फॉर्मूला ई ड्राइवर्स ईयरपीस से एनर्जी मैनेजमेंट कैसे करते हैं
जेरमिया बर्टन ने बताया कैसे ड्राइवर्स ईयरपीस से बैटरी चार्जिंग और थ्रॉटल छोड़ने के संकेत लेते हैं बॉडी: फॉर्मूला ई ड्राइवर्स कैसे ईयरपीस से एनर्जी मैनेजमेंट करते हैं BigTime के जेरमिया बर्टन ने
जेरमिया बर्टन ने बताया कैसे ड्राइवर्स ईयरपीस से बैटरी चार्जिंग और थ्रॉटल छोड़ने के संकेत लेते हैं
बॉडी:
फॉर्मूला ई ड्राइवर्स कैसे ईयरपीस से एनर्जी मैनेजमेंट करते हैं
BigTime के जेरमिया बर्टन ने फॉर्मूला ई रेसिंग में इस्तेमाल होने वाली एडवांस्ड एनर्जी मैनेजमेंट स्ट्रैटजी के बारे में दिलचस्प जानकारी दी है। Coding the Chaos नाम की डॉक्यूमेंट्री सीरीज के लेटेस्ट एपिसोड में बर्टन ने फॉर्मूला ई ड्राइवर्स और रेस इंजीनियर्स के साथ मिलकर बताया कि कैसे ऑडियो संकेत ड्राइवर्स की परफॉर्मेंस को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
फॉर्मूला ई ड्राइवर्स "बीप्स एंड बॉप्स" नाम के सिस्टम पर निर्भर रहते हैं, जो उनके रेडियो ईयरपीस के जरिए रियल-टाइम में ऑडियो संकेत देता है। ये संकेत उन्हें बताते हैं कि कब थ्रॉटल छोड़ना है, कब स्पीड बढ़ानी है और कब बैटरी को रीजेनेरेशन के जरिए चार्ज करना है। ये सिस्टम रेस से पहले तय की गई एनर्जी स्ट्रैटजी को लागू करने में मदद करता है, क्योंकि रेस के दौरान इंजीनियर्स लाइव डेटा को पूरी तरह से मॉनिटर नहीं कर सकते।
Envision Racing के ड्राइवर सेबास्टियन बुएमी ने इस सिस्टम के काम करने का तरीका समझाया। उन्होंने बताया कि ड्राइवर्स को अपनी कार के डिस्प्ले पर विजुअल सिग्नल्स और ईयरपीस में ऑडियो सिग्नल्स मिलते हैं, जो उन्हें बताते हैं कि कब स्पीड कम करनी है, बैटरी चार्ज करनी है या रीजेनेरेटिव ब्रेकिंग करनी है। इसका मकसद है कि ड्राइवर्स बेस्ट लैप टाइम हासिल करें और साथ ही ज्यादा से ज्यादा एनर्जी बचा सकें।
एक रेस इंजीनियर ने इस सिस्टम की तुलना रोजमर्रा की ड्राइविंग से की। उन्होंने कहा कि ये ऐसा है जैसे आपके कान में बीप्स आएं जो आपको बताए कि रेड लाइट पर बिना ज्यादा ब्रेक इस्तेमाल किए स्मूथली रुकने के लिए कब थ्रॉटल छोड़ना है। ये प्रिसिजन ड्राइवर्स को रेस के दौरान एफिशिएंसी और कंट्रोल बनाए रखने में मदद करता है।
Coding the Chaos सीरीज लगातार फॉर्मूला ई की इनोवेटिव टेक्नोलॉजी को दिखा रही है, जिससे फैंस को इस खेल की खास रणनीतियों को समझने का मौका मिल रहा है। एपिसोड 4 अब उपलब्ध है, जिसमें बताया गया है कि कैसे ये ऑडियो संकेत इलेक्ट्रिक रेसिंग में एनर्जी मैनेजमेंट को बदल रहे हैं।
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