आर्किटेक्ट्स को नैतिकता और टिकाऊपन पर ध्यान देने की सलाह
आर्किटेक्चर को बेहतरीन, नैतिक और टिकाऊ बनाना होगा: एसपीए विजयवाड़ा के दीक्षांत समारोह में विशेषज्ञ का संदेश एसपीए विजयवाड़ा के दीक्षांत समारोह में सामाजिक जिम्मेदारी वाले डिज़ाइन की अपील बुधवार को
आर्किटेक्चर को बेहतरीन, नैतिक और टिकाऊ बनाना होगा: एसपीए विजयवाड़ा के दीक्षांत समारोह में विशेषज्ञ का संदेश
एसपीए विजयवाड़ा के दीक्षांत समारोह में सामाजिक जिम्मेदारी वाले डिज़ाइन की अपील
बुधवार को स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (एसपीए), विजयवाड़ा के 10वें दीक्षांत समारोह में भाषण देते हुए पुणे के नेशनल सेंटर फॉर सेल साइंस के पूर्व डायरेक्टर डॉ. शेखर सी. मांडे ने कहा कि आर्किटेक्ट्स और प्लानर्स को पेशेवर बेहतरी के साथ नैतिकता, करुणा और टिकाऊपन को जोड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि आर्किटेक्चर को सिर्फ सुंदरता और कार्यक्षमता तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि जलवायु परिवर्तन और प्रकृति संरक्षण जैसी बड़ी चुनौतियों का भी हल निकालना चाहिए।
डॉ. मांडे ने ग्रेजुएट्स से अपील की कि वे समाज की समस्याओं के लिए समावेशी और टिकाऊ समाधान तैयार करें। उन्होंने कहा कि असली सफलता ईमानदारी और मानवीय मूल्यों को बनाए रखने में है। महात्मा गांधी के "सात सामाजिक पापों" का जिक्र करते हुए उन्होंने छात्रों को अपने प्रोफेशनल और निजी जीवन में चरित्र, नैतिकता और जिम्मेदारी को प्राथमिकता देने की सलाह दी।
एआई को टूल समझें, सहारा नहीं: चेयरपर्सन की सलाह
बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरपर्सन अमोघ कुमार गुप्ता ने 262 ग्रेजुएट्स को बधाई दी और कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को रचनात्मकता बढ़ाने के लिए एक टूल के रूप में देखें, न कि सोचने-समझने की क्षमता का विकल्प। उन्होंने टेक्नोलॉजी, नैतिकता और रचनात्मकता के बीच संतुलन बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया। साथ ही "तीन डी"—डिसाइड, डेयर और डेवेलप—और "तीन एफ"—फेथ, फोकस और फोर्टिट्यूड—के सिद्धांतों को अपनाने की बात कही।
एसपीए विजयवाड़ा की उपलब्धियां और मील के पत्थर
यह दीक्षांत समारोह एसपीए विजयवाड़ा के लिए एक अहम पड़ाव था, जहां अंडरग्रेजुएट, पोस्टग्रेजुएट और डॉक्टोरल प्रोग्राम्स के तहत डिग्रियां दी गईं। 262 ग्रेजुएट्स में 102 बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर, 23 बैचलर ऑफ प्लानिंग और कई पोस्टग्रेजुएट व डॉक्टोरल छात्र शामिल थे, जो सस्टेनेबल आर्किटेक्चर, अर्बन डिज़ाइन और एनवायरनमेंटल प्लानिंग जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता रखते हैं। 12 छात्रों को शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए गोल्ड मेडल और 12 को बेस्ट थीसिस अवॉर्ड दिया गया।
डायरेक्टर रमेश श्रीकोंडा ने वार्षिक रिपोर्ट पेश करते हुए 2025-26 के शैक्षणिक वर्ष में संस्थान की उपलब्धियों को रेखांकित किया। एसपीए विजयवाड़ा ने पेरिस के इकोल ब्लू ग्लोबल डिज़ाइन और फ्रांस के यूनिवर्सिटी डी लिली जैसे संस्थानों के साथ साझेदारी कर अपनी वैश्विक पहुंच बढ़ाई। अर्बन प्लानिंग कैपेसिटी बिल्डिंग के लिए एएमआरयूटी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, जिसे हाउसिंग और शहरी मामलों के मंत्रालय ने मान्यता दी है, ने दक्षिण भारत में जलवायु-संवेदनशील शहरी योजना पर सात शोध प्रोजेक्ट पूरे किए और 185 से ज्यादा सरकारी अधिकारियों को ट्रेनिंग दी। इसके अलावा, संस्थान के डिज़ाइन एंड इनोवेशन सेंटर ने साल भर में 44 पेटेंट फाइल किए।
राष्ट्रीय पहचान और योगदान की अपील
एसपीए विजयवाड़ा ने राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान बनाई, नासा रैंकिंग में दूसरा और एनओएसप्लान 2026 में पहला स्थान हासिल किया। प्रोफेसर श्रीकोंडा ने ग्रेजुएट्स को बधाई दी और उनसे टिकाऊ, समावेशी और मजबूत समुदाय बनाने में योगदान देने की अपील की। साथ ही ईमानदारी, रचनात्मकता और नवाचार के मूल्यों को बनाए रखने पर जोर दिया।
यह दीक्षांत समारोह इस बात का प्रतीक था कि संस्थान सामाजिक रूप से जिम्मेदार आर्किटेक्ट्स और प्लानर्स तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो वैश्विक चुनौतियों का सामना करने में सक्षम हैं।
स्रोत: The Hindu
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