गोएथे-सेंटर ने कोझिकोड में खोला नया एग्जाम सेंटर
गोएथे-सेंटर ने कोझिकोड में नया एग्जाम सेंटर खोला, उत्तर केरल में विस्तार गोएथे-सेंटर ने कोझिकोड में एग्जाम सेंटर शुरू किया, जर्मन भाषा सर्टिफिकेशन की बढ़ती मांग को पूरा करने की कोशिश गोएथे-सेंटर
गोएथे-सेंटर ने कोझिकोड में एग्जाम सेंटर शुरू किया, जर्मन भाषा सर्टिफिकेशन की बढ़ती मांग को पूरा करने की कोशिश
गोएथे-सेंटर त्रिवेंद्रम ने कोझिकोड में नया गोएथे एग्जामिनेशन सेंटर शुरू किया है, जिससे उत्तर केरल में इसका विस्तार हुआ है। ये सेंटर गोविंदपुरम के टीटी एवेन्यू में स्थित है। यहां पहली बार गोएथे सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन 19 अगस्त को होगा और उसके बाद हर महीने एग्जाम आयोजित किए जाएंगे। ये कदम मालाबार क्षेत्र में छात्रों और प्रोफेशनल्स के बीच जर्मन भाषा सर्टिफिकेशन की बढ़ती मांग को देखते हुए उठाया गया है।
उत्तर केरल के उम्मीदवारों के लिए राहत
कोझिकोड, कन्नूर, वायनाड, मलप्पुरम, कासरगोड और आसपास के जिलों के उम्मीदवारों को अब लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। पहले इन्हें गोएथे-ज़र्टिफिकेट एग्जाम देने के लिए दूर जाना पड़ता था। ये सर्टिफिकेशन, जो कॉमन यूरोपियन फ्रेमवर्क ऑफ रेफरेंस फॉर लैंग्वेजेज (CEFR) के तहत आते हैं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त हैं। जर्मनी में पढ़ाई और नौकरी के लिए ये सर्टिफिकेशन बहुत जरूरी हैं।
जर्मन भाषा की बढ़ती दिलचस्पी
गोएथे-इंस्टीट्यूट की साउथ एशिया लैंग्वेज प्रोग्राम डायरेक्टर एलेक्जेंड्रा मिटलर ने उत्तर केरल में युवाओं के बीच जर्मन भाषा के प्रति बढ़ती दिलचस्पी पर बात की। उन्होंने 17 अगस्त को कोझिकोड में मीडिया से कहा, "यहां के कई युवाओं के लिए जर्मनी नई शैक्षणिक और प्रोफेशनल संभावनाओं के दरवाजे खोल रहा है... कोझिकोड में नया गोएथे एग्जामिनेशन सेंटर हमारी इस बढ़ती मांग के जवाब में है।"
यह विस्तार ऐसे समय में हुआ है जब इस क्षेत्र के ज्यादा से ज्यादा छात्र और प्रोफेशनल्स जर्मनी में उच्च शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण के अवसर तलाश रहे हैं।
भाषा सर्टिफिकेशन से आगे: सांस्कृतिक दृष्टिकोण
यह पहल सिर्फ भाषा सर्टिफिकेशन तक सीमित नहीं है। गोएथे-सेंटर केरलम के डायरेक्टर सैयद इब्राहिम ने उत्तर केरल में भारत-जर्मन सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के अपने व्यापक विजन पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "कोझिकोड के लिए हमारा विजन सिर्फ एग्जामिनेशन तक सीमित नहीं है। गोएथे-सेंटर उत्तर केरल में अपनी स्थायी उपस्थिति बनाना चाहता है और यहां के लोगों को आधुनिक जर्मन संस्कृति का अनुभव करने के मौके देना चाहता है।"
भविष्य की योजनाओं में जर्मन फिल्म स्क्रीनिंग, म्यूजिक और परफॉर्मिंग आर्ट्स प्रोग्राम, साहित्यिक कार्यक्रम और वर्कशॉप शामिल हैं। इसके अलावा, स्थानीय यूनिवर्सिटी और एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन्स के साथ साझेदारी की योजना भी है। इन प्रयासों का मकसद इस क्षेत्र में लंबे समय तक सांस्कृतिक छाप छोड़ना है।
गोएथे-सेंटर की यात्रा में एक अहम पड़ाव
केरल में दो दशकों से ज्यादा समय से शैक्षणिक और सांस्कृतिक काम कर रहे गोएथे-सेंटर त्रिवेंद्रम के लिए कोझिकोड का नया सेंटर एक अहम मील का पत्थर है। यह न सिर्फ राज्य में उनकी मौजूदगी को मजबूत करता है, बल्कि जर्मन भाषा शिक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को और ज्यादा लोगों तक पहुंचाने की उनकी प्रतिबद्धता को भी दिखाता है।
स्रोत: The Hindu
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
गोएथे-सेंटर ने कोझिकोड में कब नया एग्जाम सेंटर खोला?
गोएथे-सेंटर ने कोझिकोड में नया एग्जाम सेंटर खोला है, जो 19 अगस्त को पहली बार गोएथे सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन आयोजित करेगा।
नए एग्जाम सेंटर का फायदा किसे होगा?
नए एग्जाम सेंटर का फायदा कोझिकोड, कन्नूर, वायनाड, मलप्पुरम, कासरगोड और आसपास के जिलों के उम्मीदवारों को होगा।
जर्मन भाषा सर्टिफिकेशन क्यों जरूरी है?
जर्मन भाषा सर्टिफिकेशन, जो CEFR के तहत आते हैं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त हैं और जर्मनी में पढ़ाई और नौकरी के लिए बहुत जरूरी हैं।
गोएथे-सेंटर की भविष्य की योजनाएं क्या हैं?
गोएथे-सेंटर की भविष्य की योजनाओं में जर्मन फिल्म स्क्रीनिंग, म्यूजिक और परफॉर्मिंग आर्ट्स प्रोग्राम, साहित्यिक कार्यक्रम और वर्कशॉप शामिल हैं।
गोएथे-सेंटर का विजन क्या है?
गोएथे-सेंटर का विजन उत्तर केरल में अपनी स्थायी उपस्थिति बनाना और यहां के लोगों को आधुनिक जर्मन संस्कृति का अनुभव कराने का है।
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