अलीगढ़ के दो भाई डांट के डर से जौनपुर निकले, पुलिस ने बचाया
मां की डांट और पापा के घर आने के डर से अलीगढ़ के दो मासूम भाई साइकिल से करीब 700 किलोमीटर दूर जौनपुर स्थित अपने दादा-दादी के घर जाने के लिए निकल पड़े।
मां की डांट और पापा के घर आने के डर से अलीगढ़ के दो मासूम भाई साइकिल से करीब 700 किलोमीटर दूर जौनपुर स्थित अपने दादा-दादी के घर जाने के लिए निकल पड़े। दोनों घर से ट्यूशन जाने की बात कहकर निकले थे, लेकिन ट्यूशन जाने के बजाय जौनपुर की ओर चल दिए। गनीमत रही कि हाईवे पर एक सतर्क ट्रक चालक की नजर दोनों बच्चों पर पड़ गई। उसकी सूचना पर सिकंदराराऊ पुलिस ने दोनों को सुरक्षित बचा लिया।
मामला हाथरस के सिकंदराराऊ का है। दोनों बच्चे अलीगढ़ के क्वार्सी थाना क्षेत्र में रहने वाले इंजीनियर अभिषेक मिश्रा और खुशबू मिश्रा के बेटे हैं। 13 वर्षीय अभिनव मिश्रा सेंट्स जोन्स स्कूल में कक्षा छह में पढ़ता है। उसका 7 वर्षीय छोटा भाई अक्षत कक्षा तीन में पढ़ता है।
जानकारी के मुताबिक, शनिवार को स्कूल से घर लौटने के बाद घर में रखे कुछ रुपये नहीं मिलने को लेकर बच्चों की मां ने उन्हें डांट दिया था। बताया गया कि उन रुपयों से कार खरीदने की बात भी सामने आई थी। बच्चों को डर था कि शाम को पापा घर आएंगे तो उन्हें भी डांट पड़ेगी।
इसी डर में दोनों भाई दोपहर करीब तीन बजे घर से निकले। उन्होंने परिवार से कहा कि वे ट्यूशन जा रहे हैं। इसके बाद दोनों साइकिल लेकर जौनपुर की ओर चल पड़े। वे अपने दादा-दादी के घर पहुंचना चाहते थे और इसके लिए करीब 700 किलोमीटर का रास्ता साइकिल से तय करने निकल गए।
हाईवे पर दोनों बच्चों को साइकिल चलाते देखकर एक ट्रक चालक को शक हुआ। उसे बच्चों का इस तरह अकेले साइकिल से जाते रहना असामान्य लगा। ट्रक चालक ने बिना देर किए सिकंदराराऊ कोतवाली पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलने के बाद पुलिस ने कासगंज रोड स्थित सरदला पुल के पास फ्लाईओवर से दोनों बच्चों को सुरक्षित अपने संरक्षण में ले लिया। पुलिस दोनों को शाम करीब आठ बजे थाने लेकर आई।
थाने में पुलिस ने बच्चों को चाय-नाश्ता कराया और उन्हें प्यार से समझाया। इसके बाद पुलिस ने बच्चों के परिजनों को उनके सुरक्षित मिलने की जानकारी दी। बच्चों के सुरक्षित होने की खबर सुनकर परेशान माता-पिता ने राहत की सांस ली।
रात करीब साढ़े नौ बजे पिता सिकंदराराऊ थाने पहुंचे। इसके बाद वह दोनों बच्चों को अपने साथ अलीगढ़ ले गए।
ट्रक चालक की सतर्कता और सिकंदराराऊ पुलिस की तत्परता से दोनों भाई सुरक्षित परिवार तक पहुंच गए। यह घटना अभिभावकों के लिए भी एक सीख है। बच्चों को डांटने के साथ उनकी भावनाओं को समझना और उनसे प्यार से बात करना बेहद जरूरी है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अलीगढ़ के दोनों भाई जौनपुर क्यों जा रहे थे?
मां की डांट और पापा के डांटने के डर से दोनों भाई अपने दादा-दादी के घर जौनपुर जा रहे थे।
दोनों भाई घर से कैसे निकले थे?
दोनों ने परिवार से ट्यूशन जाने की बात कही और साइकिल से जौनपुर की ओर निकल पड़े।
दोनों बच्चों को पुलिस ने कहां से सुरक्षित बचाया?
पुलिस ने कासगंज रोड स्थित सरदला पुल के पास फ्लाईओवर से दोनों बच्चों को सुरक्षित बचाया।
पुलिस को बच्चों के बारे में सूचना किसने दी?
हाईवे पर बच्चों को अकेले साइकिल चलाते देखकर एक सतर्क ट्रक चालक ने पुलिस को सूचना दी।
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