सोना 4,000 डॉलर के नीचे, चांदी 60 डॉलर के पार टूटी, डॉलर का असर
अमेरिकी फेड के सख्त रुख और मजबूत डॉलर से सोना-चांदी 12 हफ्ते के निचले स्तर पर, MCX पर सोना करीब 1.47 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम।
इस हफ्ते सोने और चांदी की कीमतों को तगड़ा झटका लगा। मजबूत होते अमेरिकी डॉलर और फेडरल रिजर्व के सख्त संकेतों ने सोने-चांदी को करीब तीन महीने के सबसे निचले स्तर पर ला दिया। Comex पर सोना 4,000 डॉलर के नीचे चला गया और चांदी 60 डॉलर प्रति औंस के नीचे फिसल गई — दोनों धातुओं का ये 12 हफ्ते का सबसे निचला भाव है।
देश में भी दबाव साफ दखा। MCX पर सोना गिरकर करीब 1.47 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया, जबकि बीते सत्रों में चांदी करीब 6,000 रुपये प्रति किलो टूट गई। रिटेल बाजार में दिल्ली, मुंबई और कोलकाता में 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने के भाव नरम पड़े, जिससे शादी के सीजन में खरीदारी करने वालों को थोड़ी राहत मिली।
जानकार बताते हैं कि असली वजह अमेरिकी फेड का ब्याज दरों पर सख्त रुख है। जब फेड इशारा करता है कि दरें लंबे समय तक ऊंची रहेंगी, तो बॉन्ड यील्ड बढ़ती है और डॉलर मजबूत होता है — और इससे सोना, जिस पर कोई ब्याज नहीं मिलता, निवेशकों के लिए कम आकर्षक हो जाता है। ब्रोकरेज फर्म ING ने भी बढ़ती यील्ड और मजबूत डॉलर का हवाला देते हुए सोने-चांदी के अपने अनुमान घटा दिए हैं।
प्रतिशत के लिहाज से चांदी को सोने से भी बड़ा झटका लगा, क्योंकि ये धातु दोनों दिशाओं में ज्यादा तेजी से उतार-चढ़ाव दिखाती है। कारोबारियों ने कहा कि गिरावट की बड़ी वजह ग्लोबल संकेत रहे, न कि स्थानीय मांग में कोई बदलाव, जो भारत में शादी और त्योहारी महीनों के दौरान आमतौर पर मजबूत रहती है।
भारतीय परिवारों के लिए ये गिरावट दोधारी तलवार है। कम भाव शादी और त्योहारी खरीदारों के लिए अच्छी खबर है, लेकिन जिन्होंने ऊंचे भाव पर खरीदा था उन्हें फिलहाल नुकसान झेलना पड़ रहा है। एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि बड़ी खरीदारी से पहले डॉलर और फेड के अगले बयान पर नजर रखें, और एकसाथ खरीदने के बजाय थोड़ा-थोड़ा करके खरीदें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
इस हफ्ते सोने और चांदी की कीमतों में क्या बदलाव आया है?
इस हफ्ते सोने की कीमत 4,000 डॉलर के नीचे चली गई और चांदी 60 डॉलर प्रति औंस के नीचे फिसल गई।
सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट की असली वजह क्या है?
गिरावट की असली वजह अमेरिकी फेड का ब्याज दरों पर सख्त रुख है, जिससे डॉलर मजबूत हुआ है।
क्या भारत में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट का स्थानीय मांग पर असर पड़ा है?
नहीं, गिरावट का मुख्य कारण ग्लोबल संकेत हैं, स्थानीय मांग में कोई बदलाव नहीं आया है।
क्या शादी के सीजन में सोने की गिरती कीमतें खरीदारों के लिए अच्छी खबर हैं?
हाँ, कम भाव शादी और त्योहारी खरीदारों के लिए अच्छी खबर है।
एक्सपर्ट क्या सलाह देते हैं सोने की खरीदारी के लिए?
एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि बड़ी खरीदारी से पहले डॉलर और फेड के अगले बयान पर नजर रखें और थोड़ा-थोड़ा करके खरीदें।
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