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National Press note हाथरस

हाथरस में लगा मेगा कानूनी सहायता शिविर, लोगों को अधिकारों की दी जानकारी

हाथरस में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में रविवार को मेगा एवं बृहद विधिक सहायता और सेवा शिविर का आयोजन किया गया।

हाथरस में लगा मेगा कानूनी सहायता शिविर, लोगों को अधिकारों की दी जानकारी
Image credit: News Darpan Team

हाथरस में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में रविवार को मेगा एवं बृहद विधिक सहायता और सेवा शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर दाऊजी महाराज मेला पंडाल स्थित पद्मश्री काका हाथरसी स्मृति मंच पर हुआ। शिविर का मकसद आम लोगों को उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी देना, जरूरतमंदों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराना और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना रहा।

1 नवंबर 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला न्यायाधीश विनय कुमार तृतीय ने की। कार्यक्रम में जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल, पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा, अपर जनपद न्यायाधीशगण और अलग-अलग विभागों के अधिकारी शामिल हुए। शिविर में कानूनी सहायता और सरकारी योजनाओं से जुड़े मामलों की जानकारी लोगों को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई गई।

कार्यक्रम की शुरुआत जिला न्यायाधीश, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और अपर जनपद न्यायाधीशों ने मां सरस्वती की प्रतिमा के सामने दीप प्रज्ज्वलित और माल्यार्पण करके की। कन्या इंटर कॉलेज, पुरदिलनगर की छात्राओं ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। इसके बाद कन्या इंटर कॉलेज की छात्राओं ने स्वागत गीत के जरिए अतिथियों का अभिनंदन किया।

मंचासीन अतिथियों का स्वागत पौधे भेंट करके किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अनु चौधरी ने शिविर की रूपरेखा और उसके उद्देश्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने शिविर में शामिल कानूनी सहायता और जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े कार्यों के बारे में भी बताया।

कार्यक्रम के दौरान सूरजूबाई कन्या इंटर कॉलेज की छात्राओं ने नशामुक्ति पर आधारित नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। नाटक के जरिए लोगों को नशे से दूर रहने और नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया गया। कन्या इंटर कॉलेज, सासनी की छात्राओं ने लोकनृत्य प्रस्तुत किया। इस प्रस्तुति ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का मन मोह लिया।

शिविर में विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत पात्र लाभार्थियों को लाभ दिया गया। उत्कृष्ट कार्य करने वाले लाभार्थियों को प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान अलग-अलग योजनाओं से जुड़े लाभार्थियों को सहायता, कार्ड और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत संचालित 600 स्वयं सहायता समूहों को सीआईएफ/आरएफ स्टार्टअप सहायता के अंतर्गत कुल 9.61 लाख रुपये की सहायता राशि दी गई। उत्कृष्ट कार्य करने वाली स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को भी प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

शिविर में आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए। कृषि एवं उद्यान विभाग की विभिन्न योजनाओं में उत्कृष्ट काम करने वाले किसानों को सम्मानित किया गया। कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत हार्वेस्टर और कंबाइन हार्वेस्टर से जुड़े लाभ भी पात्र लाभार्थियों को दिए गए।

दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की ओर से दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण वितरित किए गए। इसके अलावा अन्य विभागों की योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को भी लाभान्वित किया गया। चयनित लाभार्थियों को सम्मानित और पुरस्कृत करने की प्रक्रिया भी शिविर का हिस्सा रही।

जिला न्यायाधीश विनय कुमार तृतीय ने कहा, “त्वरित, सस्ता और सुलभ न्याय प्रत्येक नागरिक का नैतिक अधिकार” है। उन्होंने कहा कि आर्थिक तंगी के कारण किसी भी व्यक्ति को न्याय पाने से वंचित नहीं रहना चाहिए। जिला न्यायाधीश ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का प्रमुख उद्देश्य गरीब, जरूरतमंद और पात्र लोगों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराना है।

उन्होंने कहा कि जो लोग अधिवक्ता की फीस देने में सक्षम नहीं हैं, वे जिला न्यायालय परिसर स्थित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) कार्यालय में प्रार्थना पत्र देकर निःशुल्क अधिवक्ता प्राप्त करने के लिए आवेदन कर सकते हैं। जिला न्यायाधीश ने लोगों को कोर्ट फीस से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी भी दी। उन्होंने आमजन से अपने विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की अपील की।

जिला न्यायाधीश ने कहा कि पराविधिक स्वयंसेवकों (पीएलवी) के जरिए शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाई जा रही है। ऐसे लोग जो सरकारी योजनाओं के आवेदन पत्र भरने या योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने में असमर्थ हैं, उन्हें भी जरूरी सहायता दी जाती है। इसका उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।

महिला सशक्तीकरण और लैंगिक समानता पर जोर देते हुए जिला न्यायाधीश ने कहा कि समाज में बेटा और बेटी के बीच भेदभाव की भावना खत्म होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बेटियों को भी समान अवसर और सम्मान मिलना जरूरी है। उन्होंने लोगों से कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूक होने और दूसरों को भी जागरूक करने की अपील की।

जिला न्यायाधीश ने अभिभावकों से बच्चों को नशे और बुरी संगत से दूर रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अभिभावकों को बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए। बच्चों का भविष्य सुरक्षित और उज्ज्वल बनाने के लिए उन्हें विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। कार्यक्रम में नुक्कड़ नाटक के जरिए नशे के दुष्प्रभावों और नशामुक्ति का संदेश देने की भी सराहना की गई।

उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराध करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाती है। न्यायिक व्यवस्था में फैसले कानूनी प्रावधानों के अनुरूप लिए जाते हैं। जिला न्यायाधीश ने आमजन से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय पहुंचकर निःशुल्क कानूनी सहायता और सरकारी योजनाओं की जानकारी लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि पात्र लोग योजनाओं के तहत मिलने वाले लाभ का फायदा उठाएं।

जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल ने कहा कि विधिक सहायता एवं सेवा शिविर का उद्देश्य आमजन को उनके कानूनी अधिकारों और अलग-अलग नियमों के बारे में जागरूक करना है। इसके साथ ही जरूरतमंदों को विधिक सहायता उपलब्ध कराना और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचाना भी शिविर का उद्देश्य है।

जिलाधिकारी ने कहा कि शिविर में न्याय विभाग के साथ जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल हुए। इससे लोगों को एक ही स्थान पर अलग-अलग विभागों से जुड़ी जानकारी और सहायता मिल सकी। उन्होंने बताया कि शिविर के दौरान चयनित लाभार्थियों को सम्मानित और पुरस्कृत भी किया गया।

सत्य प्रकाश पटेल ने कहा कि शासन और प्रशासन का उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े पात्र और जरूरतमंद व्यक्ति तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही ऐसे लोगों को जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करना चाहिए।

कार्यक्रम में अपर जनपद न्यायाधीशगण, जिला विकास अधिकारी, उप जिलाधिकारी सदर, क्षेत्राधिकारी पुलिस, मुख्य चिकित्सा अधिकारी और जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी मौजूद रहे। हाथरस बार एसोसिएशन के अध्यक्ष, अधिवक्तागण, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, लाभार्थी और आमजन भी शिविर में उपस्थित रहे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हाथरस में मेगा कानूनी सहायता शिविर कब और कहां आयोजित हुआ?

यह शिविर 1 नवंबर 2026 को दाऊजी महाराज मेला पंडाल स्थित पद्मश्री काका हाथरसी स्मृति मंच पर आयोजित हुआ।

शिविर का मकसद क्या था?

शिविर का मकसद लोगों को कानूनी अधिकारों की जानकारी देना, जरूरतमंदों को मुफ्त कानूनी सहायता देना और पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना था।

शिविर में स्वयं सहायता समूहों को कितनी सहायता दी गई?

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 600 स्वयं सहायता समूहों को सीआईएफ/आरएफ स्टार्टअप सहायता के तहत कुल 9.61 लाख रुपये दिए गए।

शिविर में किन लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिला?

शिविर में आयुष्मान भारत के लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड, दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण और पात्र किसानों को कृषि योजनाओं से जुड़े लाभ दिए गए।

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