों के जवानों ने पर्यावरण संरक्षण और आपसी दोस्ती की एक नई मिसाल पेश की है।
भारत-नेपाल सीमा पर जहां एक तरफ सुरक्षा बल सीमाओं की निगरानी करते हैं, वहीं अब दोनों देशों के जवानों ने पर्यावरण संरक्षण और आपसी दोस्ती की एक नई मिसाल पेश की है। श्रावस्ती में सीमा स्तंभ नंबर 641 के पास 62वीं बटालियन एसएसबी और नेपाल पुलिस ने मिलकर "सीड्स ऑफ फ्रेंडशिप" यानी "मैत्री के बीज" नाम से एक खास प्रोग्राम आयोजित किया। इस दौरान दोनों देशों के जवानों ने एक साथ सीमा इलाके में सफाई अभियान चलाया और पौधरोपण किया।
इस संयुक्त कार्यक्रम में भारत और नेपाल के सुरक्षाकर्मी एक अलग ही अंदाज में नजर आए। एसएसबी और नेपाल पुलिस के जवानों ने मिलकर सीमा इलाके में साफ-सफाई की, कूड़ा-कचरा हटाया और आसपास के इलाके को स्वच्छ बनाने का संदेश दिया। इसके बाद दोनों देशों के जवानों ने एक साथ पौधरोपण भी किया, जो स्वच्छता, हरियाली और भारत-नेपाल की मजबूत दोस्ती का प्रतीक बना।
"सीड्स ऑफ फ्रेंडशिप" प्रोग्राम का मकसद सिर्फ पर्यावरण संरक्षण ही नहीं, बल्कि भारत और नेपाल के बीच आपसी सहयोग, भाईचारे और दोस्ताना रिश्तों को और मजबूत करना भी रहा। इस कार्यक्रम में 62वीं बटालियन एसएसबी की ए कंपनी ककरदरी के इंस्पेक्टर मुकेश डबराल, महिला कांस्टेबल अंकिता समेत एसएसबी के कई जवान मौजूद रहे। वहीं नेपाल की तरफ से इलाका प्रहरी कार्यालय भगवानपुर के इंस्पेक्टर सुरेश कोइराला, एएसआई सेरेन्द्र खत्री समेत नेपाल पुलिस की टीम ने हिस्सा लिया।
भारत-नेपाल सीमा पर हुआ यह संयुक्त कार्यक्रम साफ संदेश देता है कि सीमाएं भले ही दो देशों को अलग करती हों, लेकिन पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और दोस्ती के लिए दोनों देश एक साथ खड़े हैं। यह पहल दोनों देशों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों को और गहरा करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत-नेपाल सीमा पर 'सीड्स ऑफ फ्रेंडशिप' प्रोग्राम क्या है?
'सीड्स ऑफ फ्रेंडशिप' यानी 'मैत्री के बीज' एक संयुक्त कार्यक्रम है जो श्रावस्ती के सीमा स्तंभ नंबर 641 के पास 62वीं बटालियन एसएसबी और नेपाल पुलिस ने मिलकर आयोजित किया। इसमें दोनों देशों के जवानों ने सफाई अभियान चलाया और पौधरोपण किया।
इस प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य क्या था?
इस कार्यक्रम का मकसद सिर्फ पर्यावरण संरक्षण ही नहीं, बल्कि भारत और नेपाल के बीच आपसी सहयोग, भाईचारे और दोस्ताना रिश्तों को मजबूत करना भी था।
इस संयुक्त अभियान में भारत और नेपाल के किन अधिकारियों ने हिस्सा लिया?
भारत की तरफ से 62वीं बटालियन एसएसबी की ए कंपनी के इंस्पेक्टर मुकेश डबराल और महिला कांस्टेबल अंकिता मौजूद रहीं। नेपाल की तरफ से भगवानपुर के इलाका प्रहरी कार्यालय के इंस्पेक्टर सुरेश कोइराला और एएसआई सेरेन्द्र खत्री ने भाग लिया।
यह कार्यक्रम भारत-नेपाल संबंधों के लिए क्यों अहम है?
यह पहल दिखाता है कि सीमाएं भले ही दो देशों को अलग करती हों, लेकिन पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और दोस्ती के लिए दोनों देश एक साथ खड़े हैं। यह दोनों देशों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों को और गहरा करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
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