फिरोजाबाद में निर्माण की खबर बनाने पहुंचे यूट्यूबर से शिक्षकों की कथित बदसलूकी
फिरोजाबाद के पूर्व माध्यमिक विद्यालय शैलई में भवन निर्माण की गुणवत्ता पर खबर बनाने पहुंचे एक यूट्यूबर के साथ शिक्षकों द्वारा कथित अभद्रता किए जाने का मामला सामने आया है।
फिरोजाबाद के पूर्व माध्यमिक विद्यालय शैलई में भवन निर्माण की गुणवत्ता पर खबर बनाने पहुंचे एक यूट्यूबर के साथ शिक्षकों द्वारा कथित अभद्रता किए जाने का मामला सामने आया है। यह विद्यालय बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित है। यूट्यूबर स्कूल में चल रहे निर्माण कार्य की गुणवत्ता और इस्तेमाल की जा रही सामग्री की स्थिति की जानकारी लेने पहुंचा था।
घटना से जुड़ा एक वीडियो यूट्यूबर ने अपनी फेसबुक आईडी पर वायरल किया है। वीडियो में कुछ शिक्षक उसके साथ कथित तौर पर बदसलूकी करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
बताया गया है कि यूट्यूबर पूर्व माध्यमिक विद्यालय शैलई की बिल्डिंग में चल रहे निर्माण कार्य की खबर बनाने के लिए मौके पर पहुंचा था। उसका मकसद निर्माण की गुणवत्ता और वहां इस्तेमाल की जा रही सामग्री के बारे में जानकारी लेना था। इसी दौरान शिक्षकों के साथ उसकी कथित तौर पर अभद्रता हुई।
मामले को लेकर सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि अगर निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप था और इस्तेमाल की जा रही सामग्री गुणवत्तापूर्ण थी, तो खबर बनाने पर आपत्ति क्यों जताई गई? मौके पर मौजूद शिक्षक कैमरे के सामने निर्माण की गुणवत्ता और सामग्री के बारे में जानकारी दे सकते थे।
सरकारी स्कूल में हो रहे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाना और उसकी जानकारी जुटाना अपने आप में गलत नहीं है। ऐसे में यह सवाल भी उठ रहा है कि यूट्यूबर के साथ कथित अभद्रता की स्थिति क्यों बनी। वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे पूरे घटनाक्रम की वास्तविकता अभी जांच का विषय है।
मामला सामने आने के बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी से इसका संज्ञान लेने की मांग की गई है। साथ ही, वायरल वीडियो और मौके पर हुई कथित अभद्रता की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी उठ रही है। लोगों का कहना है कि जांच के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि वीडियो में दिखाई दे रहे घटनाक्रम की असल स्थिति क्या थी।
सवाल यह भी है कि अगर निर्माण कार्य सही था तो कैमरे से परेशानी क्यों हुई। यदि काम पूरी तरह मानकों के अनुरूप है, तो जांच और खबर से घबराने के बजाय विभाग को तथ्यों के साथ स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
बेसिक शिक्षा अधिकारी को वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर मामले की गंभीरता से जांच करानी चाहिए। जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए और यदि संबंधित शिक्षक दोषी पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता और स्कूल में चल रही गतिविधियों को लेकर उठ रहे सवालों की स्थिति भी साफ हो सकेगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
फिरोजाबाद में मामला किस स्कूल का है?
मामला बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित पूर्व माध्यमिक विद्यालय शैलई का है।
यूट्यूबर स्कूल क्यों पहुंचा था?
यूट्यूबर स्कूल में चल रहे भवन निर्माण की गुणवत्ता और इस्तेमाल की जा रही सामग्री की जानकारी लेने पहुंचा था।
यूट्यूबर के साथ क्या हुआ?
आरोप है कि मौके पर मौजूद शिक्षकों ने यूट्यूबर के साथ अभद्रता की। इसका वीडियो उसने अपनी Facebook आईडी पर शेयर किया।
मामले में क्या मांग की गई है?
वायरल वीडियो और कथित अभद्रता की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है। दोषी पाए जाने पर संबंधित शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई है।
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