खाने के बाद ब्लड शुगर बढ़ना: खतरा या सामान्य प्रक्रिया?
क्या खाने के बाद ब्लड शुगर बढ़ना खतरनाक है? खाने के बाद ब्लड शुगर का बढ़ना एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन सोशल मीडिया पर चल रहे ट्रेंड्स की वजह से इसे लेकर लोग ज्यादा सतर्क हो गए हैं।
खाने के बाद ब्लड शुगर का बढ़ना एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन सोशल मीडिया पर चल रहे ट्रेंड्स की वजह से इसे लेकर लोग ज्यादा सतर्क हो गए हैं। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि हर बार ब्लड शुगर का बढ़ना खतरनाक नहीं होता।
सामान्य और खतरनाक बढ़ोतरी में फर्क
डायटीशियन और डायबिटीज एजुकेटर कनिका मल्होत्रा बताती हैं कि खाने के बाद ब्लड शुगर का बढ़ना पाचन प्रक्रिया का हिस्सा है। जब हम कार्बोहाइड्रेट खाते हैं, तो ग्लूकोज खून में जाता है और इंसुलिन इसे नियंत्रित करता है। आमतौर पर, एक से दो घंटे में यह लेवल फिर सामान्य हो जाता है। यह किसी खराबी का संकेत नहीं है, बल्कि शरीर की सामान्य प्रक्रिया है।
लेकिन अगर ब्लड शुगर बहुत ज्यादा बढ़ता है, बार-बार बढ़ता है, या सामान्य स्तर पर लौटने में देर लगती है, तो यह चिंता का कारण हो सकता है। यह इंसुलिन रेजिस्टेंस का संकेत हो सकता है, जो टाइप 2 डायबिटीज की शुरुआत हो सकती है। मल्होत्रा का कहना है कि अगर खाने के बाद ब्लड शुगर 140 mg/dL से ज्यादा या फास्टिंग लेवल 100 mg/dL से ज्यादा हो, तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। हालांकि, कभी-कभार ज्यादा खाने से ब्लड शुगर बढ़ना सामान्य है और स्वस्थ लोगों के लिए खतरनाक नहीं है।
सोशल मीडिया पर सलाह क्यों भ्रामक हो सकती है
सोशल मीडिया पर ग्लूकोज मैनेजमेंट को लेकर काफी चिंता बढ़ गई है। यहां कई बार ऐसी सलाह दी जाती है जो वैज्ञानिक आधार पर सही नहीं होती, जैसे खाली पेट फल न खाना या लगातार Continuous Glucose Monitor (CGM) से ब्लड शुगर ट्रैक करना। मल्होत्रा कहती हैं कि ऐसी आदतें वैज्ञानिक रूप से सही नहीं हैं और इनसे खाने-पीने पर बेवजह की पाबंदियां लग सकती हैं। इससे नेचुरली मीठे फूड्स का डर और हेल्थ के नाम पर गलत खानपान की आदतें बढ़ सकती हैं।
हमारे शरीर का मेटाबॉलिज्म सामान्य उतार-चढ़ाव को संभालने के लिए बना है। छोटी-मोटी बढ़ोतरी को लेकर ज्यादा चिंता करने से स्ट्रेस बढ़ सकता है, जो ब्लड शुगर को और बिगाड़ सकता है।
ब्लड शुगर कंट्रोल के लिए सही तरीके
खाने के बाद ब्लड शुगर को नियंत्रित करने के लिए कुछ रिसर्च-आधारित तरीके हैं:
- कार्बोहाइड्रेट खाने से पहले सब्जियां और प्रोटीन खाएं।
- खाने के बाद थोड़ी देर टहलें।
- फाइबर, प्रोटीन और हेल्दी फैट से भरपूर बैलेंस्ड मील लें।
- प्रोसेस्ड फूड और रिफाइंड शुगर से बचें।
- नींद को प्राथमिकता दें, जिससे इंसुलिन सेंसिटिविटी बेहतर होती है।
- नियमित एक्सरसाइज और स्ट्रेस मैनेजमेंट पर ध्यान दें।
मल्होत्रा का कहना है कि मूवमेंट, नींद और बैलेंस्ड डाइट जैसे टिकाऊ उपाय लंबे समय तक ब्लड शुगर कंट्रोल के लिए ज्यादा फायदेमंद हैं, बजाय इसके कि खाने-पीने पर बेवजह की पाबंदियां लगाई जाएं।
नतीजा
स्वस्थ लोगों के लिए ब्लड शुगर को बिल्कुल फ्लैट रखने की कोशिश करना जरूरी नहीं है। कभी-कभार ब्लड शुगर का बढ़ना पाचन प्रक्रिया का हिस्सा है। ब्लड शुगर को कंट्रोल करने के लिए ओवरऑल पैटर्न और प्रैक्टिकल आदतों पर ध्यान देना ज्यादा सही तरीका है।
स्रोत: Indian Express
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या खाने के बाद ब्लड शुगर बढ़ना सामान्य है?
हां, खाने के बाद ब्लड शुगर बढ़ना पाचन प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा है। आमतौर पर यह एक से दो घंटे में फिर सामान्य हो जाता है।
खाने के बाद ब्लड शुगर कब चिंता की बात हो सकती है?
अगर ब्लड शुगर बहुत ज्यादा या बार-बार बढ़े, या सामान्य स्तर पर लौटने में देर लगे, तो यह चिंता की बात हो सकती है।
कब डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए?
अगर खाने के बाद ब्लड शुगर 140 mg/dL से ज्यादा या फास्टिंग लेवल 100 mg/dL से ज्यादा हो, तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
ब्लड शुगर कंट्रोल करने के लिए क्या करें?
सब्जियां और प्रोटीन पहले खाएं, खाने के बाद थोड़ी देर टहलें, बैलेंस्ड मील लें, प्रोसेस्ड फूड और रिफाइंड शुगर से बचें और नींद, एक्सरसाइज व स्ट्रेस मैनेजमेंट पर ध्यान दें।
सबसे ज़्यादा पढ़ी गई
- 1
श्रावस्ती में सपा बैठक में हंगामा, नेता का माइक छीनने का आरोप
- 2
शामली में 50 से ज्यादा दुकानों के नाम कथित फर्जी बिल, लाखों भुगतान
- 3
शामली महिला का रिश्तेदारों पर 15 लाख के जेवर ले जाने का आरोप
- 4
हाथरस में आयुष्मान संविदा कर्मियों ने सौंपा ज्ञापन, 22 अक्टूबर से कार्य बहिष्कार की …
- 5
गन्ने की फसल नुकसान और मारपीट के आरोप, डीएम से जांच की मांग
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली टिप्पणी करें।