हाथरस में समाधान दिवस: 133 शिकायतें आईं, 12 का मौके पर निस्तारण
हाथरस, उत्तर प्रदेश। तहसील सदर में शनिवार को आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में अलीगढ़ मंडल के मंडलायुक्त ओ.पी. आर्य ने फरियादियों की समस्याएं सुनीं।
हाथरस, उत्तर प्रदेश। तहसील सदर में शनिवार को आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में अलीगढ़ मंडल के मंडलायुक्त ओ.पी. आर्य ने फरियादियों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान उनके साथ जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल और पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा भी मौजूद रहे। हाथरस तहसील में कुल 133 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। इनमें से 12 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया।
सम्पूर्ण समाधान दिवस में मंडलायुक्त ने अधिकारियों को जनशिकायतों का गुणवत्तापूर्ण, निष्पक्ष और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता बनकर नहीं रहना चाहिए। संबंधित अधिकारी शिकायत की वास्तविक स्थिति की जांच के लिए मौके पर जाएं और ऐसा समाधान करें, जिससे फरियादी को एक ही समस्या के लिए बार-बार अधिकारियों के चक्कर न लगाने पड़ें।
मंडलायुक्त ने साफ किया कि निर्धारित समय सीमा के भीतर शिकायत का निस्तारण करना संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी है। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शिकायत मिलने के बाद उसके हर पहलू की जांच की जाए और कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित न रहे।
उन्होंने निस्तारित शिकायतों को लेकर भी अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। मंडलायुक्त ने कहा कि शिकायत का निस्तारण करने के बाद शिकायतकर्ता से संपर्क कर यह पता किया जाए कि वह कार्रवाई से संतुष्ट है या नहीं। केवल पोर्टल पर शिकायत निस्तारित दर्ज कर देना पर्याप्त नहीं है। शिकायतकर्ता की वास्तविक संतुष्टि ही प्रभावी निस्तारण का आधार है।
मंडलायुक्त ने यह भी कहा कि अगर शिकायतकर्ता निस्तारण से संतुष्ट नहीं है, तो मामले की दोबारा समीक्षा की जाए। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया कि शिकायतों का समाधान वास्तविक स्थिति और फरियादियों की जरूरत के मुताबिक हो।
सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान मंडलायुक्त ने विभिन्न विभागों की ओर से लगाए गए स्टॉलों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने जिला पूर्ति, जल निगम, बेसिक शिक्षा, कृषि, श्रम, समाज कल्याण, महिला कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, उद्योग तथा बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के स्टॉलों की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने विभागीय योजनाओं और उनके पात्र लाभार्थियों के बारे में अधिकारियों से जानकारी हासिल की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र लोगों को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने में किसी तरह की देरी न हो। समाधान दिवस में आने वाले पात्र लोगों को योजनाओं की सही और पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने कहा कि जरूरत के अनुसार पात्र लोगों का मौके पर ही ऑनलाइन पंजीकरण कराया जाए। इसके बाद उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए। मंडलायुक्त ने इस काम में अनावश्यक देरी नहीं करने के निर्देश दिए, ताकि पात्र लोगों को विभागीय योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।
इस दौरान मंडलायुक्त ने मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के लाभार्थियों को पांच-पांच लाख रुपये के डेमो चेक वितरित किए। राज्य आपदा मोचक निधि के लाभार्थियों को भी डेमो चेक दिए गए। वहीं मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत दो लाभार्थियों को उद्योग स्थापना के लिए पांच-पांच लाख रुपये के डेमो चेक प्रदान किए गए।
बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के स्टॉल के निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने गर्भवती महिलाओं और बच्चों के पोषण को लेकर भी निर्देश दिए। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों से कहा कि गर्भवती महिलाओं की प्राथमिकता के आधार पर पहचान की जाए और उनकी नियमित निगरानी की जाए।
मंडलायुक्त ने गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण, पोषाहार और संतुलित आहार को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गर्भवती माताओं को समय से बेहतर पोषण और जरूरी स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ा जाए। इससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार लाने और कम वजन वाले बच्चों के जन्म की स्थिति में कमी लाने में मदद मिलेगी।
मंडलायुक्त ने श्रम विभाग की योजनाओं की प्रगति की भी जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र श्रमिकों तक पहुंचाया जाए। साथ ही योजनाओं के धरातलीय क्रियान्वयन की प्रभावी निगरानी की जाए, ताकि योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचने की स्थिति की जानकारी मिलती रहे।
उन्होंने श्रम विभाग के अधिकारियों को विभागीय योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। मंडलायुक्त ने योजनाओं की प्रगति और उनके लागू होने की स्थिति पर ध्यान देने को कहा।
हाथरस तहसील में प्राप्त 133 शिकायतों में से 12 का मौके पर निस्तारण किया गया। बाकी शिकायतों को संबंधित विभागों को भेज दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि इन शिकायतों का निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए।
अन्य तहसीलों में भी सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान शिकायतें प्राप्त हुईं। सिकंदराराऊ तहसील में 80 शिकायतों में से 4 का मौके पर निस्तारण किया गया। सादाबाद तहसील में 112 शिकायतों में से 12 शिकायतों का मौके पर निस्तारण हुआ। सासनी तहसील में प्राप्त 14 शिकायतों में से 4 का मौके पर ही समाधान किया गया।
सम्पूर्ण समाधान दिवस के समापन के दौरान जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल ने मंडलायुक्त ओ.पी. आर्य को आश्वस्त किया कि उनके निर्देशों का अक्षरशः पालन कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी लंबित शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा।
इस दौरान सहायक विकास आयुक्त अलीगढ़ मंशाराम यादव, प्रभागीय वनाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व, अपर जिलाधिकारी न्यायिक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, उप जिलाधिकारी सदर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
हाथरस के समाधान दिवस में कितनी शिकायतें आईं?
तहसील सदर में कुल 133 शिकायतें आईं।
समाधान दिवस में कितनी शिकायतों का मौके पर निस्तारण हुआ?
12 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया।
मंडलायुक्त ने शिकायतों के निस्तारण को लेकर क्या निर्देश दिए?
उन्होंने शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण, निष्पक्ष और समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए।
शिकायत निस्तारण के बाद अधिकारियों को क्या करना होगा?
अधिकारियों को शिकायतकर्ता से संपर्क कर यह पता करना होगा कि वह कार्रवाई से संतुष्ट है या नहीं।
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