भारत के 5 सबसे पुराने बाजार, सदियों से कायम हैं
भारत के 5 सबसे पुराने बाजार, जो सदियों से कायम हैं भारत के पुराने बाजार इतिहास के ज़िंदा गवाह हैं, जहां सदियों पुरानी परंपराएं और आधुनिक कारोबार का मेल दिखता है।
भारत के पुराने बाजार इतिहास के ज़िंदा गवाह हैं, जहां सदियों पुरानी परंपराएं और आधुनिक कारोबार का मेल दिखता है। मुगल दौर के बाज़ारों से लेकर ब्रिटिश काल के स्ट्रक्चर्स तक, ये चहल-पहल भरे हब आज भी फल-फूल रहे हैं और देश की समृद्ध सांस्कृतिक और आर्थिक विरासत की झलक दिखाते हैं। आइए, भारत के पांच सबसे पुराने और आज भी सक्रिय बाजारों पर नज़र डालते हैं।
चांदनी चौक: दिल्ली में मुगल विरासत
मुगल बादशाह शाहजहां ने अपनी बेटी जहांआरा बेगम के डिज़ाइन पर चांदनी चौक का निर्माण करवाया था। चांदनी चौक का नाम एक चांदनी रात में बहने वाली नहर से जुड़ा है। आज यह बाजार संकरी गलियों का एक जाल है, जहां ज्वेलरी, कपड़े, मसाले और मशहूर खाने-पीने की दुकानों की भरमार है। यहां खारी बावली (एशिया का सबसे बड़ा मसाला बाजार), परांठे वाली गली, दरिबा कलां और किनारी बाजार जैसे प्रमुख आकर्षण हैं। चांदनी चौक दिखाता है कि कैसे विरासत वाले स्थान आधुनिक ज़रूरतों के साथ तालमेल बिठाते हुए अपनी पुरानी पहचान बनाए रखते हैं।
जौहरी बाजार: जयपुर का योजनाबद्ध बाजार
1727 में महाराजा सवाई जय सिंह द्वितीय ने जयपुर की स्थापना के साथ जौहरी बाजार का निर्माण करवाया। यह बाजार अपने हाथ से बने गहनों, रत्नों, मीनाकारी, लाख की चूड़ियों और पारंपरिक राजस्थानी कपड़ों के लिए मशहूर है। इसकी गुलाबी दीवारें और समरूप डिज़ाइन इसे देखने लायक बनाते हैं। यह बाजार पर्यटकों और शादी की खरीदारी करने वालों के बीच खासा लोकप्रिय है। जौहरी बाजार जयपुर की वास्तुकला और शिल्पकला की गहरी समझ को दर्शाता है।
लाड़ बाजार: हैदराबाद का चूड़ी बाजार
हैदराबाद के ऐतिहासिक चारमीनार के पास स्थित लाड़ बाजार की शुरुआत 1500 के दशक में कुतुब शाही शासनकाल में हुई थी। इसे “चूड़ी बाजार” के नाम से भी जाना जाता है। यहां लाख की चूड़ियां, मोती, इत्र, कढ़ाई वाले कपड़े और पारंपरिक हैदराबादी शादी का सामान मिलता है। रमज़ान और ईद जैसे त्योहारों के दौरान यह बाजार और भी रंगीन हो जाता है। यह बाजार हैदराबादी संस्कृति और त्योहारों से गहरे जुड़ाव को दर्शाता है।
इमा केइथल: मणिपुर में महिलाओं का बाजार
इंफाल में स्थित इमा केइथल, जिसे “मदर्स मार्केट” भी कहते हैं, शायद भारत का सबसे अनोखा और ऐतिहासिक बाजार है। सदियों से यह बाजार केवल महिलाओं द्वारा चलाया जा रहा है और इसे दुनिया का सबसे बड़ा महिला-प्रबंधित बाजार माना जाता है। यहां हज़ारों महिलाएं सब्जियां, मछली, हथकरघा कपड़े, हस्तशिल्प और घरेलू सामान बेचती हैं। यह बाजार मणिपुर में महिलाओं की उद्यमशीलता और सामाजिक प्रभाव का प्रतीक है।
क्रॉफर्ड मार्केट: मुंबई का औपनिवेशिक आकर्षण
ब्रिटिश शासनकाल में बना क्रॉफर्ड मार्केट विक्टोरियन गॉथिक आर्किटेक्चर और पारंपरिक भारतीय शिल्प का मेल है। हालांकि यह सूची के अन्य बाजारों की तुलना में नया है, लेकिन यह भारत के सबसे पुराने नगरपालिका बाजारों में से एक है। यहां ताजे फल-सब्जियां, आयातित सामान, मसाले, सूखे मेवे, फूल और त्योहारों की खरीदारी के लिए भीड़ उमड़ती है। क्रॉफर्ड मार्केट दिखाता है कि कैसे औपनिवेशिक विरासत को भारत के शहरी ताने-बाने में सहजता से शामिल किया गया है।
इन बाजारों का महत्व
ये ऐतिहासिक बाजार सिर्फ खरीदारी की जगह नहीं हैं, बल्कि ये सांस्कृतिक धरोहर हैं जिन्होंने भारत की पहचान को आकार दिया है। ये सदियों पुरानी व्यापार, शिल्पकला और सामुदायिक जीवन की झलक देते हैं और आज भी महत्वपूर्ण आर्थिक केंद्र बने हुए हैं। इन बाज़ारों में घूमना सिर्फ भीड़भाड़ वाली गलियों से गुजरना नहीं, बल्कि इतिहास के साथ कदमताल करना है।
स्रोत: Indian Express
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत के सबसे पुराने बाजार कौन से हैं?
भारत के पांच सबसे पुराने बाजार हैं: चांदनी चौक, जौहरी बाजार, लाड़ बाजार, इमा केइथल, और क्रॉफर्ड मार्केट।
चांदनी चौक का क्या महत्व है?
चांदनी चौक दिल्ली में मुगल विरासत का प्रतीक है और यहां ज्वेलरी, कपड़े, मसाले और खाने-पीने की दुकानों की भरमार है।
इमा केइथल बाजार किसलिए जाना जाता है?
इमा केइथल, जिसे 'मदर्स मार्केट' भी कहते हैं, दुनिया का सबसे बड़ा महिला-प्रबंधित बाजार है, जहां महिलाएं सब्जियां, मछली और हस्तशिल्प बेचती हैं।
जौहरी बाजार में क्या मिलता है?
जौहरी बाजार जयपुर में हाथ से बने गहने, रत्न, मीनाकारी और पारंपरिक राजस्थानी कपड़े के लिए मशहूर है।
क्रॉफर्ड मार्केट का क्या खास है?
क्रॉफर्ड मार्केट मुंबई में विक्टोरियन गॉथिक आर्किटेक्चर और भारतीय शिल्प का मेल है, और यह ताजे फल-सब्जियां और मसाले खरीदने के लिए प्रसिद्ध है।
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