ग्वालियर में बिजली बिल न भरने से 5 हजार छात्रों की पढ़ाई प्रभावित
ग्वालियर में सरकारी स्कूलों का बिजली बिल जमा नहीं होने का सीधा असर करीब 5 हजार छात्रों की पढ़ाई पर पड़ा है। बिल बकाया रहने के कारण स्मार्ट मीटर के जरिए स्कूलों के बिजली कनेक्शन ऑटोमेटिक कट गए।
ग्वालियर में सरकारी स्कूलों का बिजली बिल जमा नहीं होने का सीधा असर करीब 5 हजार छात्रों की पढ़ाई पर पड़ा है। बिल बकाया रहने के कारण स्मार्ट मीटर के जरिए स्कूलों के बिजली कनेक्शन ऑटोमेटिक कट गए। दो दिन से स्कूलों में बिजली नहीं है। पंखे बंद पड़े हैं और गर्मी-उमस के बीच बच्चों को कक्षाओं में बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। हालात का असर अब छात्रों की उपस्थिति पर भी दिखाई देने लगा है।
कक्षाओं में बिजली नहीं होने से पंखे नहीं चल रहे हैं। गर्म और उमस भरे कमरों में बच्चों को घंटों बैठना पड़ रहा है। स्कूलों में छोटे बच्चे भी पढ़ते हैं। गर्मी और उमस के कारण कई छात्र स्कूल आने से बच रहे हैं। इससे छात्रों की संख्या में कमी आई है और पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
बिजली नहीं होने का असर सिर्फ कक्षाओं तक सीमित नहीं है। शिक्षकों के लिए भी सामान्य तरीके से कक्षाएं संचालित करना मुश्किल हो गया है। अध्ययन कार्य के साथ स्कूलों का कार्यालयीन कामकाज भी प्रभावित हो रहा है। बिजली और पंखों की सुविधा नहीं होने से बच्चों और शिक्षकों दोनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्कूलों का बिजली बिल समय पर जमा नहीं होने से कनेक्शन काटे गए। भुगतान में देरी प्रशासनिक स्तर पर हुई, लेकिन उसका सीधा असर विद्यार्थियों पर पड़ा। सवाल यह है कि बिल बकाया होने की जानकारी पहले से होने के बावजूद भुगतान की व्यवस्था समय रहते क्यों नहीं की गई।
स्मार्ट मीटर की ऑटोमेटिक कटौती व्यवस्था ने स्थिति को और गंभीर बना दिया। बिल जमा नहीं होने के बाद कनेक्शन अपने आप कट गया। कनेक्शन कटने के साथ ही स्कूलों में बिजली और पंखे बंद हो गए। दो दिन में ही इसका असर कक्षाओं के संचालन और छात्रों की उपस्थिति पर नजर आने लगा।
विद्यालय के प्राचार्य विजय कुमार पीपरोलिया ने बताया, “दो दिन से लाइट बंद, छात्र कम आ रहे।” उन्होंने कहा कि स्कूल की बिजली दो दिनों से बंद है। बिजली विभाग की टीम भी स्कूल पहुंची थी, लेकिन अभी तक सप्लाई बहाल नहीं हुई है।
विजय कुमार पीपरोलिया ने बताया कि बिजली नहीं होने से अध्ययन कार्य प्रभावित हो रहा है। इसके साथ ही स्कूल का कार्यालयीन कामकाज भी सामान्य तरीके से नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि स्कूल में छोटे बच्चे पढ़ते हैं और गर्मी-उमस के कारण उनकी उपस्थिति प्रभावित हुई है। छात्रों की संख्या में कमी आई है।
प्राचार्य ने बताया कि विद्युत विभाग से बात हुई है। विभाग की ओर से जल्द बिजली शुरू करने का आश्वासन मिला है। हालांकि, दो दिन से बंद सप्लाई के कारण स्कूल में पढ़ाई और दूसरी जरूरी गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।
पूर्व संभाग के डीजीएम अजीत राजपूत ने बताया कि बिजली बिल बकाया होने के कारण कनेक्शन काटे गए थे। उन्होंने कहा कि शासन से कनेक्शन बहाल करने के आदेश मिल चुके हैं। जल्द ही बिजली कनेक्शन जोड़कर सप्लाई सुचारू कर दी जाएगी।
अब सवाल सिर्फ यह नहीं है कि स्कूलों में कनेक्शन कब जुड़ेगा और बिजली कब आएगी। सवाल यह भी है कि स्कूलों का बिजली बिल समय पर जमा क्यों नहीं हुआ। ऐसी स्थिति बनने से पहले जिम्मेदार अधिकारियों ने क्या कदम उठाए। करीब 5 हजार बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने की नौबत क्यों आई।
एक तरफ स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर जोर दिया जा रहा है। दूसरी तरफ बिजली जैसी बुनियादी सुविधा के अभाव में छात्र गर्मी और उमस के बीच कक्षाओं में बैठने को मजबूर हैं। कनेक्शन जुड़ने के बाद बिजली व्यवस्था सामान्य हो जाएगी, लेकिन बिल भुगतान में हुई लापरवाही की जिम्मेदारी तय होगी या नहीं, यह बड़ा सवाल बना हुआ है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ग्वालियर में कितने छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हुई?
बिजली बिल जमा नहीं होने से करीब 5 हजार छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हुई।
स्कूलों की बिजली क्यों काटी गई?
बिजली बिल बकाया रहने के कारण स्मार्ट मीटर से स्कूलों के कनेक्शन अपने आप कट गए।
बिजली कटने से स्कूलों में क्या असर पड़ा?
पंखे बंद हो गए, गर्मी-उमस में पढ़ाई प्रभावित हुई और छात्रों की उपस्थिति भी कम हो गई।
स्कूलों में बिजली कब तक बहाल होने की उम्मीद है?
डीजीएम अजीत राजपूत के मुताबिक, कनेक्शन जोड़कर जल्द बिजली सप्लाई शुरू की जाएगी।
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