ईरान युद्ध लंबा खिंचा, खाड़ी की टेक कंपनियों का रुख हांगकांग-सिंगापुर
ईरान युद्ध के लंबा खिंचने पर गल्फ की टेक कंपनियां हांगकांग और सिंगापुर का रुख कर रही हैं गल्फ में डिजिटल बिजनेस और निवेशक अब तेजी से हांगकांग और सिंगापु…
गल्फ में डिजिटल बिजनेस और निवेशक अब तेजी से हांगकांग और सिंगापुर में अपने बेस बना रहे हैं, क्योंकि ईरान संघर्ष लंबा खिंच रहा है और उसका दायरा भी बढ़ता जा रहा है।
विस्तार की योजनाएं पहले आगे बढ़ाईं गईं
xBratAI के फाउंडर पॉल ब्रैटबी ने इस साल की शुरुआत में मिडिल ईस्ट में युद्ध शुरू होने से पहले ही हांगकांग में विस्तार करने की योजनाएं बना ली थीं।
xBratAI दुबई स्थित एआई-पावर्ड ट्रेडिंग सिग्नल्स प्लेटफॉर्म है।
ब्रैटबी ने कहा कि संघर्ष जारी रहने और बढ़ने के बाद कंपनी ने अपनी योजना की रफ्तार तेज कर दी।
उन्होंने कहा, “हमारी हांगकांग एंटिटी कुछ साल बाद के लिए तय थी, लेकिन हमने इसे 2026 की शुरुआत में स्थापित कर दिया।”
जोखिम से बचाव के तौर पर एशियाई हब
एनालिस्ट्स “डुअल-हब” मॉडल को तेजी से अपनाए जाने की ओर इशारा करते हैं, जिसमें कंपनियां जियोपॉलिटिकल रिस्क से बचाव के लिए सेकेंडरी एशियाई बेस का इस्तेमाल करती हैं।
इस बदलाव में हांगकांग और सिंगापुर अहम ठिकानों के तौर पर सामने आ रहे हैं, जहां गल्फ से जुड़े डिजिटल बिजनेस और निवेशक तेजी से अपना कामकाज जमा रहे हैं।
यह कदम ऐसे समय में उठाया जा रहा है, जब मिसाइलें लगातार गल्फ की राजधानियों और शिपिंग लेन्स को निशाना बना रही हैं, जिससे इस क्षेत्र से काम करने वाली कंपनियों के सामने जोखिम और बढ़ रहे हैं।
स्रोत के ब्योरे के मुताबिक, पूर्व की ओर देखने वालों में ब्रैटबी अकेले नहीं हैं।
स्रोत: South China Morning Post
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
गल्फ की टेक कंपनियां हांगकांग और सिंगापुर क्यों जा रही हैं?
ईरान संघर्ष लंबा खिंच रहा है और उसका दायरा बढ़ रहा है। इसी जोखिम से बचने के लिए गल्फ की डिजिटल कंपनियां और निवेशक हांगकांग और सिंगापुर में बेस बना रहे हैं।
xBratAI ने अपनी हांगकांग योजना में क्या बदलाव किया?
दुबई की AI-पावर्ड ट्रेडिंग सिग्नल्स कंपनी xBratAI ने हांगकांग में विस्तार की योजना पहले से बनाई थी, लेकिन संघर्ष बढ़ने के बाद इसे तेज कर दिया और 2026 की शुरुआत में एंटिटी स्थापित कर दी।
डुअल-हब मॉडल का मतलब क्या है?
डुअल-हब मॉडल में कंपनियां अपने मुख्य बेस के साथ एक दूसरा एशियाई बेस भी बनाती हैं, ताकि जियोपॉलिटिकल जोखिम से बचाव हो सके।
हांगकांग और सिंगापुर क्यों अहम बन रहे हैं?
हांगकांग और सिंगापुर ऐसे एशियाई हब के तौर पर उभर रहे हैं, जहां गल्फ से जुड़े डिजिटल बिजनेस और निवेशक अपना कामकाज तेजी से जमा रहे हैं।
सबसे ज़्यादा पढ़ी गई
- 1
बहराइच में महिला की अश्लील तस्वीरों से ब्लैकमेल कर पांच लाख रुपये वसूलने वाला …
- 2
भाजपा ने निष्कासित नेता की सपा एंट्री पर अखिलेश यादव को घेरा
- 3
गणेश प्रतिमा विसर्जन से पहले बहराइच में डीएम-एसपी ने सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा
- 4
बहराइच: भावुक सुसाइड नोट लिखकर की युवक ने की आत्महत्या
- 5
थाना रुपईडीहा क्षेत्र में शातिर अपराधियों से हुई रूपईडीहा पुलिस की मुठभेड़।
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली टिप्पणी करें।