तमिल मानिला कांग्रेस ने वासन को उपचुनावों पर गठबंधन का फैसला लेने का अधिकार दिया
तमिल मानिला कांग्रेस ने अध्यक्ष जी.के. वासन को मदुरांतकम और धारापुरम उपचुनावों पर गठबंधन का फैसला करने का अधिकार दिया।
TMC(M) के पदाधिकारियों ने जी.के. वासन को दो विधानसभा उपचुनावों पर पार्टी के रुख का फैसला करने का पूरा अधिकार दिया
तमिल मानिला कांग्रेस (मूपनार) के अध्यक्ष जी.के. वासन के पास अब यह फैसला करने का पूरा अधिकार है कि मदुरांतकम और धारापुरम विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनावों में उनकी पार्टी किसी भी राजनीतिक गठबंधन का समर्थन करेगी या नहीं।
यह फैसला वासन ने जिला अध्यक्षों और पार्टी के राज्य स्तर के पदाधिकारियों के साथ बुलाई गई बैठक में लिया गया। TMC(M) की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया कि पार्टी नेतृत्व ने वासन को यह अधिकार दिया है कि वे दोनों सीटों पर किसी भी गठबंधन को समर्थन देने का फैसला कर सकते हैं।
48 घंटे के अंदर फैसले की उम्मीद
विज्ञप्ति में कहा गया कि पार्टी दो दिन में अपना रुख साफ कर सकती है।
यह कदम TMC(M) के लिए एक अहम संगठनात्मक बदलाव है, जो 2026 के विधानसभा चुनावों में AIADMK के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का हिस्सा थी। पार्टी अध्यक्ष को फैसला लेने का अधिकार देने से यह साफ होता है कि नेतृत्व उपचुनावों से पहले गठबंधन की राजनीति में लचीलापन चाहता है।
पार्टी ने चेन्नई में अपने मुख्यालय पर '60 साल बाद राजनीति में बदलाव और लोग क्या सोचते हैं' विषय पर एक बैठक भी आयोजित की। वासन और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने इस बैठक में बात रखी।
स्रोत: The Hindu
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
तमिल मानिला कांग्रेस ने वासन को क्या अधिकार दिया है?
TMC(M) ने जी.के. वासन को मदुरांतकम और धारापुरम विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनावों में पार्टी के रुख का फैसला करने का पूरा अधिकार दिया है। वासन अब यह तय कर सकते हैं कि पार्टी किसी गठबंधन को समर्थन देगी या नहीं।
यह फैसला कौन लेता है - पूरी पार्टी या सिर्फ वासन?
यह फैसला अकेले वासन लेंगे। जिला अध्यक्षों और राज्य स्तर के पदाधिकारियों की बैठक में पार्टी नेतृत्व ने उन्हें यह अधिकार दिया है।
पार्टी कब तक अपना फैसला बता देगी?
TMC(M) ने कहा है कि वह 48 घंटे के अंदर अपना रुख साफ कर सकती है, यानी लगभग दो दिन में।
क्या यह पार्टी के लिए कोई बड़ा बदलाव है?
हां, यह TMC(M) के लिए एक अहम संगठनात्मक बदलाव है। पार्टी 2026 के विधानसभा चुनावों में AIADMK के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का हिस्सा थी। अब नेतृत्व उपचुनावों में गठबंधन की राजनीति में लचीलापन दिखा रहा है।
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