News Darpan भारत का डिजिटल दर्पण
ताज़ा
मुरैना में खेत की मेड़ विवाद के बाद युवक की मौत, चार घायलमधुबनी में गड्ढे में जाने के बाद बोलेरो पलटी, पुलिस चालक की मौतसीवान में चाय विवाद में 75 वर्षीय बुजुर्ग की हत्या की खबरबच्चों के विवाद में युवक की हत्या, आरोपी गिरफ्तार; कुल्हाड़ी बरामदशामली में तेज रफ्तार स्कॉर्पियो पलटी, चालक समेत दो युवकों की मौतशामली में विवाद सुलझाने पहुंची डायल 112 गाड़ी पर पथराव, चालक घायलग्वालियर GRMC में कथित मारपीट के विरोध में जूनियर डॉक्टरों की हड़तालबेटी के इलाज को तीन दिन भटके पिता, अस्पताल पर लापरवाही का आरोप
Business Explainer

भारत के 5 सबसे पुराने बाजार, सदियों से कायम हैं

भारत के 5 सबसे पुराने बाजार, जो सदियों से कायम हैं भारत के पुराने बाजार इतिहास के ज़िंदा गवाह हैं, जहां सदियों पुरानी परंपराएं और आधुनिक कारोबार का मेल दिखता है।

भारत के 5 सबसे पुराने बाजार, सदियों से कायम हैं
News Darpan AI image

भारत के पुराने बाजार इतिहास के ज़िंदा गवाह हैं, जहां सदियों पुरानी परंपराएं और आधुनिक कारोबार का मेल दिखता है। मुगल दौर के बाज़ारों से लेकर ब्रिटिश काल के स्ट्रक्चर्स तक, ये चहल-पहल भरे हब आज भी फल-फूल रहे हैं और देश की समृद्ध सांस्कृतिक और आर्थिक विरासत की झलक दिखाते हैं। आइए, भारत के पांच सबसे पुराने और आज भी सक्रिय बाजारों पर नज़र डालते हैं।

चांदनी चौक: दिल्ली में मुगल विरासत
मुगल बादशाह शाहजहां ने अपनी बेटी जहांआरा बेगम के डिज़ाइन पर चांदनी चौक का निर्माण करवाया था। चांदनी चौक का नाम एक चांदनी रात में बहने वाली नहर से जुड़ा है। आज यह बाजार संकरी गलियों का एक जाल है, जहां ज्वेलरी, कपड़े, मसाले और मशहूर खाने-पीने की दुकानों की भरमार है। यहां खारी बावली (एशिया का सबसे बड़ा मसाला बाजार), परांठे वाली गली, दरिबा कलां और किनारी बाजार जैसे प्रमुख आकर्षण हैं। चांदनी चौक दिखाता है कि कैसे विरासत वाले स्थान आधुनिक ज़रूरतों के साथ तालमेल बिठाते हुए अपनी पुरानी पहचान बनाए रखते हैं।

जौहरी बाजार: जयपुर का योजनाबद्ध बाजार
1727 में महाराजा सवाई जय सिंह द्वितीय ने जयपुर की स्थापना के साथ जौहरी बाजार का निर्माण करवाया। यह बाजार अपने हाथ से बने गहनों, रत्नों, मीनाकारी, लाख की चूड़ियों और पारंपरिक राजस्थानी कपड़ों के लिए मशहूर है। इसकी गुलाबी दीवारें और समरूप डिज़ाइन इसे देखने लायक बनाते हैं। यह बाजार पर्यटकों और शादी की खरीदारी करने वालों के बीच खासा लोकप्रिय है। जौहरी बाजार जयपुर की वास्तुकला और शिल्पकला की गहरी समझ को दर्शाता है।

लाड़ बाजार: हैदराबाद का चूड़ी बाजार
हैदराबाद के ऐतिहासिक चारमीनार के पास स्थित लाड़ बाजार की शुरुआत 1500 के दशक में कुतुब शाही शासनकाल में हुई थी। इसे “चूड़ी बाजार” के नाम से भी जाना जाता है। यहां लाख की चूड़ियां, मोती, इत्र, कढ़ाई वाले कपड़े और पारंपरिक हैदराबादी शादी का सामान मिलता है। रमज़ान और ईद जैसे त्योहारों के दौरान यह बाजार और भी रंगीन हो जाता है। यह बाजार हैदराबादी संस्कृति और त्योहारों से गहरे जुड़ाव को दर्शाता है।

इमा केइथल: मणिपुर में महिलाओं का बाजार
इंफाल में स्थित इमा केइथल, जिसे “मदर्स मार्केट” भी कहते हैं, शायद भारत का सबसे अनोखा और ऐतिहासिक बाजार है। सदियों से यह बाजार केवल महिलाओं द्वारा चलाया जा रहा है और इसे दुनिया का सबसे बड़ा महिला-प्रबंधित बाजार माना जाता है। यहां हज़ारों महिलाएं सब्जियां, मछली, हथकरघा कपड़े, हस्तशिल्प और घरेलू सामान बेचती हैं। यह बाजार मणिपुर में महिलाओं की उद्यमशीलता और सामाजिक प्रभाव का प्रतीक है।

क्रॉफर्ड मार्केट: मुंबई का औपनिवेशिक आकर्षण
ब्रिटिश शासनकाल में बना क्रॉफर्ड मार्केट विक्टोरियन गॉथिक आर्किटेक्चर और पारंपरिक भारतीय शिल्प का मेल है। हालांकि यह सूची के अन्य बाजारों की तुलना में नया है, लेकिन यह भारत के सबसे पुराने नगरपालिका बाजारों में से एक है। यहां ताजे फल-सब्जियां, आयातित सामान, मसाले, सूखे मेवे, फूल और त्योहारों की खरीदारी के लिए भीड़ उमड़ती है। क्रॉफर्ड मार्केट दिखाता है कि कैसे औपनिवेशिक विरासत को भारत के शहरी ताने-बाने में सहजता से शामिल किया गया है।

इन बाजारों का महत्व
ये ऐतिहासिक बाजार सिर्फ खरीदारी की जगह नहीं हैं, बल्कि ये सांस्कृतिक धरोहर हैं जिन्होंने भारत की पहचान को आकार दिया है। ये सदियों पुरानी व्यापार, शिल्पकला और सामुदायिक जीवन की झलक देते हैं और आज भी महत्वपूर्ण आर्थिक केंद्र बने हुए हैं। इन बाज़ारों में घूमना सिर्फ भीड़भाड़ वाली गलियों से गुजरना नहीं, बल्कि इतिहास के साथ कदमताल करना है।

स्रोत: Indian Express

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत के पांच पुराने और आज भी सक्रिय बाजार कौन से हैं?

चांदनी चौक, जौहरी बाजार, लाड़ बाजार, इमा केइथल और क्रॉफर्ड मार्केट भारत के पुराने और आज भी सक्रिय बाजार हैं।

चांदनी चौक का निर्माण किसने करवाया था?

मुगल बादशाह शाहजहां ने अपनी बेटी जहांआरा बेगम के डिजाइन पर चांदनी चौक का निर्माण करवाया था।

जौहरी बाजार किस चीज के लिए मशहूर है?

जौहरी बाजार हाथ से बने गहनों, रत्नों, मीनाकारी, लाख की चूड़ियों और पारंपरिक राजस्थानी कपड़ों के लिए मशहूर है।

लाड़ बाजार को चूड़ी बाजार क्यों कहा जाता है?

लाड़ बाजार में लाख की चूड़ियां बड़ी मात्रा में मिलती हैं, इसलिए इसे चूड़ी बाजार भी कहा जाता है।

इमा केइथल बाजार की खासियत क्या है?

इमा केइथल सदियों से केवल महिलाओं द्वारा चलाया जा रहा है और इसे दुनिया का सबसे बड़ा महिला-प्रबंधित बाजार माना जाता है।

सबसे ज़्यादा पढ़ी गई

  1. 1

    श्रावस्ती में सपा बैठक में हंगामा, नेता का माइक छीनने का आरोप

  2. 2

    शामली में 50 से ज्यादा दुकानों के नाम कथित फर्जी बिल, लाखों भुगतान

  3. 3

    शामली महिला का रिश्तेदारों पर 15 लाख के जेवर ले जाने का आरोप

  4. 4

    गन्ने की फसल नुकसान और मारपीट के आरोप, डीएम से जांच की मांग

  5. 5

    हाथरस में आयुष्मान संविदा कर्मियों ने सौंपा ज्ञापन, 22 अक्टूबर से कार्य बहिष्कार की …

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली टिप्पणी करें।

टिप्पणियाँ समीक्षा के बाद प्रकाशित होती हैं।