केरल के ओणम बाजारों में शुरू हुआ डिजिटल सिस्टम, किसानों को तुरंत भुगतान मिलेगा
केरल के 2,000 ओणम बाजारों में नया डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च। किसानों को सीधे बैंक खातों में भुगतान मिलेगा। बाजारों की ग्रेडिंग भी शुरू की गई।
केरल के कृषि विभाग ने शनिवार को राज्य भर में शुरू हुए 2,000 खास ओणम बाजारों में किसानों को भुगतान और बाजार के प्रदर्शन को ट्रैक करने के लिए एक नया डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है।
इस इंटीग्रेटेड सिस्टम से किसानों के बकाया पैसे सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर होंगे और सप्लाई चेन के हर चरण पर नजर रहेगी—खरीद से लेकर आखिरी रिटेल बिक्री तक। कृषि मंत्री टी. सिद्दीक के नेतृत्व में हुए औपचारिक उद्घाटन समारोह में स्पेशल सेक्रेटरी (कृषि) टी.वी. सुभाष ने इस डिजिटल सिस्टम को लॉन्च किया।
दक्षता के आधार पर बाजारों की ग्रेडिंग
विभाग ने खास बाजारों को बिक्री और मार्केटिंग दक्षता के आधार पर रैंक देने के लिए तीन स्तरीय ग्रेडिंग सिस्टम—'ए,' 'बी,' और 'सी'—शुरू किया है, यह कदम इस त्योहार के सीजन में आउटलेट्स के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने और प्रदर्शन सुधारने के लिए उठाया गया है।
इन बाजारों में सब्जियां और फल बेचने वाले किसानों को खुले बाजार के मौजूदा भाव से 10% ज्यादा मिलता है, जबकि उपभोक्ता उसी सामान को 30% छूट पर खरीदते हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म से विभाग भुगतान में देरी खत्म कर सकेगा क्योंकि पैसा सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर होगा।
2,000 आउटलेट चालू
कृषि भवन—विभाग के फील्ड ऑफिस—1,074 बाजार चला रहे हैं, जबकि हॉर्टिकल्चर प्रोडक्ट्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (होर्टीकॉर्प) 766 चला रही है और वेजिटेबल एंड फ्रूट प्रमोशन काउंसिल केरलम (वीएफपीसीके) बाकी 160 आउटलेट संभाल रहा है। राज्य सरकार ने इस साल अपनी मार्केट इंटरवेंशन सपोर्ट स्कीम के तहत ओणम त्योहार के दौरान खास बाजारों को फंड देने और सब्जी-फल की कीमतें स्थिर रखने के लिए ₹10.74 करोड़ आवंटित किए हैं।
विभाग ने कहा कि डिजिटल सिस्टम से ऑपरेशन की शुरू से आखिर तक जानकारी मिलेगी, जिससे अधिकारी सप्लाई या कीमत से जुड़ी समस्याओं पर तेजी से कार्रवाई कर सकेंगे।
स्रोत: The Hindu
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
केरल के ओणम बाजारों में डिजिटल सिस्टम किसानों के लिए क्या फायदा लाएगा?
डिजिटल सिस्टम से किसानों को तुरंत भुगतान मिलेगा। पैसा सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर होगा, जिससे भुगतान में देरी खत्म हो जाएगी। साथ ही, सप्लाई चेन के हर चरण पर नजर रहेगी, जिससे कीमतें और सप्लाई से जुड़ी समस्याओं का तेजी से समाधान हो सकेगा।
ओणम बाजारों में किसानों को उपभोक्ताओं से कितना ज्यादा दाम मिलता है?
ओणम बाजारों में सब्जियां और फल बेचने वाले किसानों को खुले बाजार के भाव से 10% ज्यादा दाम मिलता है। इसी समय उपभोक्ता उसी सामान को 30% की छूट पर खरीद सकते हैं।
ये 2,000 ओणम बाजार कौन संभाल रहे हैं?
कृषि विभाग के फील्ड ऑफिस कृषि भवन 1,074 बाजार चला रहे हैं। होर्टीकॉर्प 766 बाजार संचालित कर रहा है और वीएफपीसीके बाकी 160 आउटलेट संभाल रहा है।
बाजारों की ग्रेडिंग का क्या मतलब है?
विभाग ने ओणम बाजारों को 'ए,' 'बी,' और 'सी' में ग्रेड दिया है। यह ग्रेडिंग बिक्री और मार्केटिंग दक्षता के आधार पर की गई है। इससे त्योहार के सीजन में आउटलेट्स के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और प्रदर्शन भी सुधरेगा।
इस साल ओणम के लिए सरकार ने कितना बजट दिया है?
राज्य सरकार ने अपनी मार्केट इंटरवेंशन सपोर्ट स्कीम के तहत ₹10.74 करोड़ आवंटित किए हैं। इस पैसे से ओणम त्योहार के दौरान खास बाजारों को फंड दिया जाएगा और सब्जी-फल की कीमतें स्थिर रखी जाएंगी।
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