फिशरीज़ मंत्री ने मछुआरों के कल्याण को दी प्राथमिकता
फिशरीज़ मंत्री ने मछुआरों के लिए नई मत्स्य पालन सुविधाएं और कोल्ड स्टोरेज शुरू किए। आधुनिक तकनीक से मछली उत्पादन बढ़ाने की योजना।
फिशरीज़ मंत्री V.E. अब्दुल गफूर ने डिपार्टमेंट को कड़े कानूनी रवैये से हटकर मछुआरों के कल्याण के प्रोग्राम को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है। यह पॉलिसी में बदलाव उस वक्त आया है जब इस सेक्टर को सरकार से ज़्यादा मदद की ज़रूरत है।
पोन्नानी में फिशरीज़ और हार्बर इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट की ज़िला स्तरीय रिव्यू मीटिंग में बोलते हुए गफूर ने अहम खाली पदों को भरने और मलप्पुरम में डिपार्टमेंट के काम को मज़बूत करने की योजना का ऐलान किया। यहां 70 किलोमीटर का तटीय इलाका है।
वेलियनकोड में नई प्रोडक्शन यूनिट
मंत्री ने वेलियनकोड में मत्स्यफेड श्रिम्प सीड प्रोडक्शन सेंटर में एक लाइव फिश वेंडिंग सेंटर, एक रीसर्क्युलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम (RAS) और बायोफ्लॉक यूनिट का उद्घाटन किया। ये सुविधाएं आधुनिक तकनीक से अंतर्देशीय मछली पालन बढ़ाने के लिए बनाई गई हैं।
लाइव फिश वेंडिंग कियोस्क से ग्राहक तालाबों में पाली गई ज़िंदा स्नेकहेड और तिलापिया मछली खरीद सकेंगे। RAS और बायोफ्लॉक यूनिट में कम पानी की ज़रूरत होती है और छह महीने में मछली तैयार हो जाती है। सेंटर का लक्ष्य सालाना करीब 10 टन प्रोडक्शन का है।
कोल्ड स्टोरेज फैसिलिटी शुरू
गफूर ने पोन्नानी हार्बर में पांच टन क्षमता वाली कोल्ड स्टोरेज फैसिलिटी का भी उद्घाटन किया, जो प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत ₹30 लाख की लागत से बनाई गई है।
मंत्री ने कहा कि सरकार आने वाले सालों में अंतर्देशीय जलाशयों और अन्य उपयुक्त जगहों पर मछली प्रोडक्शन बढ़ाने की योजना बना रही है।
सलाह-मशवरे की मांग
उद्घाटन की अध्यक्षता करने वाले विधायक K.P. नौशाद अली ने कहा कि मछुआरों के अधिकारों की रक्षा ज़रूरी है और प्रोजेक्ट लागू करने से पहले चुने हुए प्रतिनिधियों और स्थानीय पक्षों को जानकारी देकर सलाह ली जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों और ठेकेदारों द्वारा स्थानीय प्रतिनिधियों और लोगों से सलाह लिए बिना फैसले लेने और पैसा खर्च करने की आलोचना की।
उद्घाटन में मत्स्यफेड चेयरमैन T. मनोहरन, पेरुम्पडप्पू ब्लॉक पंचायत प्रेसिडेंट रमीना इस्माइल, मत्स्यफेड गवर्निंग बोर्ड सदस्य P.P. सैथलवी और वार्ड काउंसिलर अशरफ T.K. और U. मुनीब मौजूद थे। रिव्यू मीटिंग में ज़िले में फिशरीज़ और हार्बर इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के काम को बेहतर बनाने के उपायों पर भी चर्चा हुई।
स्रोत: The Hindu
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
फिशरीज़ मंत्री ने डिपार्टमेंट को क्या निर्देश दिया है?
मंत्री V.E. अब्दुल गफूर ने डिपार्टमेंट को कानूनी रवैये से हटकर मछुआरों के कल्याण के प्रोग्राम को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है।
वेलियनकोड में कौन सी नई सुविधाएं शुरू की गईं?
वेलियनकोड में लाइव फिश वेंडिंग सेंटर, RAS (रीसर्क्युलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम) और बायोफ्लॉक यूनिट का उद्घाटन किया गया। ये सुविधाएं आधुनिक तकनीक से अंतर्देशीय मछली पालन बढ़ाने के लिए बनाई गई हैं।
RAS और बायोफ्लॉक यूनिट की क्या खासियत है?
इन यूनिटों में कम पानी की ज़रूरत होती है और सिर्फ छह महीने में मछली तैयार हो जाती है। सेंटर का लक्ष्य सालाना करीब 10 टन प्रोडक्शन का है।
पोन्नानी हार्बर में कोल्ड स्टोरेज फैसिलिटी कितनी क्षमता की है?
पोन्नानी हार्बर में पांच टन क्षमता वाली कोल्ड स्टोरेज फैसिलिटी शुरू की गई है, जो प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत ₹30 लाख की लागत से बनाई गई है।
विधायक K.P. नौशाद अली ने क्या मांग की है?
विधायक ने कहा कि प्रोजेक्ट लागू करने से पहले चुने हुए प्रतिनिधियों और स्थानीय पक्षों को जानकारी देकर सलाह ली जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों द्वारा स्थानीय लोगों से सलाह लिए बिना फैसले लेने की आलोचना की।
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