केरल सीएम ने चिड़ियाघर शिफ्ट करने की फिर पैरवी की
केरलम सीएम ने चिड़ियाघर को शिफ्ट करने की फिर वकालत की मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने बुधवार को कहा कि तिरुवनंतपुरम चिड़ियाघर में रखे गए जानवरों को ऐसी जगह …
मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने बुधवार को कहा कि तिरुवनंतपुरम चिड़ियाघर में रखे गए जानवरों को ऐसी जगह ले जाना चाहिए, जो उनके लिए ज्यादा बेहतर हो. इसके साथ ही उन्होंने उस प्रस्ताव को फिर दोहराया, जिसे लेकर शहर में लोगों का विरोध शुरू हो गया है.
कैबिनेट बैठक के बाद मीडियाकर्मियों से बात करते हुए श्री सतीशन ने कहा कि उन्होंने ‘रीइमैजिनिंग केरलम’ राउंडटेबल कॉन्फ्रेंस में तिरुवनंतपुरम चिड़ियाघर को दूसरी जगह शिफ्ट करने का प्रस्ताव इसलिए रखा था, क्योंकि शहर के बीचोंबीच जानवरों को रखना उनके साथ क्रूरता जैसा है.
उन्होंने कहा कि इस तरह की शिफ्टिंग से जो जगह खाली होगी, उसे ऐसी जगह में बदला जाएगा जिस पर शहर को गर्व होगा.
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यह जगह किसी को बेचने के लिए नहीं है.
चिड़ियाघर में विरोध
शिफ्टिंग प्लान का विरोध बुधवार शाम भी जारी रहा. केरल एनजीओ यूनियन ने चिड़ियाघर में एक कार्यक्रम किया.
इस विरोध कार्यक्रम का उद्घाटन अभिनेता और लेफ्ट के साथी रहे पी. श्रीकुमार ने किया.
श्री श्रीकुमार ने अपने बचपन के दिनों से लेकर सुबह की सैर और शूटिंग तक, चिड़ियाघर और म्यूजियम कॉम्प्लेक्स से अपने जुड़ाव को याद किया. उन्होंने इसे शहर का ग्रीन लंग बताया.
उन्होंने कहा कि 55 एकड़ के इस प्लॉट में बेहद कीमती पेड़-पौधे और जीव-जंतु शामिल हैं.
अभिनेता ने इस कॉम्प्लेक्स को एक सांस्कृतिक केंद्र और कई लोगों, जिनमें बुजुर्ग और बीमार लोग भी शामिल हैं, के मिलने-जुलने की जगह भी बताया.
उन्होंने कहा, “यूडीएफ के सत्ता में आने के तुरंत बाद आया यह शिफ्टिंग प्लान यहां के संसाधनों को हटाने की कोशिश है.”
श्री श्रीकुमार ने कहा कि अभी जितने लोग चिड़ियाघर आते हैं, अगर इसे कहीं और शिफ्ट किया गया तो उनमें से 10% लोग भी वहां नहीं पहुंचेंगे.
उन्होंने शहर के लोगों से अपील की कि वे शहर के बीचोंबीच मौजूद चिड़ियाघर की रक्षा करने का संकल्प लें.
विवाद के केंद्र में विरासत और पहुंच
पूर्व मेयर वी.के. प्रशांत ने कहा कि 167 साल पुराना चिड़ियाघर शहर की संस्कृति और विरासत का अहम हिस्सा है.
1859 में इसकी स्थापना से लेकर आज तक इसके विकास को याद करते हुए उन्होंने कहा कि मैडिसन स्क्वायर जैसी कोई जगह, कोई कमर्शियल कॉम्प्लेक्स या कोई मॉल बनाने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन यह केवल ऐसी जगह पर होना चाहिए जहां इसके लिए जमीन हो.
श्री प्रशांत ने कहा कि मुख्यमंत्री ने जिसे ‘सपना’ बताया था, उसे स्वास्थ्य मंत्री ने सिर्फ कुछ दिन बाद फैसला बता दिया.
उन्होंने कहा कि हर साल करीब 14 लाख लोग चिड़ियाघर आते हैं, मुख्य रूप से इसलिए क्योंकि अलग-अलग जरूरतों से शहर आने वाले लोगों के लिए यहां पहुंचना आसान है.
श्री प्रशांत ने कहा, “यह कॉम्प्लेक्स दुनिया में एक दुर्लभ जगह है, जहां केवल चिड़ियाघर ही नहीं, बल्कि म्यूजियम और आर्ट गैलरी भी हैं. किसी को भी इस जगह को बिगाड़ने नहीं दिया जाएगा.”
श्री प्रशांत ने कहा, “जिले में कहीं और चिड़ियाघर बनाने या उससे होने वाले विकास का कोई विरोध नहीं कर रहा है. हमारी मांग यह है कि यहां मौजूद चिड़ियाघर को छुआ न जाए.”
चिड़ियाघर के कर्मचारी भी विरोध में शामिल हुए.
इन अलग-अलग रुखों ने एक तरफ मुख्यमंत्री की ओर से उठाए गए पशु कल्याण के मुद्दे को रखा है, और दूसरी तरफ प्रदर्शनकारियों की ओर से उठाए गए सार्वजनिक पहुंच, विरासत और चिड़ियाघर तथा म्यूजियम कॉम्प्लेक्स की सांस्कृतिक भूमिका के दावों को.
श्री सतीशन के लिए मुख्य बात यह है कि अगर ज्यादा बेहतर आवास दिया जा सकता है, तो जानवरों को शहर के बीचोंबीच नहीं रखा जाना चाहिए.
प्रदर्शनकारियों के लिए वही जगह अपनी हरियाली, अपने पेड़-पौधों और जीव-जंतुओं, अपने लंबे इतिहास और निवासियों तथा आगंतुकों के मिलने-जुलने की जगह के रूप में अपनी भूमिका के कारण महत्वपूर्ण है.
मुख्यमंत्री के इस भरोसे के बावजूद कि खाली होने वाली जगह बेची नहीं जाएगी, विरोध खत्म नहीं हुआ है. चिड़ियाघर में हुए कार्यक्रम में बोलने वाले लोग मौजूदा कॉम्प्लेक्स की रक्षा करने की मांग लगातार करते रहे.
स्रोत: The Hindu
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
केरल के मुख्यमंत्री ने तिरुवनंतपुरम चिड़ियाघर को लेकर क्या प्रस्ताव रखा है?
मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने तिरुवनंतपुरम चिड़ियाघर को किसी बेहतर जगह पर शिफ्ट करने की वकालत की है, क्योंकि उनका मानना है कि शहर के बीचोंबीच जानवरों को रखना उनके साथ क्रूरता है।
चिड़ियाघर को शिफ्ट करने के प्रस्ताव का विरोध क्यों किया जा रहा है?
विरोध करने वालों का कहना है कि 167 साल पुराना यह चिड़ियाघर शहर की संस्कृति, विरासत और 'ग्रीन लंग' का हिस्सा है, जहां लोगों का आना-जाना बहुत आसान है।
इस चिड़ियाघर को शिफ्ट करने के बाद खाली होने वाली जगह का क्या किया जाएगा?
मुख्यमंत्री ने कहा है कि शिफ्टिंग के बाद जो जगह खाली होगी, उसे शहर के लिए एक गर्व की जगह में बदला जाएगा और यह जमीन किसी को बेची नहीं जाएगी।
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