बीजिंग की सोना खरीद से कीमतों में भारी उछाल की उम्मीद
बीजिंग के सोना खरीदने और हांगकांग ट्रेडिंग को बढ़ावा देने से सोने की कीमतों में जबरदस्त उछाल की संभावना बीजिंग और हांगकांग के ट्रेडिंग लिंक मजबूत करने की कोशिशों से सोने की कीमतें आसमान छूने को तैयार
बीजिंग और हांगकांग के ट्रेडिंग लिंक मजबूत करने की कोशिशों से सोने की कीमतें आसमान छूने को तैयार हैं। सेंट्रल बैंकों की बढ़ती मांग और चीन की रणनीतिक चालों के चलते, डॉयचे बैंक और गोल्डमैन सैक्स जैसे विशेषज्ञों ने सोने की कीमतों में भारी बढ़ोतरी का अनुमान लगाया है। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोने की कीमत जल्द ही 5,000 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है।
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बीजिंग का सोना खरीदना बढ़ा रहा उम्मीदें
चीन पिछले 20 महीनों से लगातार अपने सोने के भंडार को बढ़ा रहा है। दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक चीन की यह मांग सोने के बाजार में नई ऊर्जा भर रही है। बीजिंग सिर्फ सोना जमा करने तक सीमित नहीं है, बल्कि वह शंघाई गोल्ड एक्सचेंज को हांगकांग के ट्रेडिंग सिस्टम से बेहतर तरीके से जोड़ने की योजना बना रहा है।
शंघाई गोल्ड एक्सचेंज ने हाल ही में दोनों बाजारों के बीच सहयोग बढ़ाने और अपने अंतरराष्ट्रीय बोर्ड का विस्तार करने का वादा किया है। इससे विदेशी निवेशकों को युआन में सोने की ट्रेडिंग और क्रॉस-बॉर्डर सेटलमेंट सिस्टम तक पहुंच मिलेगी। इन कदमों से वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करने और मांग को और बढ़ाने की उम्मीद है।
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रिकॉर्ड स्तर पर सेंट्रल बैंकों की मांग
सेंट्रल बैंकों द्वारा सोने की खरीद रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। इस साल की दूसरी तिमाही में आधिकारिक मांग 45 बिलियन डॉलर के ऐतिहासिक स्तर पर रही। विशेषज्ञों का कहना है कि इस मांग का एक बड़ा हिस्सा रिपोर्ट नहीं किया गया है, जिससे बाजार में और भी दिलचस्पी बढ़ रही है।
दक्षिण कोरिया के सेंट्रल बैंक ने भी 13 साल बाद पहली बार सोना खरीदने की योजना बनाई है। उभरते बाजारों में बढ़ती दिलचस्पी यह दिखाती है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच सोना एक रणनीतिक संपत्ति के रूप में उभर रहा है।
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कीमतों में उछाल का अनुमान
डॉयचे बैंक ने अनुमान लगाया है कि साल के अंत तक सोने की कीमत 4,700 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है, जो पहले के 4,600 डॉलर के अनुमान से ज्यादा है। वहीं, स्टेट स्ट्रीट इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट के आकाश दोषी का मानना है कि 2027 के अंत तक सोने की कीमत 5,000 डॉलर प्रति औंस तक जा सकती है। चीन और अन्य उभरते बाजारों की लगातार खरीदारी इस बढ़ोतरी को और तेज कर सकती है।
गोल्डमैन सैक्स ने भी सोने की कीमतों को लेकर सकारात्मक रुख अपनाया है। उनका कहना है कि एनर्जी कॉस्ट और ब्याज दरों के दबाव के बावजूद सोने की कीमतों में "जबरदस्त" बढ़ोतरी की संभावना है।
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क्यों है यह अहम?
ये घटनाक्रम वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में बदलाव को दर्शाते हैं, जहां सोने को एक सुरक्षित निवेश के रूप में देखा जा रहा है। सेंट्रल बैंकों की बढ़ती मांग और चीन जैसे बड़े देशों की रणनीतिक चालें बुलियन मार्केट को नया आकार दे सकती हैं और हांगकांग को एक प्रमुख ट्रेडिंग हब के रूप में स्थापित कर सकती हैं। निवेशकों के लिए यह सोने की संभावित कीमतों में उछाल का फायदा उठाने का एक बड़ा मौका हो सकता है।
स्रोत: South China Morning Post
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
बीजिंग में सोने की खरीद से क्या उम्मीदें बढ़ रही हैं?
बीजिंग की सोने की खरीद और हांगकांग ट्रेडिंग को बढ़ावा देने से सोने की कीमतों में भारी उछाल की संभावना है।
कौन से बैंक सोने की कीमतों में बढ़ोतरी का अनुमान लगा रहे हैं?
डॉयचे बैंक और गोल्डमैन सैक्स जैसे विशेषज्ञ सोने की कीमतों में भारी बढ़ोतरी का अनुमान लगा रहे हैं।
चीन ने अपने सोने के भंडार को कब से बढ़ाना शुरू किया है?
चीन पिछले 20 महीनों से लगातार अपने सोने के भंडार को बढ़ा रहा है।
सेंट्रल बैंकों की मांग का क्या हाल है?
सेंट्रल बैंकों द्वारा सोने की खरीद रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है, इस साल की दूसरी तिमाही में आधिकारिक मांग 45 बिलियन डॉलर के ऐतिहासिक स्तर पर रही।
सोने की कीमतें कब तक बढ़ सकती हैं?
विशेषज्ञों का मानना है कि साल के अंत तक सोने की कीमत 4,700 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है।
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