News Darpan भारत का डिजिटल दर्पण
खोज
ताज़ा
हमीरपुर में स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण, देशभक्ति का जश्नहमीरपुर में 80वें स्वतंत्रता दिवस का जश्न धूमधाम से मनाया गयागुरावली में बंद आंगनवाड़ी केंद्र पर ग्रामीणों का हंगामाकर्नाटक मंत्री ने 15 अगस्त को झंडा फहराने से मांगी छूट, बीजेपी का हमलापिता ने 11 महीने की बेटी को यमुना में फेंका, पत्नी को भी मारने की कोशिशगाजियाबाद में पुलिस-आरोपियों के बीच मुठभेड़, दोनों घायलजर्मनी में हेलिकॉप्टर क्रैश, पायलट की मौतदिल्ली पुलिस ने नेपाल से जुड़े ₹109 करोड़ के चरस नेटवर्क का भंडाफोड़ किया
National General

स्टीवन श्वार्ट्ज: 1.6 बिलियन डॉलर की कंपनी से बने 650 करोड़पति

मिलिए स्टीवन श्वार्ट्ज से: वो Gen Z एंटरप्रेन्योर जिसने बचपन में पानी की बोतलें बेचीं और 1.6 बिलियन डॉलर की कंपनी बनाई, जिसने 650 करोड़पति बनाए स्टीवन श्वार्ट्ज, एक Gen Z एंटरप्रेन्योर, जिन्होंने

News Darpan AI image
News Darpan AI image

मिलिए स्टीवन श्वार्ट्ज से: वो Gen Z एंटरप्रेन्योर जिसने बचपन में पानी की बोतलें बेचीं और 1.6 बिलियन डॉलर की कंपनी बनाई, जिसने 650 करोड़पति बनाए

स्टीवन श्वार्ट्ज, एक Gen Z एंटरप्रेन्योर, जिन्होंने Whop नाम की 1.6 बिलियन डॉलर की कंपनी बनाई है। ये प्लेटफॉर्म डिजिटल एंटरप्रेन्योर को अपने ऑनलाइन ऑडियंस से कमाई करने का नया तरीका दे रहा है। Whop ने न सिर्फ डिजिटल एंटरप्रेन्योरशिप को बदला है, बल्कि 650 से ज्यादा लोगों को करोड़पति भी बनाया है।

बचपन से ही एंटरप्रेन्योर बनने का जुनून
स्टीवन श्वार्ट्ज का बचपन आम बच्चों जैसा नहीं था। उनका परिवार मिलिट्री और मेडिकल बैकग्राउंड से था, और वो कई देशों में रहे। चीन, सिंगापुर, होनोलूलू, शिकागो और स्प्रिंगफील्ड (इलिनॉय) जैसे शहरों में रहने से उन्होंने हर माहौल में पैसे कमाने के तरीके ढूंढे। चीन में उन्होंने सड़कों पर पानी की बोतलें बेचीं, तो अमेरिका में हॉकी रेफरी का काम किया।

13 साल की उम्र तक उन्होंने डिजिटल दुनिया में कदम रख दिया था। घर बैठे iOS ऐप्स बनाकर बेचते थे। उनका एक प्रोजेक्ट ऐसा सॉफ्टवेयर बनाना था, जो लोगों को लिमिटेड-एडिशन स्नीकर्स खरीदने में मदद करता था। ये अनुभव उनके आगे के प्रोजेक्ट्स की नींव बना।

NYU से Whop तक का सफर
स्टीवन ने न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी (NYU) के स्टर्न स्कूल ऑफ बिजनेस में पढ़ाई की। पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने इंडस्ट्री में भी अनुभव लिया। सिंगापुर में Accenture के साथ इंटर्नशिप के दौरान उन्होंने ऑटोमेशन प्रोजेक्ट्स पर काम किया, जैसे कि लॉजिस्टिक्स कंपनियों के लिए चैटबॉट्स बनाना। यहां उन्होंने बड़े कॉरपोरेट स्ट्रक्चर और छोटे डिजिटल प्रोजेक्ट्स की तेजी के बीच का फर्क समझा।

2021 में ग्रेजुएशन के बाद उन्होंने Whop लॉन्च किया। ये एक डिजिटल मार्केटप्लेस है, जो क्रिएटर्स को उनके ऑडियंस से कमाई करने के लिए कोर्स, कम्युनिटी, टूल्स और डिजिटल प्रोडक्ट्स बेचने का प्लेटफॉर्म देता है। Whop का फोकस सेलिब्रिटी इनफ्लुएंस पर नहीं, बल्कि माइक्रो-निचेस पर है, जिससे लोग कई इनकम स्ट्रीम बना सकें।

Whop का ग्लोबल प्लेटफॉर्म बनना
Whop ने जल्दी ही पॉपुलैरिटी हासिल की। क्रिएटर्स, जो पहले अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर बेचते थे, अब Whop पर आ गए। यहां लोग फिटनेस प्लान, ट्रेडिंग ग्रुप्स, सॉफ्टवेयर टूल्स और निच कोचिंग जैसे डिजिटल प्रोडक्ट्स बेच सकते हैं। इस मॉडल ने कई यूजर्स को उनके साइड प्रोजेक्ट्स को बड़ी इनकम स्ट्रीम में बदलने में मदद की।

कंपनी की ग्रोथ बड़े इन्वेस्टमेंट्स से हुई। Insight Partners के नेतृत्व में 17 मिलियन डॉलर का सीरीज A राउंड और Bain Capital Ventures के नेतृत्व में सीरीज B राउंड हुआ। फरवरी में Tether ने 200 मिलियन डॉलर का इन्वेस्टमेंट किया, जिससे Whop की वैल्यू 1.6 बिलियन डॉलर हो गई। अब तक कंपनी ने लगभग 272 मिलियन डॉलर की फंडिंग जुटाई है।

डिजिटल एंटरप्रेन्योर को सशक्त बनाना
Whop का नेटवर्क अब 145 देशों में फैला है। ये हर साल करीब 4 बिलियन डॉलर का कॉमर्स और हर महीने लगभग 300 मिलियन डॉलर की सेल्स करता है। प्लेटफॉर्म पर कई क्रिएटर्स ने छोटे-मोटे सेल्स को 6 या 7 फिगर इनकम में बदला है। कंपनी के आंकड़ों के मुताबिक, हर दिन 10-15 यूजर्स 20,000 डॉलर कमाते हैं, और 650 से ज्यादा यूजर्स करोड़पति बन चुके हैं।

स्टीवन श्वार्ट्ज का सफर, पानी की बोतलें बेचने से लेकर बिलियन-डॉलर कंपनी चलाने तक, डिजिटल दुनिया में आए बड़े बदलाव को दिखाता है। Whop की सफलता बताती है कि ऑनलाइन निच ऑडियंस और खुद से शुरू किए गए डिजिटल बिजनेस में कितनी ताकत है।

सबसे ज़्यादा पढ़ी गई

  1. 1

    श्रावस्ती में आधार कार्ड सेंटरों पर अवैध वसूली का मामला सामने आया

  2. 2

    गाजियाबाद में स्वतंत्रता दिवस पर भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन

  3. 3

    राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में नवाचार कार्यशाला का आयोजन

  4. 4

    राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में ‘फ्री थिंकर्स क्लब’ की शुरुआत

  5. 5

    शिक्षक पर शराब पीकर स्कूल आने का आरोप, ग्रामीणों का हंगामा

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली टिप्पणी करें।

टिप्पणियाँ समीक्षा के बाद प्रकाशित होती हैं।