फिरोजाबाद के स्कूलों में खतरनाक स्तर की छात्र अनुपस्थिति का खुलासा
फिरोजाबाद के जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने शनिवार को जिले के बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों का अचानक निरीक्षण किया।
फिरोजाबाद के जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने शनिवार को जिले के बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों का अचानक निरीक्षण किया। फिरोजाबाद ब्लॉक इलाके में उन्होंने प्राथमिक विद्यालय नगला डरुआ, नगला खरसुली और उच्च प्राथमिक विद्यालय नगला खरसुली का दौरा किया। इस निरीक्षण में बच्चों की हाजिरी की गंभीर समस्या सामने आई और स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं में भी कमी दिखी।
प्राथमिक विद्यालय नगला डरुआ में 119 दर्ज बच्चों में से सिर्फ 25 छात्र और 5 शिक्षक मौजूद थे। जिलाधिकारी ने कक्षा 5 में जाकर छात्र मनीष से हिंदी की किताब पढ़वाई और उसकी तारीफ की। उन्होंने बच्चों को टॉफी बांटी और उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने मध्याह्न भोजन की क्वालिटी देखी जो निर्धारित मेन्यू के मुताबिक बन रही थी। जिलाधिकारी ने स्कूल के सामने खाली जमीन को खेल के मैदान के तौर पर देने के प्रधानाचार्या के अनुरोध पर नियम के मुताबिक जल्द कार्रवाई का भरोसा दिया।
उच्च प्राथमिक विद्यालय खरसुली में 74 पंजीकृत विद्यार्थियों में से महज 10 छात्र हाजिर पाए गए। जिलाधिकारी ने बच्चों से शरीर के अंगों के नाम पूछे जिसके सही जवाब मिले। यहां पेयजल और शौचालयों की हालत संतोषजनक रही। स्कूल परिसर में बने जर्जर आंगनबाड़ी भवन को सुरक्षा के लिहाज से तुरंत गिराने के आदेश दिए गए। प्राथमिक विद्यालय नगला खरसुली में 89 में से 52 बच्चे और 4 शिक्षक मौजूद मिले।
जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि बेसिक शिक्षा के स्तर में सुधार सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने शिक्षकों की शत-प्रतिशत हाजिरी, बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने और बेहतर शिक्षा देने पर जोर दिया। किसी भी तरह की लापरवाही पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई। निरीक्षण के दौरान सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी भूपेन्द्र सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
फिरोजाबाद के स्कूलों में क्या समस्या मिली?
जिलाधिकारी के निरीक्षण में बच्चों की हाजिरी में गंभीर समस्या सामने आई। प्राथमिक विद्यालय नगला डरुआ में 119 में से सिर्फ 25 छात्र मौजूद थे और उच्च प्राथमिक विद्यालय खरसुली में 74 में से महज 10 छात्र हाजिर पाए गए।
जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान क्या-क्या देखा?
उन्होंने कक्षा में पढ़ाई की जांच की, बच्चों को प्रश्न पूछे, मध्याह्न भोजन की क्वालिटी देखी और पेयजल व शौचालयों की स्थिति की जांच की। उन्होंने बच्चों को टॉफी भी बांटी और उनका हौसला बढ़ाया।
जिलाधिकारी ने क्या निर्देश दिए?
उन्होंने शिक्षकों की शत-प्रतिशत हाजिरी, बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने और बेहतर शिक्षा देने पर जोर दिया। लापरवाही पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई। साथ ही जर्जर आंगनबाड़ी भवन को तुरंत गिराने के आदेश दिए।
स्कूलों में शिक्षकों की कितनी हाजिरी मिली?
प्राथमिक विद्यालय नगला डरुआ में 5 शिक्षक मौजूद थे, प्राथमिक विद्यालय नगला खरसुली में 4 शिक्षक मौजूद मिले। उच्च प्राथमिक विद्यालय में भी शिक्षकों की उपस्थिति कम थी।
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